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वैक्सीनेशन को लेकर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के साथ ही प्रशासनिक अमले से जुड़े कार्मिकों का हौसला
डगर तो थी बहुत कठिन, मगर बुलन्द इरादाें ने दी कामयाबी,
दूरस्थ क्षेत्रें तक पहुंचा वैक्सीनेशन का पैगाम
डगर तो थी बहुत कठिन, मगर बुलन्द इरादाें ने दी कामयाबी,
दूरस्थ पहाड़ी क्षेत्रें तक पहुंचा वैक्सीनेशन का पैगाम,
जयपुर
30 जून, 2021
जनजाति बहुल बांसवाड़ा जिले में कोविड संक्रमण से बचाव और इसके खतरों से निपटने के लिए ग्राम्यांचलों में प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग की समन्वित भागीदारी और सामूहिक प्रयासों का खासा असर सामने आ रहा है। इस दिशा में हर स्तर पर बहुआयामी जागरुकता गतिविधियों के साथ ही टीकाकरण के लक्ष्यों को हासिल करने के लिए युद्धस्तरीय प्रयास जारी हैं।
वैक्सीनेशन को लेकर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के साथ ही प्रशासनिक अमले से जुड़े कार्मिक जिले के दूरस्थ सरहदी एवं पहाड़ी क्षेत्रों में पैदल घर-घर जाकर लोगों को वैक्सीनेशन के लिए प्रेरित कर रहे हैं और बता रहे हैं कि कोरोना अभी गया नहीं है, इससे बचाव के लिए मास्क व वैक्सीनेशन बेहद जरूरी है।
जिले में कई क्षेत्र ऎसे भी हैं, जहा पर पहुंचने के लिए साधन-सुविधाएं तक नहीं हैं। इसके बावजूद कार्मिकों की टीमों ने हार न मानी और इसे चुनौती के रूप में स्वीकार किया और कहीं दूर तक पैदल चलकर और कहीं पहाड़ों व घाटियों की कठिन राहों पर चलते हुए अपने लक्ष्य में कामयाबी पायी।
इन टीमों ने तपती धूप में दूरदराज के क्षेत्रें और पहाड़ों-पालों-फलों पर छितरायी बस्तियों में पहुंच कर टापरों और झोंपड़ों में रहने वाले और खेतों में काम करने वालों तक पहुंच कर कोरोना जागरुकता की अलख जगायी और कोरोना से बचाव एवं रोकथाम का टीका लगाया।
समझाइश रंग लायी
कई स्थानों पर इन टीमों को दिक्कतें भी आयींं लेकिन समझाइश के बाद लोग टीकाकरण के लिए राजी हो गए। उन्होंने न केवल उत्साह से टीका लगवाया बल्कि अपने घर-आंगन तक पहुुंचकर सेहत की सार-संभाल के लिए इन कार्मिकों का आभार भी जताया। इस काम में ग्राम पंचायत स्तर पर बनी समितियों और गांवों के मौजिज लोगों, प्रशासनिक अधिकारियों एवं कार्मिकों, ग्राम्य जन प्रतिनिधियों एवं विभिन्न समाजों के प्रमुख लोगों की समझाइश का भी अच्छा प्रभाव रहा।
जिले में विभिन्न ग्राम पंचायत स्तर पर बनाई गई निगरानी समिति की टीम द्वारा स्थानीय जन प्रतिनिधियों के सहयोग से दूरस्थ इलाकों में घर-घर जाकर लोगों को प्रेरित करते हुए वैक्सीनेशन का कार्य किया जा रहा है।
जलीय क्षेत्रों के बीच रहने वाले लोेगाेंं का टीकाकरण करना बेहद मुश्किल ही नहीं वरन साहस भरा काम भी था लेकिन चिकित्सा टीमों से जुड़े कार्मिकों ने पूरे जुनून के साथ मोर्चा संभाला और इन लोगों का टीकाकरण किया। इसके लिए नर्सिंग स्टाफ ने सभी जरूरी तैयारी के साथ नाव का सहारा किया और पानी पर सफर करते हुए इन ग्रामीणों का टीकाकरण किया और कोरोना से बचाव के लिए जरूरी हिदायतें दी। चिकित्सा टीमों के समर्पित योगदान की बदौलत इन क्षेत्रें में शत-प्रतिशत वैक्सीनेशन की उपलब्धि हासिल हो पायी है।
टापूओं पर बसे गांवों के लिए नाव का ही सहारा
जिले में माही बांध के मीलों तक पसरे जल भराव क्षेत्र के बीच बसे हुए गांवों में पहुंचने के लिए जल मार्ग ही एक मात्र रास्ता होने से नाव का सहारा लिया गया। खासकर छोटी सरवन ब्लॉक के कोटड़ा के 3-4 गांवों में नाव में बैठकर ही जाना पड़ता है, क्योंकि इन गांवों में पहुंचने के लिए और कोई रास्ता नहीं है। यहां के अधिकतर लोग अशिक्षित व किसान है। ये लोग अपने नजदीकी प्रााथमिक स्वास्थ्य केन्द्र तक नहीं जा सकते। इसी को ध्यान में रखते हुए गांव के हर व्यक्ति के टीकाकरण को सुनिश्चित करने के लिए चिकित्सा टीमों को ही इन गांवों में को भेजकर टीकाकरण करवाया जा रहा है।
नरेगा कार्य स्थलों पर पहुंचकर श्रमिकोंं का वैक्सीनेशन
जिले में नरेगा योजना तहत चल रहे कार्य पर मौजूद वैक्सीनेशन से वंचित श्रमिकों को वैक्सीनेशन के लिए चिकित्सा टीमों द्वारा महानरेगा कार्य स्थल पर पहुंचकर वैक्सीन की डोज लगाई जा रही है। वैक्सीनेशन के कार्य में श्रमिक भी स्वास्थ्य कर्मियों को सहयोग प्रदान कर रहे है ताकि अधिक से अधिक वैक्सीनेशन का कार्य हो सके।
टापरों से लेकर खेत-खलिहानों तक वैक्सीनेशन की गूंज
सभी का लक्ष्य है कि हर कहीं वैक्सीनेशन से कोई वंचित न रहे, शत-प्रतिशत वैक्सीनेशन का लक्ष्य पूर्ण हो सके। इसके लिए अब कोई क्षेत्र का मौका छोड़ा नहीं जा रहा। टापरों से लेकर खेत-खलिहानों तक पहुंचकर टीकाकरण कार्य किया जा रहा है।
चिकित्सा दलों की समझाइश और नाते-रिश्तेदारों तथा अपने गांवों में दूसरे लोगों द्वारा वैक्सीनेशन कराने से प्रेरित होकर जिले भर में वैक्सीनेशन के प्रति उत्साहजनक माहौल है और इसी का असर है कि अब वैक्सीनेशन का ग्राफ निरन्तर ऊँचा होता जा रहा है।
सज्जनगढ़ ब्लॉक अन्तर्गत अंदेश्वर क्षेत्र में स्थित झामरी गांव में वैक्सीन लेकर टीम पहुंची और खेतों में हकाई-बुवाई कर रहे ग्रामीणों को टीके लगाए। यहां टीकाकरण से वंचित रहे 88 ग्रामीणों को तलाशकर टीके लगाए गए। टीकाकरण के प्रति आम लोगों में उत्साह का माहौल देखकर टीकाकरण में जुटी टीमों के कार्मिक भी उत्साहित हैं।
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