Special for you 👉 पीटीईटी में आवेदन की अंतिम तिथि 25 मार्च तक बढ़ाई https://bahubhashi.blogspot.com/2021/03/25_19.html
📸
✏️
Ragisternews : मिलेगा लोन... अब इस स्कीम को आगे बढ़ाने पर जोर
आर्थिक सहायता पहुंचाने के लिए केंद्र सरकार इनसे लेगी आवेदन
पीएम स्वनिधि योजना : देश भर से 39.91 लाख आवेदन, 18.54 लाख ऋण वितरित
कोरोना के चलते लॉकडाउन के कारण छोटे दुकानदारों को आर्थिक सहायता पहुंचाने के लिए केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई लोन स्कीम पीएम स्वनिधि योजना ने 18 लाख से अधिक लोगों को ऋण वितरित किया गया है और अब इस स्कीम को आगे बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।
इसके तहत ऐसे छोटे दुकानदारों को 10 हजार तक का लोन देने की योजना है, जिससे वो दोबारा अपना काम शुरू कर सकें। इस योजना के तहत देशभर से 39.91 लाख आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें से 23.24 लाख ऋणों की स्वीकृति दी जा चुकी है और 18.54 लाख ऋण वितरित किए जा चुके हैं। यह जानकारी आवास और शहरी कार्य राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) हरदीप सिंह पुरी ने लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी।
1 जून, 2020 को हुई पीएम स्व-निधि योजना की शुरुआत
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि कोविड-19 और लॉकडाउन के दौरान रोजी-रोटी खो चुके रेहड़ी-पटरी वालों की मदद के लिए आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय ने 1 जून, 2020 को पीएम स्व-निधि योजना की शुरुआत की थी। योजना का उद्देश्य देशभर के लगभग 50 लाख स्ट्रीट विक्रेताओं को एक वर्ष की अवधि के लिए बिना किसी गारंटी (गैर जमानती) के 10 हजार रुपये तक का ऋण उपलब्ध कराना है। ऋण का नियमित रूप से भुगतान करने पर प्रति वर्ष सात प्रतिशत की दर से ब्याज सहायता और निर्धारित डिजिटल लेन-देन करने पर प्रतिमाह 100 रुपये तक का कैशबैक प्रोत्साहन के रूप में दिया जाता है। इसके अलावा, समय पर या पहले ऋण का भुगतान करने पर विक्रेता अगली बार के लिए अधिक ऋण प्राप्त करने का पात्र बन जाएगा।
2020-21 के लिए आवंटित बजट 142.24 करोड़ रुपये
चालू बजट में इस योजना के लिए निधि आवंटन के सवाल के जवाब में हरदीप पुरी ने कहा कि वर्ष 2020-21 के लिए आवंटित बजट 142.24 करोड़ रुपये है। उन्होंने कहा कि शहरी स्थानीय निकायों (यूएलबी) को पथ विक्रेताओं को चिन्हित करने के लिए सर्वेक्षण करना पड़ता है और विक्रय प्रमाण पत्र (सीओवी) एवं पहचान पत्र (आईडी) जारी करने पड़ते हैं। ऐसे में 24 मार्च 2020 या उससे पहले रेहड़ी पटरी वाले, जिन्हें सीओवी या पहचान पत्र जारी किए गए हैं, वे पीएम स्व-निधि योजना के तहत आवेदन कर सकते हैं। इसके अलावा, पुरी ने कहा कि ऐसे विक्रेता जो अभी बिक्री कार्य कर रहे हैं या यूएलबी आधारित सर्वेक्षण से छूट गए हों, उन्हें इस योजना के अन्तर्गत सिफारिश पत्र जारी किए जा रहे हैं।






यहां व्यक्त कीजिए - खबर आपकी नजर में...