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📝 ✍️ एसकेआरएयू के मूल्य संवर्धित उत्पादों का एफएसएसएआई से हुआ पंजीकरणः प्रो. सिंह
राजुवास के पूर्व कुलपति ने जानी इकाईयों की कार्यप्रणाली
बीकानेर, 2 मार्च। पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति और एसकेआरएयू के एकेडमिक काउंसिल के सदस्य प्रो. ए. के. गहलोत ने मंगलवार को स्वामी केशवानंद राजस्थान कृषि विश्वविद्यालय के स्वामी विवेकानंद कृषि संग्रहालय, मशरूम उत्पादन इकाई और बेकरी यूनिट का अवलोकन किया। कुलपति प्रो. आर. पी. सिंह ने तीनों इकाईयों की कार्यप्रणाली के बारे में बताया तथा विश्वविद्यालय द्वारा विकसित विभिन्न किस्मों सहित अनुसंधान और प्रसार कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कृषि संग्रहालय में विश्वविद्यालय की समस्त इकाईयों के कार्यों का संकलन किया गया है। विभिन्न क्षेत्रों के कृषि वैज्ञानिकों, विद्यार्थियों और किसानों द्वारा इसका सतत अवलोकन किया जाता है। प्रो. गहलोत ने बेकरी यूनिट में बाजरा के मूल्य सवंर्धित उत्पाद बनाने की कार्यविधि के बारे में जाना तथा इन उत्पादों को घर-घर तक पहुंचाने के लिए कार्ययोजना बनाने की बात कही। कुलपति प्रो. सिंह ने बताया कि विश्वविद्यालय के मूल्य संवर्धित उत्पादों का फूड सेफ्टी एंड स्टेंडर्ड आॅथोरटी आॅफ इंडिया (एफएसएसएआई) के तहत रजिस्ट्रेशन करवा लिया गया है। इससे इनका वृहद् स्तर पर विपणन किया जा सकेगा। उन्होंने तूम्बे के अचार एवं इसके औषधीय गुणों के बारे में बताया। प्रो. गहलोत ने मशरूम उत्पादन इकाई का अवलोकन भी किया। कुलपति ने कहा कि मशरूम की खेती किसानों की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दे रही है तथा छोटे किसानों एवं गृहणियों के लिए उपयुक्त व्यवसाय साबित होने लगा है। इसमें पोषक तत्वों की अधिकता है, जो कि स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से बेहद लाभदायक होती है। उन्होंने बताया कि इस इकाई में ढींगरी मशरूम की फ्लोरिडा, आयस्टर, पिंक आयस्टर और सजोरकाजू आयस्टर किस्मों के 160 बैग लगाए गए हैं। इस दौरान प्रसार शिक्षा निदेशक डाॅ. एस. के. शर्मा, अनुसंधान निदेशक डाॅ. पी. एस. शेखावत, कृषि महाविद्यालय के अधिष्ठाता डाॅ. आई. पी. सिंह सहित डीन-डायरेक्टर मौजूद रहे।
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