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स्वाध्याय मतलब अपने आप को जानें - मुनिश्री
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स्वाध्याय मतलब अपने आप को जानें - मुनिश्री
स्वाध्याय दिवस
गंगाशहर 28 अगस्त। पर्युषण महापर्व के दूसरे दिन के कार्यक्रम के विषय स्वाध्याय दिवस पर फरमाते हुए मुनिश्री सुमति कुमार ने कहा कि स्वाध्याय का मतलब है सत्त-साहित्य का स्वाध्याय करना। स्वाध्याय से जीवन ज्ञानावरणीय कर्मो का नाश करता है। स्वाध्याय कर्म निर्जरा का हेतु है। जो व्यक्ति स्वाध्याय करता है उसकी विध्न-बाधाएं दूर हो जाती है। कषाय शांत हो जाता है। स्वाध्याय तन्मयता व एकाग्रता के साथ करना चाहिए व निन्तरता रहनी चाहिए तथा स्वाध्याय कुछ पाने की भावना से करना चाहिए तथा इसी विषय पर फरमाते हुए मुनिश्री आदित्य कुमार ने कहा स्वाध्याय का अर्थ केवल पुस्तके पढ़ना नहीं होता है बल्कि इसका अर्थ है अपने आप को जाने हम अपने आप को कितना जानते है हमारी जीवन शैली मे ऐसे कौनसे तत्व है जिनका विकास हो रहा है। मैं कौन हूँ में कितना धार्मिक हँू मैं अपने जीवन से कितना संतुष्ट व शान्त हो रहा हूँ अपना अवलोकन करें यही है स्वाध्याय।
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गंगाशहर 28 अगस्त। पर्युषण महापर्व के दूसरे दिन के कार्यक्रम के विषय स्वाध्याय दिवस पर फरमाते हुए मुनिश्री सुमति कुमार ने कहा कि स्वाध्याय का मतलब है सत्त-साहित्य का स्वाध्याय करना। स्वाध्याय से जीवन ज्ञानावरणीय कर्मो का नाश करता है। स्वाध्याय कर्म निर्जरा का हेतु है। जो व्यक्ति स्वाध्याय करता है उसकी विध्न-बाधाएं दूर हो जाती है। कषाय शांत हो जाता है। स्वाध्याय तन्मयता व एकाग्रता के साथ करना चाहिए व निन्तरता रहनी चाहिए तथा स्वाध्याय कुछ पाने की भावना से करना चाहिए तथा इसी विषय पर फरमाते हुए मुनिश्री आदित्य कुमार ने कहा स्वाध्याय का अर्थ केवल पुस्तके पढ़ना नहीं होता है बल्कि इसका अर्थ है अपने आप को जाने हम अपने आप को कितना जानते है हमारी जीवन शैली मे ऐसे कौनसे तत्व है जिनका विकास हो रहा है। मैं कौन हूँ में कितना धार्मिक हँू मैं अपने जीवन से कितना संतुष्ट व शान्त हो रहा हूँ अपना अवलोकन करें यही है स्वाध्याय।




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