*उत्तर पश्चिम रेलवे ने लोडिंग में किया उत्कृष्ट प्रदर्शन*
*माल लदान में 120% एवं औसत गति में 14.76% अधिक वृद्धि दर प्राप्त की*
कोविड महामारी से उत्पन्न चुनौतियों के बावजूद, उत्तर पश्चिम रेलवे ने वित्तीय वर्ष 2021-22 में मई माह तक 4.29 मिलियन टन माल लोड करके उत्तर पश्चिम रेलवे के इतिहास में अब तक की सर्वाधिक लोडिंग की है। उत्तर पश्चिम रेलवे पर सीमेंट, क्लिंकर, खाद्यान्न, पेट्रोलियम, कन्टेनर सहित अन्य प्रमुख कमोडिटी का परिवहन किया जाता है।
उत्तर पश्चिम रेलवे के उपमहाप्रबन्धक/मुख्य जनसम्पर्क अधिकारी लेफ्टिनेंट शशि किरण के अनुसार चालू वित्त वर्ष 2021-22 में मई माह तक 4.29 मिलियन टन का प्रारंभिक लदान हासिल किया है, जो 2020-21 की इसी अवधि में प्राप्त 1.9 मीट्रिक टन से 119.79% अधिक है।
उत्तर पश्चिम रेलवे पर वर्ष 2020-21 में अजमेर मंडल पर 5.92 मिलियन टन, बीकानेर मंडल पर 3.47 मिलियन टन, जयपुर मंडल पर 8.16 मिलियन टन व जोधपुर मण्डल पर 4.69 मिलियन टन माल लोंडिग की गई।
रेलवे बोर्ड द्वारा उत्तर पश्चिम रेलवे के विगत वर्ष के माल लदान के प्रदर्शन को देखते हुये इस वर्ष अधिक लदान का लक्ष्य प्रदान किया है। उल्लेखनीय है कि उत्तर पश्चिम रेलवे ने वर्ष 2020-21 में 22.24 मिलियन टन माल लदान किया तथा इस वित्तीय वर्ष में रेलवे बोर्ड द्वारा 26.50 मिलियन टन का लक्ष्य प्रदान किया है।
उत्तर पश्चिम रेलवे ने मालगाड़ियों की मई माह तक 47.25 किमी प्रति घंटे की औसत गति प्राप्त की है, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि में हासिल की गई 41.17 किमी प्रति घंटे की औसत गति से 14.76% अधिक है। रेलवे का प्रयास है कि मालगाड़ियों की औसत गति को बढाकर तीव्र गति से माल परिवहन को गतंव्य तक पहुंचाया जाये।
लेफ्टिनेंट शशि किरण ने बताया कि उत्तर पश्चिम रेलवे कि यह उपलब्धि महाप्रबन्धक श्री आनन्द प्रकाश के कुशल निर्देशन एवं प्रमुख मुख्य परिचालन प्रबन्धक श्री रवीन्द्र गोयल के मार्गदर्शन से सम्भव हो पाई है। उत्तर पश्चिम रेलवे पर लदान आय बढ़ाने के लिए नवीन प्रयासों के तहत खेमली, बांगड़ ग्राम, अनूपगढ़, अलवर, गोटन, कनकपुरा, थेयात हमीरा, भगत की कोठी, गोटन स्टेशनों पर नई मदों की लोडिंग प्रारंभ की गई है। साथ ही देबारी (उदयपुर) में औद्योगिक वाटर सप्लाई के दो रेक प्रतिदिन तथा मेड़ता सिटी में 2 स्टेशनों के मध्य रेल खंड पर क्लिंकर की लोडिंग की गई है। उत्तर पश्चिम रेलवे पर माल लदान को आकर्षित करने के लिए नए माल लदान केंद्र उमरा (खाद लदान), नाथद्वारा, दोराई एवं सतरोड़ (कंटेनर लदान) खाजवाना (चाइना क्ले लदान) तथा बड़वासी (लाइन स्टोन लदान) खोले गए हैं। इसके अतिरिक्त मैसर्स अंबुजा सीमेंट लिमिटेड की रास - अजमेर तथा मैसर्स वंडर सीमेंट लिमिटेड की मोहनबाड़ी - बीकानेर रेल साइडिंग का कार्य प्रगति पर है।
लेफ्टिनेंट शशि किरण ने बताया कि यह भी ध्यान देने की जरूरत है कि कोविड महामारी के इस दौर में उत्तर पश्चिम रेलवे द्वारा अपनी सर्वांगीण क्षमता और प्रदर्शन में सुधार करके यह उपलब्धि प्राप्त की है। उल्लेखनीय है कि रेलवे माल यातायात को अधिक आकर्षक बनाने के लिए रेलवे कई रियायतें और छूट भी दे रही है। जोन और डिवीजनों में व्यवसाय विकास इकाइयों का मजबूत बनाने, उद्योगों और लॉजिस्टिक सेवाएं देने वाले ग्राहकों से निरंतर संवाद और तेज गति आदि से भारतीय रेल का माल ढुलाई तन्त्र काफी तेजी से विकसित हो रहा है।
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