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प्रेस फोटोग्राफर नहीं कोई और हमनाम निकला पॉजिटिव
बीकानेर । कोरोना जांच रिपोर्ट में हमनाम दो लोगों के कारण गफलत हो गई। शहर- गांव में गुरुवार की शाम विभिन्न वर्गों के संगठनों और नागरिकों में स्वास्थ्य विभाग की एक चूक चर्चा बनी रही वहीं कोरोना जांच में रिपोर्ट हुए प्रेस फोटोग्राफर के परिजनों सहित मीडियाकर्मियों को भी सही
रिपोर्ट का इंतजार रहा। जब तक मामले की जानकारी मिलती तब तक सोशल मीडिया पर ब्लाग और वेेेबसाइट पर प्रेस फोटोग्राफर की पॉजिटिव रिपोर्ट संबंधी पोस्ट वायरल हो गई। रिपोर्ट में गफलत की जांच होते होते कुछ समय लगा लेकिन अंततः सीएमएचओ टीम ने चूक को सुधार लिया। इस बारे में जानकारी को सोशल मीडिया पर वायरल किया गया ताकि हमनाम की गफलत में सही में पॉजिटिव आया व्यक्ति दूसरों से न मिलता रहेे। हमनाम दो में से नेगेटिव रिपोर्ट वाले प्रेस फोटोग्राफर ने खुद सोशल मीडिया में पोस्ट कर जानकारी दी :- यह जो पॉजिटिव मनीष पारीक है इसकी सीएमएचओ ऑफिस द्वारा गलत रिपोर्ट बनाकर पेश की गई है। 4 नंबर डिस्पेंसरी में कल दो मनीष पारीक जांच कराने गए थे। जो दूसरा मनीष पारीक पॉजिटिव आया है उसकी डिटेल की जगह सीएमएचओ ऑफिस से मेरी डिटेल वायरल हो गई। दैनिक भास्कर फोटोजर्नलिस्ट मनीष पारीक पॉजिटिव नहीं है। आप सब की शुभकामनाओं के लिए आभार। 📒 CP MEDIA 🙏
बीकानेर। कोरोना को लेकर पीबीएम व सरदार पटेल मेडिकल कॉलेज की लापरवाही किस कदर है। इसकी बानगी आज फिर देखने को मिली। जब आज दोपहर आई रिपोर्ट में एक बार फिर दो नाम की वजह से चिकित्सा विभाग की टीम एक पॉजिटिव की घर पहुंच गई। जिसके चलते एक बार फिर बीकानेर की जनता को तीन घंटे से ज्यादा चिंताओं में रखा। दोपहर आई रिपोर्ट में प्रेस फोटोग्राफर मनीष पारीक को पॉजिटिव बता दिया गया। जिसके कारण शहर में हडकंप सा मच गया। पहले आई रिपोर्ट में मनीष पारीक नाम के दो जने होने के कारण नाम कन्फ्यूजन हो गया। चिकित्सा विभाग व पुलिस का दल मनीष के घर पहुंच गया। इस दौरान जब हकीकत का पता लगाने के लिये सीएमएचओ डॉ बी एल मीणा स्वयं कोविड जांच लैब पहुंचे और मामले की तह तक पहुंचे तो सामने आया कि रिपोर्ट तैयार करने वाले राजेश कुमार से मनीष की आईडी व अन्य जानकारी गलत टाईप हो गई। जिसके चलते यह कन्फ्यूजन हो गया।
एसआरएफ आईडी ने बढ़ाई गफलत
लैब के वीआरडीएल राजेश कुमार ने सीएमएचओ को मांगी जानकारी में स्वीकार किया कि उनके द्वारा मनीष पारीक उम्र 40 जिसकी एसआरएफ आई 080930002189 की जगह फोटो जर्नलिस्ट मनीष पारीक उम्र 38 की एसआरएफ आई डी 089300021438 दे दी गई। जिसके चलते गफलत के हालात पैदा हो गये।
आखिर पीबीएम व मेडिकल कॉलेज में कब तक होगी ऐसी गलतियां
गौर करने वाली बात ये है कि यह पहली बार नहीं हुआ है। पहले भी एक ही नाम के चलते कई बार मरीज के परिजन व चिकित्सा महकमें के आलाधिकारी आमने सामने हो चुके है। उसके बाद भी हालात सुधरने का नाम नहीं ले रहे है। मजे की बात तो यह है कि जिला प्रशासन पीबीएम की लापरवाही को लेकर आखिर गंभीरता क्यों नहीं दिखा रहा है। आखिर कब तक पीबीएम व मेडिकल कॉलेज की गलतियों का भुगतान बीकानेर की जनता भुगतेगी। ऐसे कई प्रश्न आमजन के मन में है।
