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खबरों में बीकानेर 🎤 🌐
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विरासत संवर्द्धन संस्थान, बीकानेर ने किया मुशायरे का आयोजन
गंगाशहर। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 150वीं जयन्ती की पूर्व संध्या पर विरासत संवर्द्धन संस्थान, बीकानेर द्वारा देश के लब्ध प्रतिष्ठित शायरों द्वारा - “शायरी एवं कविता पाठ” का आयोजन टी.एम.ऑडिटोरियम, गंगाशहर में किया गया। इस अवसर पर नईम अख्तर (बुरहानपुरी) ने प्रस्तुती देते हुए कहा “वो मेरे पास आना चाहता-दूर आने से होेकर तेरे पास आया था” सुनाया तो पूरा हॉल वाह-वाही से गूंज उठा। कार्यक्रम का संचालन मशहूर कवि दिनेश रघुवंशी (फरीदाबाद) ने करते हुए अपनी कविता कद किसी का नापने का भीड़ पैमाना नहीं है-जो आइने से चेहरा ना छुपाने वो हमारे साथ” आगे अपने चिरपरिचित अंदाज में पेश कर दर्शकों का दिल जीत लिया। दिनेश रघुवंशी ने बीच-बीच में अपनी सटीक अभिव्यक्तियों से जहां शमा बांधे रखा साथ ही अपनी प्रभावक रचनाएं व मानवीय संदेशों को बखूबी सम्प्रेषित किया। दिल्ली के श्री इकबाल असर ने यही जुनून यही एक ख्वाब मेरा है-आंख तो नम हुई मगर जख्म हरा नही हुआ-मेरे बेटों ऊंगली मत पकड़ो-उसे बचाये कोई कैसे टूट जाने से ने दर्शकों पर जबरदस्त असर किया। आगरा की सुश्री हीना तैमूरी की शायरी इस जमाने में ऐसे बहोत है जिनके चेहरे पे चेहरे बहुत है- तुम भी डूबे-2 थे मैं भी खोई-खोई थी-मंजिलों की बाते तो मंजिलों पर कर लेंगे ने मंत्रमुग्ध कर दिया। मुज्जफरनगर से आए अशोक साहिल की शायरी बदन पे चीथड़ा उस पे नजरें जमाने की-ऐ गम चिपक न जाइयों शैतान की तरह-आदमी पेड़ ही लगाता है फल तेरी रहमातो से आता है। अशोक साहिल ने दर्शकों की जबरदस्त वाह - वाही लूटी। साहिल की शायरी का उल्लेख अमिताभ बच्चन ने ज्ञठब् व श्री कपिल शर्मा ने अपने शो में भी किया। कार्यक्रम मे मालचन्द तिवाड़ी, डॉ.मोहम्मद हूसैन, माहीर, बुनियाद हूसैन, नयनतारा छलाणी, इरसाद अजीज, मंजू कच्छावा आदि ने भी अपनी शानदार प्रस्तुती दी।
आयोजक विरासत संवर्द्धन संस्थान के प्रर्वतक टोरमल लालाणी ने कहा कि गांधी जयंती को निमित बनाकर देश में सभी जाति,धर्म सम्प्रदायों में साम्प्रदायिक सौहार्द के संदेशों को दृष्टिगत रखते हुए इस मुशायरे का आयोजन किया गया है। सर्वप्रथम गांधीजी के प्रिय भजन वैष्णव जन तो तैन कहिए एवं साबरमती के सन्त तुने कर दिया कमाल पं.. पुखराज शर्मा के निर्देशन में उनके विद्यार्थी कलाकारों ने प्रस्तुत किया।
मुशायरे के शुभारम्भ में मां सरस्वती की मूर्ति के आगे दीप प्रज्ज्वलन व महात्मा गांधी व लालबहादूर शास्त्री के चित्र पर माल्यार्पण टोडरमल लालाणी, महापौर नारायण चौपड़ा, पूर्व यूआईटी चेयरमेन महावीर रांका, बीकाजी ग्रुप के चैयरमेन शिवरतन अग्रवाल फन्ना बाबू, जतनलाल दूगड़, सम्पत दूगड़ ने किया। कार्यक्रम का आगाज करते हुए जतनलाल दूगड़ ने संस्थापक टोडरमल लालाणी की कला व संस्कृति के प्रति अप्रितम लगाव व संस्था की गतिविधयों पर प्रकाश डाला। प्रारम्भिक संचालन के पश्चात दूगड़ ने मंच संचालन राष्ट्र स्तरीय कवि दिनेश रघुवंशी को समर्पित किया। मेहमान कलाकारों का स्वागत महापौर नारायण चौपड़ा, मेघराज बोथरा, डॉ.पी.सी.तातेड़, श्री लूणकरण छाजेड़, भैरव प्रसाद कत्थक, हेमन्त डागा, कामेश्वरप्रसाद सहल श्रीमती वर्षा बैंगाणी, धनराज छलाणी, हीरालाल जी बक्शी, सतीश कच्छावा, डॉ. संजीव सहगल, सुरजाराम राजपुरोहित आदि ने पुष्प गुच्छ भेंट करके किया।
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