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भोजन की गुणवता पर विशेष ध्यान दिए जाने के निर्देश
बीकानेर, 02 मार्च। जिला कलक्टर नमित मेहता ने कहा कि जिले में संचालित इंदिरा रसोई में बेहतर साफ-सफाई रहे और पौष्टिक भोजन बने, इसकी वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी नियमित रूप से जांच करवाएं। इसके लिए अधिकारी नियमित दौरा करें। भोजन की गुणवत्ता की जांच का कार्य चिकित्सा स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी द्वारा किया जाएगा तथा समय-समय पर भोजन सहित भोजन में प्रयुक्त होने वाले मिर्च, मसाला, तेल व आटे आदि का भी सैंपल लेकर, शुद्धता की जांच की जाए।
मेहता मंगलवार को कलक्ट्रेट सभागार में जिला स्तरीय समन्वय एवं माॉनिटरिंग समिति की बैठक अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि निगम आयुक्त सहित अन्य अधिकारी रोटेशन से जिले में संचालित सभी इंदिरा रसोई का निरीक्षण करेंगे तथा चिकित्सा विभाग द्वारा सैंपल लेकर उसकी रिपोर्ट प्रतिमाह इस कमेटी के समक्ष प्रस्तुत करेंगे। उन्होंने कहा कि अगर भोजन की गुणवत्ता में किसी तरह की कमी पाई जाती है तो संबंधित संचालक के विरुद्ध सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
मेहता ने कहा कि इंदिरा रसोई में जो व्यक्ति भोजन करने आता है, उसे कूपन देते समय उसका फोटो भी कंप्यूटर के माध्यम से लिया जाता है। उन्होंने कहा कि जिस कंप्यूटर में फोटो लिया जाता है उसकी भी रैंडम जांच की जाए, इससे पता चलेगा कि कहीं कुछ गिने-चुने लोगों द्वारा ही तो इस योजना का फायदा नहीं लिया जा रहा है।
जिला कलक्टर ने कहा कि वरिष्ठ अधिकारी जब इंदिरा रसोई का निरीक्षण करें तो उस दौरान वहां भोजन कर रहे व्यक्तियों से भी भोजन की गुणवता को लेकर बातचीत करें तथा उनसे फीडबैक भी लिया जाए। उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा है कि जरूरतमंदों को शुद्ध, ताजा और पौष्टिक भोजन मिले और इसकी वास्तविकता धरातल पर नज़र आनी चाहिए। योजना की सफल क्रियान्विति जांच करने का दायित्व हम सभी का है ताकि जरूरतमंद व्यक्ति को गुणवत्ता युक्त भोजन मिल सके।
रसोई के मुख्य दरवाजे पर मैन्यू रहे चस्पा
जिला कलक्टर ने कहा कि इंदिरा रसोई में आने वाले व्यक्तियों को भोजन की जानकारी देने के लिए रसोई के मुख्य दरवाजे तथा भोजन कक्ष स्पष्ट शब्दों में मैन्यू लिखा होना चाहिए। भोजन में प्रति थाली सौ ग्राम दाल, सौ ग्राम सब्जी, ढाई सौ ग्राम चपाती और आचार शामिल किए गए हैं। उन्होंने कहा कि यह सभी सूचना स्पष्ट शब्दों में अंकित होनी चाहिए। आयुक्त नगर निगम व पदेन सचिव जिला स्तरीय समन्वय एवं माॅनिटरिंग समिति एच गौरी ने बताया कि इंदिरा रसोई के संचालकों को रसोई संचालन के लिए सभी आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए गए है। साथ ही निगम स्तर पर रसोई में संसाधनों के बारे में जानकारी ली जाती है। उन्हांेने बताया कि निगम क्षेत्र में 10 स्थानों पर इंदिरा रसोई संचालित की जा रही है। इसके अलावा देशनोक, नोखा, श्रीडंूगरगढ़ मंे भी एक-एक इंदिरा रसोई संचालित हो रही है। बैठक में निगम उपायुक्त पंकज शर्मा सहित सभी पालिकाओं के अधिकारी उपस्थित थे। ✍🏻एसकेआरएयू के मूल्य संवर्धित उत्पादों का एफएसएसएआई से हुआ पंजीकरणः प्रो. सिंह
राजुवास के पूर्व कुलपति ने जानी इकाईयों की कार्यप्रणाली
बीकानेर, 2 मार्च। पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति और एसकेआरएयू के एकेडमिक काउंसिल के सदस्य प्रो. ए. के. गहलोत ने मंगलवार को स्वामी केशवानंद राजस्थान कृषि विश्वविद्यालय के स्वामी विवेकानंद कृषि संग्रहालय, मशरूम उत्पादन इकाई और बेकरी यूनिट का अवलोकन किया। कुलपति प्रो. आर. पी. सिंह ने तीनों इकाईयों की कार्यप्रणाली के बारे में बताया तथा विश्वविद्यालय द्वारा विकसित विभिन्न किस्मों सहित अनुसंधान और प्रसार कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कृषि संग्रहालय में विश्वविद्यालय की समस्त इकाईयों के कार्यों का संकलन किया गया है। विभिन्न क्षेत्रों के कृषि वैज्ञानिकों, विद्यार्थियों और किसानों द्वारा इसका सतत अवलोकन किया जाता है। प्रो. गहलोत ने बेकरी यूनिट में बाजरा के मूल्य सवंर्धित उत्पाद बनाने की कार्यविधि के बारे में जाना तथा इन उत्पादों को घर-घर तक पहुंचाने के लिए कार्ययोजना बनाने की