✒️खबरों में बीकानेर 🎤 🌐
📰
<
🙏 मोहन थानवी 🙏
सच्चाई पढ़ें । सकारात्मक रहें । संभावनाएं तलाशें ।
🙏
twitter, Podcast, YouTube, साहित्य-सभागार के साथ-साथ Facebook, Pinterest, LinkedIn और Instagram पर भी आपकी खबरें Khabron Me Bikaner 🎤
🇮🇳
खबरों में बीकानेर 🎤 🌐
✍️
📒 CP MEDIA 🙏
<
📰 📑 पढ़ना और पढ़ाना जीवन सफल बनाना 📚 📖 📓
📰
सच्चाई पढ़ें । सकारात्मक रहें । संभावनाएं तलाशें ।
खबरों में बीकानेर 🎤 🌐
✍️
कोविड केयर सेंटर के रूप में चिन्हित किए जाएंगे निजी अस्पताल व अन्य भवन -गौतम
वरिष्ठ चिकित्सकों को सौपें अलग-अलग जिम्मेदारी
बीकानेर, 29 जून। जिला कलक्टर कुमार पाल गौतम ने कहा कि कोविड केयर सेन्टर के रूप में निजी अस्पतालों सहित अन्य ऐसे भवन, जहां 200 से अधिक व्यक्तियों को एक साथ रखकर उपचार किया जा सकता हो, ऐसे सार्वजनिक भवनों का चिन्हीकरण किया जाएगा, साथ ही पीबीएम अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सकों को कोरोना रोकथाम के लिए अलग-अलग जिम्मेदारी सौंपी जाएगी, जिससे माईक्रो स्तर पर कार्यों में गुणात्मक सुधार आ सके और मरीजों को बेहतर चिकित्सकीय सुविधा सुलभ करवाई जा सकें। उन्होंने कहा कि सभी चिकित्सक कोराना संक्रमण काल में पूर्ण मानवीय संवेदनाओं के साथ कार्य कर रहे हैं। वे सभी वर्तमान परिस्थितियों में अब प्रो-एक्टिव होकर कार्य करें।
गौतम सोमवार को अपने कक्ष में कोविड रोकथाम के संबंध में आयोजित उच्च स्तरीय बैठक में बोल रहे थे। बैठक में पुलिस अधीक्षक प्रदीप मोहन शर्मा, प्राचार्य सरदार पटेल मेडिकल काॅलेज डाॅ. एस.एस. राठौड़, आयुक्त नगर निगम डाॅ. खुशाल यादव, अधीक्षक पी.बी.एम. अस्पताल डाॅ. मोहम्मद सलीम, अतिरिक्त जिला कलक्टर (प्रशासन) ए.एच.गौरी, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ.बी.एल.मीणा, सचिव नगर विकास न्यास मेघराज सिंह मीणा, डाॅ. संजय कोचर, डाॅ. इन्द्रा प्रभाकर तथा महामारी रोकथाम विशेषज्ञ नीलम प्रताप सिंह उपस्थित थे। जिला कलक्टर ने कहा कि कोविड केयर सेन्टर सहित पीबीएम अस्पताल की संपूर्ण व्यवस्थाओं की अलग-अल जिम्मेदारी वरिष्ठ चिकित्सकों अलग-अलग सौंप दी जाए।अलग-अलग जिम्मेदारी हो जाने से कार्य सुगमता से होगा तथा अगर किसी कार्य में गुणात्मक सुधार करना हो या किसी तरह की खा़मी को दूर करना हो, तो संबंधित चिकित्सक से विचार विमर्श कर तत्काल निर्णय लिया जा सके।
जिला कलक्टर व जिला मजिस्ट्रेट ने कहा कि कोविड केयर सेन्टर में जितने भी गंभीर रोगी भर्ती हैं, उन्हें एक काॅर्डलैस बैल(घंटी) का रिमोट उपलब्ध करवाया जाए तथा बैल अस्पताल के एक कमरे में रहे, जहां से किसी भी विपरीत परिस्थिति पर अगर मरीज घंटी बजाता है, तो उसे तत्काल उपचार की सुविधा के लिए चिकित्सक व पैरामेडिकल स्टाफ पंहुच सके तथा रात के समय अगर मरीज बाथरूम की तरफ जाए, तो रिमोट अपने साथ रखे, जिससेेेे जरूरत पड़ने वह स्टाफ को बुला सके और उस तुरंत मदद उपलब्ध करवाई जा सके।
वाॅलन्टियरी सेवा भी ली जाएगी
गौतम ने प्राचार्य मेडिकल काॅलेज और अधीक्षक से कहा कि वे इन संभावनाओं पर भी कार्य करें कि अगर कोई व्यक्ति या संस्थान पैरा मेडिकल सेवाएं वाॅलन्टियरी देना चाहें, तो उनका चिन्हीकरण कर लिया जाए, जिससे जरूरत पड़ने पर उनकी सेवाएं ली जा सकें। इसी तरह अगर कोई व्यक्ति या संस्था अस्पताल में भर्ती रोगियों के लिए भोजन आदि देना चाहें, तो उन्हें भी सूचीबद्ध कर लिया जाए।
कोविड केयर सेन्टर के चिन्हीकरण का कार्य मंगलवार तक
जिला कलक्टर ने चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे कोविड केयर सेन्टर के लिए चिन्हीकरण का कार्य मंगलवार 30 जून तक आवश्यक रूप से कर सूची जिला प्रशासन को उपलब्ध करवा दें, जिससे जरूरत के मुताबिक आवश्यक सुविधा और संसाधन का इंतजाम किया जा सके। स्थान चिन्हीकरण के समय इस बात को प्राथमिकता दी जाए कि आस-पास एक साथ ऐसे एक से अधिक भवन बने हों, ताकि चिकित्सकीय सुविधाएं मुहैया करवाने में आसानी रहे।
निजी अस्पताल के प्रबंधकों से भी हो बात
जिला मजिस्ट्रेट ने कहा कि जितने भी निजी चिकित्सालय हैं, उनके प्रबन्धकों से बातचीत कर उन्हें बताया जाए कि जरूरत पड़ने पर यहां भी कोरोना रोगियों को ईलाज के लिए भर्ती करवाया जा सकता है। साथ ही अगर कोई निजी चिकित्सालय किसी होटल में चिकित्सकीय सुविधा के लिए कोलेब्रेशन करता है, तो इस पर भी विचार कर लिया जाए जिससे यदि कोई व्यक्ति यहां इलाज करवाना चाहे तो उसेेेे इलाज की सुविधा मिल सके।
📒 CP MEDIA 🙏
अपनी टिप्पणी /कमेंट लिखें 👇🏽



यहां व्यक्त कीजिए - खबर आपकी नजर में...