अब रिपोर्ट पर उठने लगे सवाल
आपको बता दे कि आज आई रिपोर्ट के बाद पैदा हुए हालात को लेकर अब यह सवाल उठने लगे है कि क्या आज से पहले आने वाली रिपोर्ट सही है। या इन रिपोर्टों में भी घालमेल की स्थिति है। क्योंकि इससे पहले भी कई मोहल्लों में सीएमएचओं व मोहल्लेवासी आमने सामने हो चुके है। इतना ही नहीं कई रिपोर्ट में पहले नेगेटिव और बाद में पॉजिटिव दिखाया गया है।
वीआरडीएल राजेश ने मांगी माफी
फोटो जर्नलिस्ट मनीष पारीक की रिपोर्ट की स्थिति पर स्पष्टीकरण देने पर वीआरडीएल राजेश कुमार ने माफी मांगी है। उन्होनें अपने माफीनामे में स्पष्ट किया है कि एसआरएफ आईडी में गफलत के चलते यह नाम टाईप हो गया। इस कारण मनीष पारीक की रिपोर्ट नेगेटिव बताई गई।
क्या कहते है जिम्मेदार
कोविड लैब के वीआरडीएल राजेश से यह गलती होने से कन्फ्यूजन के हालात पैदा हुए है। अब वस्तु स्थिति का पता लगा लिया गया है। फोटो जर्नलिस्ट मनीष की रिपोर्ट नेगेटिव है।
डॉ बी एल मीणा,सीएमएचओ बीकानेर
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एसआरएफ आईडी ने बढ़ाई गफलत
लैब के वीआरडीएल राजेश कुमार ने सीएमएचओ को मांगी जानकारी में स्वीकार किया कि उनके द्वारा मनीष पारीक उम्र 40 जिसकी एसआरएफ आई 080930002189 की जगह फोटो जर्नलिस्ट मनीष पारीक उम्र 38 की एसआरएफ आई डी 089300021438 दे दी गई। जिसके चलते गफलत के हालात पैदा हो गये।
आखिर पीबीएम व मेडिकल कॉलेज में कब तक होगी ऐसी गलतियां
गौर करने वाली बात ये है कि यह पहली बार नहीं हुआ है। पहले भी एक ही नाम के चलते कई बार मरीज के परिजन व चिकित्सा महकमें के आलाधिकारी आमने सामने हो चुके है। उसके बाद भी हालात सुधरने का नाम नहीं ले रहे है। मजे की बात तो यह है कि जिला प्रशासन पीबीएम की लापरवाही को लेकर आखिर गंभीरता क्यों नहीं दिखा रहा है। आखिर कब तक पीबीएम व मेडिकल कॉलेज की गलतियों का भुगतान बीकानेर की जनता भुगतेगी। ऐसे कई प्रश्न आमजन के मन में है।
अब रिपोर्ट पर उठने लगे सवाल
आपको बता दे कि आज आई रिपोर्ट के बाद पैदा हुए हालात को लेकर अब यह सवाल उठने लगे है कि क्या आज से पहले आने वाली रिपोर्ट सही है। या इन रिपोर्टों में भी घालमेल की स्थिति है। क्योंकि इससे पहले भी कई मोहल्लों में सीएमएचओं व मोहल्लेवासी आमने सामने हो चुके है। इतना ही नहीं कई रिपोर्ट में पहले नेगेटिव और बाद में पॉजिटिव दिखाया गया है।
वीआरडीएल राजेश ने मांगी माफी
फोटो जर्नलिस्ट मनीष पारीक की रिपोर्ट की स्थिति पर स्पष्टीकरण देने पर वीआरडीएल राजेश कुमार ने माफी मांगी है। उन्होनें अपने माफीनामे में स्पष्ट किया है कि एसआरएफ आईडी में गफलत के चलते यह नाम टाईप हो गया। इस कारण मनीष पारीक की रिपोर्ट नेगेटिव बताई गई।
क्या कहते है जिम्मेदार
कोविड लैब के वीआरडीएल राजेश से यह गलती होने से कन्फ्यूजन के हालात पैदा हुए है। अब वस्तु स्थिति का पता लगा लिया गया है। फोटो जर्नलिस्ट मनीष की रिपोर्ट नेगेटिव है।
डॉ बी एल मीणा,सीएमएचओ बीकानेर
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