✒️खबरों में बीकानेर 🎤 🌐
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खबरों में बीकानेर 🎤 🌐
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स्टेनोग्राफी एवं कम्प्यूटर एप्लीकेशन प्रशिक्षणों का दीक्षान्त समारोह
कार्य के प्रति सात्विक एवं सकारात्मक दृष्टिकोण
विकसित करें - संवित सोमगिरीजी महाराज
बीकानेर 19 फरवरी, 2020। ‘‘जीवन में आप चाहे जो काम करें, उस काम को करने के प्रति अपने दृष्टिकोण को सात्विक एवं सकारात्मक बनाएं’’ ये उद्बोधन लालेश्वर महादेव मंदिर शिवमठ, शिवबाड़ी के अधिष्ठाता संत संवित् सोमगिरीजी महाराज ने बीकानेर प्रौढ़ शिक्षण समिति एवं जन शिक्षण संस्थान, बीकानेर के सह-आयोजन में आयोजित स्टेनोग्राफी एवं कम्प्यूटर एप्लीकेशन प्रशिक्षणों के दीक्षान्त समारोह में अपने सान्निध्य उद्बोधन के तहत आज दिनांक 19 फरवरी, 2020 को समिति के स्वर्ण जयंति सभागार में व्यक्त किए।
संवित् सोमगिरीजी ने अपने आशीर्वचन में ब्रह्मसूत्रों, वेद, ऋचाओं, मनुस्मृति आदि के विभिन्न श्लोकों एवं प्रसंगों के माध्यम से बताया कि मनुष्य का जन्म केवल पेट भरने मात्र के लिए नहीं हुआ है। हम केवल वेतन भोगी मशीनें बनकर नहीं रहें। हमें मृत्यु को जीतना है। हमें अपने कर्म को अपनी ज्ञानेन्द्रियों को एवं अपने यौवन को संयमी बनाना है। अपने कर्माें एवं व्यवहार को संयमित एवं दृढ़ संकल्पित होना ईश्वर की सबसे बड़ी भक्ति है - जीवन के प्रति सबसे बड़ा कर्म है।
कार्यक्रम के अध्यक्षीय उद्बोधन मेें संस्था के मानद सचिव डाॅ. ओम कुवेरा ने कहा कि जीवन में सफलता का मूल सूत्र आपकी सकारात्मक सोच होती है। आप वह है जो आपकी गहन ईच्छा है। ईच्छा से आकांक्षा, आकंाक्षा से कर्म और कर्म से भाग्य का निर्माण होता है। इसके साथ जीवन में अपने आप को संप्रेषण की दृष्टि से कुशल बनाएं।
समिति के अध्यक्ष डाॅ.श्रीलाल मोहता ने उपनिषदों के श्लोक एवं बिहारी के दोहों के माध्यम से उपस्थित युवावर्ग को बताया कि आपने जो हुनर और दक्षता प्राप्त की है उसका निरंतर अभ्यास करते रहें। जीवन में दृढ़ संकल्प और निरंतर अभ्यास से ही सफलता प्राप्त की जा सकती है।
इससे पूर्व संस्था के व्यवस्था सचिव एवं जन शिक्षण संस्थान, बीकानेर के वाईस चेयरमैन श्री अविनाश भार्गव ने आगंतुकों का स्वागत करते हुए समिति एवं संस्थान की कार्य प्रगति से आगंतुकों का अवगत कराया। श्रीभार्गव ने कहा कि गत 5 दशक से अधिक समय से संस्था बीकानेर जिले के जरूरतमंद एवं वंचित वर्ग के बुनियादी विकास के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य एवं रोजगार के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य कर रही है।
स्टेनोग्राफी प्रशिक्षण अर्जुन नाथ सिद्ध ने कहा कि संघर्ष ही जीवन है इसलिए परिश्रम से कभी कतराएं नहीं।
जन संपर्क अधिकारी श्री हरिशंकर आचार्य ने कहा कि अपने मन, वचन एवं कर्म से अपने व्यक्तित्व को बेहतर बनाएं।
कार्यक्रम का प्रारंभ मां शारदे की प्रतिमा केे समक्ष माल्यार्पण, दीप प्रज्ज्वलन एवं वंदना कर किया गया। कार्यक्रम का संयोजन जन शिक्षण संस्थान, बीकानेर प्रभारी निदेशक ओम प्रकाश सुथार ने किया और आगंतुकों के प्रति आभार संस्थान के कार्यक्रम अधिकारी महेश उपाध्याय ने किया। इस आयोजन में शिवकुमार व्यास, सुरेश कुमार व्यास, घनश्याम स्वामी, सुनील शर्मा, कार्यक्रम सहायक उमाशंकर आचार्य, तलत रियाज, श्रीमोहन आचार्य, ललित व्यास आदि की सक्रिय सहभागिता रही।
