*BAHUBHASHI*
✒️*औरों से हटकर सबसे मिलकर*



*खबरों में बीकानेर*🎤
यहां आपके प्रतिष्ठान का विज्ञापन हो सकता है। संपर्क करें - खबरों में बीकानेर
BAHUBHASHI
खबरों में बीकानेर 🎙️📀
पढ़ना और पढ़ाना जीवन सफल बनाना 📚
📖
विज्ञप्ति ईमेल से हिंदी क्रुतिदेव या यूनिकोड में लैटरपैड /एम एस वर्ड फाइल में भेजें mohanthanvi@gmail.com
सच्चाई पढ़ें । सकारात्मक रहें। संभावनाएं तलाशें ।
पढ़ना और पढ़ाना जीवन सफल बनाना 📚
घूमता आईना - 5 : तपती दोपहरी चलना जरूरी, कर्फ्यू क्या होय जब पेट की आग बुझानी होय
सैल्यूट : सड़क पर बैठकर ठीक की कोरोना वारियर की बाइक
- मोहन थानवी
बीकानेर। लंबे होते पेड़ों के साए शाम होने का आभास करा रहे थे। एक पेड़ के नीचे फल सब्जी वाला अपना गाड़ा रोककर विश्राम कर रहा था। पीबीएम अस्पताल के इस क्षेत्र में हमने सुबह बैरिकेड लगे होने के बावजूद दुपहिया वाहन जरा सी जगह से निकालते लोग देखे थे। वहीं, 11-12 बजे के बीच हम जब चौतीनां कुआं एरिया में थे। वहां पुलिस की सख्ती की नजीर दिखी। इसे रोको और पूछो कहां जा रहा है। एक पुलिसकर्मी ने अपने साथी से कहा। वह उसे रोकता उससे पहले ही पहले वाला बोल पड़ा - देखना वह जेब से टेबलेट निकाल कर दिखाएगा कि दवा लेने गया था। लेकिन उस आदमी ने अस्पताल की पर्ची निकालकर दिखाई। पुलिसकर्मी ने उस पर अंकित तारीख देखी और उसे डांटते हुए कहा कि 2 दिन पहले की पर्ची लेकर घूमने का इतना शौक क्यों है? उसे समझाया और जाने दिया। बीकानेर में छूट के बावजूद दोपहर में फल सब्जी के गाड़ी वाले आते जाते दिखाई नहीं दिए। वे भी कड़ी धूप के कारण कहीं ओट में, पेड़ के नीचे एकबारगी बैठ गए। लेकिन, जब लगभग हर कोई ठंडी छांव में आसरा लिए बैठा था तब भी कुछ लोग तपती दुपहरी में अनिवार्य कार्यवश चल रहे थे। ऐसे में हमने एक जगह एक कोरोनावारियर्स को देखा जो अपनी बिगड़ी हुई बाइक को घसीटता हुआ ला रहा था। वह इधर उधर नजर दौड़ा कर कुछ तलाश भी रहा था। तभी उसने एक दुकान पर लगे बोर्ड से नंबर देख-देख मोबाइल पर डायल किए कुछ ही देर में वहां एक और व्यक्ति पहुंचा और उसने उस कोरोनावारियर्स की बाइक को सड़क पर ही बैठकर ठीक करना शुरू किया। कुछ ही देर में वह मोटरसाइकिल ठीक हो गई और उसे लेकर वॉरियर्स वहां से निकल पड़ा। हमने दिल से मैकेनिक को सैल्यूट किया। गाइडलाइन की पालना के लिए कुछ जगहों पर पुलिसकर्मी भी गर्मी में आते जाते लोगों को रोककर उनको समझा रहे थे। बेवजह निकलने वालों को डांट डपट रहे थे। नई गाइडलाइन के अनुसार सुबह 11 बजे तक वे दुकानें खुली जो अनुमत श्रेणी में हैं। 11 बजते बजते दुकानें बंद कर उनमें काम करने वाले लोग अपने-अपने घर चल दिए। उसके बाद लगभग एक घंटा भर तो जगह जगह पुलिसकर्मियों को आवाजाही करते लोगों से मशक्कत करनी पड़ी। कुछ को समझाया, तो कुछ के वाजिब कारण जान उन्हें आसानी से जाने दिया गया। लेकिन 12:00 बजे के बाद आवाजाही लगभग बंद सी हो गई। ऐसी तपती धूप में संभवतया वही लोग आ जा रहे थे जिन्हें वास्तव में घर से बाहर निकलना जरूरी हो गया।
✍🏻
📒 CP MEDIA
यहां आपके प्रतिष्ठान का विज्ञापन हो सकता है। संपर्क करें - खबरों में बीकानेर
Khabron Me Bikaner 🎤
🙏
BAHUBHASHI
खबरों में बीकानेर पढ़ना और पढ़ाना जीवन सफल बनाना 📚
यहां व्यक्त कीजिए - खबर आपकी नजर में...