बात कही। कुलपति प्रो. सिंह ने बताया कि विश्वविद्यालय के मूल्य संवर्धित उत्पादों का फूड सेफ्टी एंड स्टेंडर्ड आॅथोरटी आॅफ इंडिया (एफएसएसएआई) के तहत रजिस्ट्रेशन करवा लिया गया है। इससे इनका वृहद् स्तर पर विपणन किया जा सकेगा। उन्होंने तूम्बे के अचार एवं इसके औषधीय गुणों के बारे में बताया। प्रो. गहलोत ने मशरूम उत्पादन इकाई का अवलोकन भी किया। कुलपति ने कहा कि मशरूम की खेती किसानों की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दे रही है तथा छोटे किसानों एवं गृहणियों के लिए उपयुक्त व्यवसाय साबित होने लगा है। इसमें पोषक तत्वों की अधिकता है, जो कि स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से बेहद लाभदायक होती है। उन्होंने बताया कि इस इकाई में ढींगरी मशरूम की फ्लोरिडा, आयस्टर, पिंक आयस्टर और सजोरकाजू आयस्टर किस्मों के 160 बैग लगाए गए हैं। इस दौरान प्रसार शिक्षा निदेशक डाॅ. एस. के. शर्मा, अनुसंधान निदेशक डाॅ. पी. एस. शेखावत, कृषि महाविद्यालय के अधिष्ठाता डाॅ. आई. पी. सिंह सहित डीन-डायरेक्टर मौजूद रहे।
इंदिरा रसोई का नियमित हो निरीक्षण-मेहता
भोजन की गुणवता पर विशेष ध्यान दिए जाने के निर्देश
बीकानेर, 02 मार्च। जिला कलक्टर नमित मेहता ने कहा कि जिले में संचालित इंदिरा रसोई में बेहतर साफ-सफाई रहे और पौष्टिक भोजन बने, इसकी वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी नियमित रूप से जांच करवाएं। इसके लिए अधिकारी नियमित दौरा करें। भोजन की गुणवत्ता की जांच का कार्य चिकित्सा स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी द्वारा किया जाएगा तथा समय-समय पर भोजन सहित भोजन में प्रयुक्त होने वाले मिर्च, मसाला, तेल व आटे आदि का भी सैंपल लेकर, शुद्धता की जांच की जाए।
मेहता मंगलवार को कलक्ट्रेट सभागार में जिला स्तरीय समन्वय एवं माॉनिटरिंग समिति की बैठक अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि निगम आयुक्त सहित अन्य अधिकारी रोटेशन से जिले में संचालित सभी इंदिरा रसोई का निरीक्षण करेंगे तथा चिकित्सा विभाग द्वारा सैंपल लेकर उसकी रिपोर्ट प्रतिमाह इस कमेटी के समक्ष प्रस्तुत करेंगे। उन्होंने कहा कि अगर भोजन की गुणवत्ता में किसी तरह की कमी पाई जाती है तो संबंधित संचालक के विरुद्ध सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
मेहता ने कहा कि इंदिरा रसोई में जो व्यक्ति भोजन करने आता है, उसे कूपन देते समय उसका फोटो भी कंप्यूटर के माध्यम से लिया जाता है। उन्होंने कहा कि जिस कंप्यूटर में फोटो लिया जाता है उसकी भी रैंडम जांच की जाए, इससे पता चलेगा कि कहीं कुछ गिने-चुने लोगों द्वारा ही तो इस योजना का फायदा नहीं लिया जा रहा है।
जिला कलक्टर ने कहा कि वरिष्ठ अधिकारी जब इंदिरा रसोई का निरीक्षण करें तो उस दौरान वहां भोजन कर रहे व्यक्तियों से भी भोजन की गुणवता को लेकर बातचीत करें तथा उनसे फीडबैक भी लिया जाए। उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा है कि जरूरतमंदों को शुद्ध, ताजा और पौष्टिक भोजन मिले और इसकी वास्तविकता धरातल पर नज़र आनी चाहिए। योजना की सफल क्रियान्विति जांच करने का दायित्व हम सभी का है ताकि जरूरतमंद व्यक्ति को गुणवत्ता युक्त भोजन मिल सके।
रसोई के मुख्य दरवाजे पर मैन्यू रहे चस्पा
जिला कलक्टर ने कहा कि इंदिरा रसोई में आने वाले व्यक्तियों को भोजन की जानकारी देने के लिए रसोई के मुख्य दरवाजे तथा भोजन कक्ष स्पष्ट शब्दों में मैन्यू लिखा होना चाहिए। भोजन में प्रति थाली सौ ग्राम दाल, सौ ग्राम सब्जी, ढाई सौ ग्राम चपाती और आचार शामिल किए गए हैं। उन्होंने कहा कि यह सभी सूचना स्पष्ट शब्दों में अंकित होनी चाहिए। आयुक्त नगर निगम व पदेन सचिव जिला स्तरीय समन्वय एवं माॅनिटरिंग समिति एच गौरी ने बताया कि इंदिरा रसोई के संचालकों को रसोई संचालन के लिए सभी आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए गए है। साथ ही निगम स्तर पर रसोई में संसाधनों के बारे में जानकारी ली जाती है। उन्हांेने बताया कि निगम क्षेत्र में 10 स्थानों पर इंदिरा रसोई संचालित की जा रही है। इसके अलावा देशनोक, नोखा, श्रीडंूगरगढ़ मंे भी एक-एक इंदिरा रसोई संचालित हो रही है। बैठक में निगम उपायुक्त पंकज शर्मा सहित सभी पालिकाओं के अधिकारी उपस्थित थे।



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