📒 📰 📑 पढ़ना और पढ़ाना जीवन सफल बनाना 📚 📖 📓
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स्टेनोग्राफी एवं कम्प्यूटर एप्लीकेशन प्रशिक्षणों का दीक्षान्त समारोह
कार्य के प्रति सात्विक एवं सकारात्मक दृष्टिकोण
विकसित करें - संवित सोमगिरीजी महाराज
बीकानेर 19 फरवरी, 2020। ‘‘जीवन में आप चाहे जो काम करें, उस काम को करने के प्रति अपने दृष्टिकोण को सात्विक एवं सकारात्मक बनाएं’’ ये उद्बोधन लालेश्वर महादेव मंदिर शिवमठ, शिवबाड़ी के अधिष्ठाता संत संवित् सोमगिरीजी महाराज ने बीकानेर प्रौढ़ शिक्षण समिति एवं जन शिक्षण संस्थान, बीकानेर के सह-आयोजन में आयोजित स्टेनोग्राफी एवं कम्प्यूटर एप्लीकेशन प्रशिक्षणों के दीक्षान्त समारोह में अपने सान्निध्य उद्बोधन के तहत आज दिनांक 19 फरवरी, 2020 को समिति के स्वर्ण जयंति सभागार में व्यक्त किए।
संवित् सोमगिरीजी ने अपने आशीर्वचन में ब्रह्मसूत्रों, वेद, ऋचाओं, मनुस्मृति आदि के विभिन्न श्लोकों एवं प्रसंगों के माध्यम से बताया कि मनुष्य का जन्म केवल पेट भरने मात्र के लिए नहीं हुआ है। हम केवल वेतन भोगी मशीनें बनकर नहीं रहें। हमें मृत्यु को जीतना है। हमें अपने कर्म को अपनी ज्ञानेन्द्रियों को एवं अपने यौवन को संयमी बनाना है। अपने कर्माें एवं व्यवहार को संयमित एवं दृढ़ संकल्पित होना ईश्वर की सबसे बड़ी भक्ति है - जीवन के प्रति सबसे बड़ा कर्म है।
कार्यक्रम के अध्यक्षीय उद्बोधन मेें संस्था के मानद सचिव डाॅ. ओम कुवेरा ने कहा कि जीवन में सफलता का मूल सूत्र आपकी सकारात्मक सोच होती है। आप वह है जो आपकी गहन ईच्छा है। ईच्छा से आकांक्षा, आकंाक्षा से कर्म और कर्म से भाग्य का निर्माण होता है। इसके साथ जीवन में अपने आप को संप्रेषण की दृष्टि से कुशल बनाएं।
समिति के अध्यक्ष डाॅ.श्रीलाल मोहता ने उपनिषदों के श्लोक एवं बिहारी के दोहों के माध्यम से उपस्थित युवावर्ग को बताया कि आपने जो हुनर और दक्षता प्राप्त की है उसका निरंतर अभ्यास करते रहें। जीवन में दृढ़ संकल्प और निरंतर अभ्यास से ही सफलता प्राप्त की जा सकती है।
इससे पूर्व संस्था के व्यवस्था सचिव एवं जन शिक्षण संस्थान, बीकानेर के वाईस चेयरमैन श्री अविनाश भार्गव ने आगंतुकों का स्वागत करते हुए समिति एवं संस्थान की कार्य प्रगति से आगंतुकों का अवगत कराया। श्रीभार्गव ने कहा कि गत 5 दशक से अधिक समय से संस्था बीकानेर जिले के जरूरतमंद एवं वंचित वर्ग के बुनियादी विकास के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य एवं रोजगार के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य कर रही है।
स्टेनोग्राफी प्रशिक्षण अर्जुन नाथ सिद्ध ने कहा कि संघर्ष ही जीवन है इसलिए परिश्रम से कभी कतराएं नहीं।
जन संपर्क अधिकारी श्री हरिशंकर आचार्य ने कहा कि अपने मन, वचन एवं कर्म से अपने व्यक्तित्व को बेहतर बनाएं।
कार्यक्रम का प्रारंभ मां शारदे की प्रतिमा केे समक्ष माल्यार्पण, दीप प्रज्ज्वलन एवं वंदना कर किया गया। कार्यक्रम का संयोजन जन शिक्षण संस्थान, बीकानेर प्रभारी निदेशक ओम प्रकाश सुथार ने किया और आगंतुकों के प्रति आभार संस्थान के कार्यक्रम अधिकारी महेश उपाध्याय ने किया। इस आयोजन में शिवकुमार व्यास, सुरेश कुमार व्यास, घनश्याम स्वामी, सुनील शर्मा, कार्यक्रम सहायक उमाशंकर आचार्य, तलत रियाज, श्रीमोहन आचार्य, ललित व्यास आदि की सक्रिय सहभागिता रही।
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