खबरों में बीकानेर 🎤 🌐
विश्व हैपेटाइटिस दिवस पर हुआ जागरूकता कार्यक्रम
✍️
सच्चाई पढ़ें ।सकारात्मक रहें ।संभावनाएं तलाशें ।
🙏
बीकानेर,28 जुलाई। सरदार पटेल मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग एवं रेडक्राॅस सोसायटी, बीकानेर के तत्वावधान में रविवार को विश्व हैपेटाइटिस दिवस के अवसर पर एक दिवसीय शिक्षण-प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया ।
सरदार पटेल मेडिकल कॉलेज के उप प्राचार्य एवं मेडिसिन विभाग के विभागाध्यक्ष ने डाॅ.लियाकत अली गौरी ने कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कहा कि मेडिसिन विभाग एवं रेडक्राॅस सोसायटी समय-समय पर बीमारियों की रोकथाम के लिए जन जागृति कार्यक्रम आयोजित करते हैं, उन्होंने कहा कि हैपेटाइटिस बी से बचने का सबसे अच्छा तरीका टीकाकरण करवाना और प्रतिदिन काम में आने वाली वस्तुओं को एक दूसरा उपयोग न करें ।
रेडक्राॅस सोसायटी के अध्यक्ष राजेन्द्र जोशी ने प्रशिक्षण के दौरान बताया कि रेडक्राॅस सोसायटी बीकानेर जिले में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य के बारे चेतना जागृत करने, आमजनों को स्वस्थ रहने के तौर-तरीकों से परिचित करवाने का काम करती है। उन्होंने कहा कि आस-पास साफ सफाई का विशेष ध्यान रखें एवं समय पर टीकाकरण करवाए ताकि बीमारी से बचा जा सके। जोशी ने नागरिकों का आह्वान किया कि वह अपने नवजात शिशुओं को जन्म के बाद समय-समय पर हैपेटाइटिस ए व बी का टीकाकरण जरूर करवाए।
इस अवसर पर गैस्ट्रोएंटरोलाॅजिस्ट डॉ आशीष जोशी, डॉ शुशील फलोदिया एवं डॉ विनीता चैधरी ने कहा कि ये एक तरह का संक्रमण रोग है, लीवर की कार्य प्रणाली को बाधित करता है, इसके लक्षण शरीर में थकावट,उल्टी आना, जी मचलाना, शरीर एवं पेशाब का रंग पीला होना आदि शामिल है, इसके होने के अनेक कारण होते है जिसमें हैपेटाइटिस वाइरस इसका मुख्य कारण है, इसके अतिरिक्त शराब, जन्मजात विकार, रसायनिक पदार्थ के कारण भी हो सकता है ।
उन्होंने बताया कि हैपेटाइटिस के मुख्यत पांच प्रकार होते हैं--ए,बी,सी,डी एवं ई कहलाते है जिसमें हैपेटाइटिस बी प्रमुख हैं ।
रेडक्राॅस सोसायटी के सचिव विजय खत्री ने बताया कि हैपेटाइटिस की रोकथाम के लिए बचाव ही उपचार है। उन्होंने कहा कि आज भारत की लगभग 3 प्रतिशत जनसंख्या इससे संक्रमित है। खत्री ने बताया कि सोसायटी साफ सफाई एवं दूषित पानी एवं भोजन की उपयोगी जानकारी के लिए प्रयासरत हैं ।
कार्यक्रम में वरिष्ठ चिकित्सक डॉ बी के गुप्ता, डॉ संजय कोचर, डॉ बी एल मीणा, डॉ कुलदीप सैनी ने भी सम्बोधित किया । सैकड़ों लोगों को हैपेटाइटिस से संबंधित शिक्षण-प्रशिक्षण सामग्री वितरित की गयी । कार्यक्रम में विष्णु शर्मा, अक्षय खत्री, तृपती एवं पूनम कुमार सहित अनेकों लोग उपस्थित थे ।
विश्व हैपेटाइटिस दिवस पर हुआ जागरूकता कार्यक्रम
✍️
खबरों में बीकानेर 🎤 🌐 / twitter, Podcast, YouTube, साहित्य-सभागार के साथ-साथ Facebook, Pinterest, LinkedIn और Instagram पर भी आपकी खबरें Khabron Me Bikaner 🎤
खबरों में बीकानेर 🎤 🌐
विश्व हैपेटाइटिस दिवस पर हुआ जागरूकता कार्यक्रम
