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नाटक "साह ते कहिड़ो भरोसो" ने लोटपोट किया, गीत और संगीत की सुरमई शाम"सिंधी सुरहाण" ने समा बांधा
जयपुर ,अखिल भारत सिंधी बोली ऐं साहित सभा ,राजस्थान सिंधी अकादमी एवं ज्योति कला संस्थान के सयुंक्त तत्वाधान में रविवार 29 सितम्बर को रवींद्र मंच पर आयोजित समारोह में सिंधी गीत संगीत एवं नाटक का प्रस्तुतिकरण हुआ।
सिंधी एवं हिंदी के वरिष्ठ लेखक और कार्यक्रम समन्वयक श्री हरीश करमचन्दाणी ने अपने स्वागत भाषण में कहा कि जब तक युवा पीढ़ी विशेषकर कलाकार ,लेखक,संस्कृतिकर्मी मातृभाषा के इस प्रकार के कार्यक्रमों से जुड़े रहेंगे तब तक हम निश्चिन्त हो कर कह सकते हैं कि सिंधी भाषा का भविष्य सुरक्षित व उज्ज्वल है। उन्होंने सिंधी भाषा के फैलाव के लिये राजस्थान के संदर्भ में सुंदर अगनानी,वासुदेव सिंधु भारती, लक्ष्मण भम्भाणी, लौंगमल भैरवानी, घनश्याम दास करमचंदानी, चंद्रभान नरसिंघानी,झमट मल टिलवानी के योगदान को भी कृतज्ञता से याद किया।
इस अवसर पर सिंधी आइडल के कलाकारों गोकुल उदासी , विनीता कोडवाणी ,मुस्कान कोटवानी और रुचिका चंदानी ने अपने सुरीले और दिलकश सुरों से मोह लिया।समारोह में प्रसिद्ध साहित्कार श्री सुन्दर अगनानी के लिखे और सुरेश सिंधु द्वारा निर्देशित हास्य नाटक "साह ते कहिड़ो भरोसो" ने दर्शकों को खूब हंसाया।
इस अवसर सभा की सचिव श्रीमती अंजली तुलस्यानी ने सभा के कार्यक्रमों की संक्षिप्त जानकारी दी। समारोह के अंत में राजस्थान सिंधी अकादमी के अध्यक्ष श्री मोरवानी ने धन्यवाद ज्ञापित किया।
समारोह में दिल्ली से आये सभा के अध्यक्ष श्री शंभू जयसिंघाणी और गणमान्य अतिथियों सहित बड़ी
संख्या में कला अनुरागी जन मौजूद थे।सुंदर संचालन पूजा चांदवानी ने किया।
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