✍️
खबरों में बीकानेर 🎤 🌐 खबर :-
विश्व हैपेटाइटिस दिवस पर हुआ जागरूकता कार्यक्रम
✍️
🙏
विश्व हैपेटाइटिस दिवस पर हुआ जागरूकता कार्यक्रम
खबरों में बीकानेर 🎤 🌐
विश्व हैपेटाइटिस दिवस पर हुआ जागरूकता कार्यक्रम
✍️
खबरों में बीकानेर 🎤 🌐 खबर :-
विश्व हैपेटाइटिस दिवस पर हुआ जागरूकता कार्यक्रम
✍️
विश्व हैपेटाइटिस दिवस पर हुआ जागरूकता कार्यक्रम
बीकानेर,28 जुलाई। सरदार पटेल मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग एवं रेडक्राॅस सोसायटी, बीकानेर के तत्वावधान में रविवार को विश्व हैपेटाइटिस दिवस के अवसर पर एक दिवसीय शिक्षण-प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया ।
सरदार पटेल मेडिकल कॉलेज के उप प्राचार्य एवं मेडिसिन विभाग के विभागाध्यक्ष ने डाॅ.लियाकत अली गौरी ने कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कहा कि मेडिसिन विभाग एवं रेडक्राॅस सोसायटी समय-समय पर बीमारियों की रोकथाम के लिए जन जागृति कार्यक्रम आयोजित करते हैं, उन्होंने कहा कि हैपेटाइटिस बी से बचने का सबसे अच्छा तरीका टीकाकरण करवाना और प्रतिदिन काम में आने वाली वस्तुओं को एक दूसरा उपयोग न करें ।
रेडक्राॅस सोसायटी के अध्यक्ष राजेन्द्र जोशी ने प्रशिक्षण के दौरान बताया कि रेडक्राॅस सोसायटी बीकानेर जिले में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य के बारे चेतना जागृत करने, आमजनों को स्वस्थ रहने के तौर-तरीकों से परिचित करवाने का काम करती है। उन्होंने कहा कि आस-पास साफ सफाई का विशेष ध्यान रखें एवं समय पर टीकाकरण करवाए ताकि बीमारी से बचा जा सके। जोशी ने नागरिकों का आह्वान किया कि वह अपने नवजात शिशुओं को जन्म के बाद समय-समय पर हैपेटाइटिस ए व बी का टीकाकरण जरूर करवाए।
इस अवसर पर गैस्ट्रोएंटरोलाॅजिस्ट डॉ आशीष जोशी, डॉ शुशील फलोदिया एवं डॉ विनीता चैधरी ने कहा कि ये एक तरह का संक्रमण रोग है, लीवर की कार्य प्रणाली को बाधित करता है, इसके लक्षण शरीर में थकावट,उल्टी आना, जी मचलाना, शरीर एवं पेशाब का रंग पीला होना आदि शामिल है, इसके होने के अनेक कारण होते है जिसमें हैपेटाइटिस वाइरस इसका मुख्य कारण है, इसके अतिरिक्त शराब, जन्मजात विकार, रसायनिक पदार्थ के कारण भी हो सकता है ।
उन्होंने बताया कि हैपेटाइटिस के मुख्यत पांच प्रकार होते हैं--ए,बी,सी,डी एवं ई कहलाते है जिसमें हैपेटाइटिस बी प्रमुख हैं ।
रेडक्राॅस सोसायटी के सचिव विजय खत्री ने बताया कि हैपेटाइटिस की रोकथाम के लिए बचाव ही उपचार है। उन्होंने कहा कि आज भारत की लगभग 3 प्रतिशत जनसंख्या इससे संक्रमित है। खत्री ने बताया कि सोसायटी साफ सफाई एवं दूषित पानी एवं भोजन की उपयोगी जानकारी के लिए प्रयासरत हैं ।
कार्यक्रम में वरिष्ठ चिकित्सक डॉ बी के गुप्ता, डॉ संजय कोचर, डॉ बी एल मीणा, डॉ कुलदीप सैनी ने भी सम्बोधित किया । सैकड़ों लोगों को हैपेटाइटिस से संबंधित शिक्षण-प्रशिक्षण सामग्री वितरित की गयी । कार्यक्रम में विष्णु शर्मा, अक्षय खत्री, तृपती एवं पूनम कुमार सहित अनेकों लोग उपस्थित थे ।




यहां व्यक्त कीजिए - खबर आपकी नजर में...