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महिला सुरक्षा पर आंतरिक समिति का गठन नहीं होने पर जिला कलक्टर ने जताई नाराजगी
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बीकानेर, 2 जुलाई। कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी विभागों में आंतरिक शिकायत समिति गठन करना अनिवार्य है।
जिला कलक्टर कुमार पाल गौतम ने बताया कि कार्यस्थल पर लैंगिक यौन उत्पीड़न निवारण प्रतिशोध, प्रतितोष) अधिनियम 2013-14 के तहत इस समिति के गठन का प्रावधान है। उन्होंने बताया कि अब तक 18 विभागों में इस समिति का गठन किया जा चुका है। लेकिन सूचना भेजने के बावजूद कई विभागों द्वारा इस सम्बंध में समिति गठित नहीं की गई है तथा इस सम्बंध में सूचना अब तक नहीं भेजी गई है। उन्होंने कहा कि समस्त विभाग अपने कार्यालयों में समिति गठित कर इसकी सूचना तुरंत प्रभाव से भिजवाएं अन्यथा नियमानुसार कड़ी कार्यवाही की जाएगी।
गौतम ने बताया कि विभिन्न विभागीय कार्यालयों में कार्यरत महिलाओं को सुरक्षित और अनुकूल कार्य वातावरण मुहैया करवाना इस समिति का लक्ष्य है। कोई भी महिला अपने साथ लैंगिक उत्पीड़न की शिकायत स्वयं या उसका नातेदार या मित्र, सहकर्मी, राष्ट्रीय महिला आयोग या राज्य महिला आयोग का कोई अधिकारी अथवा व्यथिम महिला की लिखित सम्मति से कोई ऐसा व्यक्ति जिसे घटना की जानकारी है, के माध्यम कर सकती है।
जिला कलक्टर ने बताया कि किसी भी प्रकार की प्रताड़ना की स्थिति में महिलाओं को अविलम्ब राहत देने के लिए सखी वन स्टाॅप सेंटर संचालित किया जा रहा है। इस सेंटर में 14 प्रकरण प्राप्त हुए, इनमें से 7 प्रकरणों में समझौता करवाया गया जबकि 7 प्रकरण प्रक्रियाधीन है। महिला सुरक्षा एवं सलाह केन्द्र भी नियमित रूप से महिलाओं की काउसलिंग सुविधा उपलब्ध करवा रहा है। उन्होंने बताया कि जनवरी से मई माह तक 57 प्रकरण प्राप्त हुए हैं। इनमें से 21 प्रकरणों में राजीनामा किया गया, जबकि 23 प्रकरण प्रक्रियाधीन है।
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महिला सुरक्षा पर आंतरिक समिति का गठन नहीं होने पर जिला कलक्टर ने जताई नाराजगी
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कार्यस्थलों पर महिला सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश
जिला कलक्टर कुमार पाल गौतम ने बताया कि कार्यस्थल पर लैंगिक यौन उत्पीड़न निवारण प्रतिशोध, प्रतितोष) अधिनियम 2013-14 के तहत इस समिति के गठन का प्रावधान है। उन्होंने बताया कि अब तक 18 विभागों में इस समिति का गठन किया जा चुका है। लेकिन सूचना भेजने के बावजूद कई विभागों द्वारा इस सम्बंध में समिति गठित नहीं की गई है तथा इस सम्बंध में सूचना अब तक नहीं भेजी गई है। उन्होंने कहा कि समस्त विभाग अपने कार्यालयों में समिति गठित कर इसकी सूचना तुरंत प्रभाव से भिजवाएं अन्यथा नियमानुसार कड़ी कार्यवाही की जाएगी।
गौतम ने बताया कि विभिन्न विभागीय कार्यालयों में कार्यरत महिलाओं को सुरक्षित और अनुकूल कार्य वातावरण मुहैया करवाना इस समिति का लक्ष्य है। कोई भी महिला अपने साथ लैंगिक उत्पीड़न की शिकायत स्वयं या उसका नातेदार या मित्र, सहकर्मी, राष्ट्रीय महिला आयोग या राज्य महिला आयोग का कोई अधिकारी अथवा व्यथिम महिला की लिखित सम्मति से कोई ऐसा व्यक्ति जिसे घटना की जानकारी है, के माध्यम कर सकती है।
जिला कलक्टर ने बताया कि किसी भी प्रकार की प्रताड़ना की स्थिति में महिलाओं को अविलम्ब राहत देने के लिए सखी वन स्टाॅप सेंटर संचालित किया जा रहा है। इस सेंटर में 14 प्रकरण प्राप्त हुए, इनमें से 7 प्रकरणों में समझौता करवाया गया जबकि 7 प्रकरण प्रक्रियाधीन है। महिला सुरक्षा एवं सलाह केन्द्र भी नियमित रूप से महिलाओं की काउसलिंग सुविधा उपलब्ध करवा रहा है। उन्होंने बताया कि जनवरी से मई माह तक 57 प्रकरण प्राप्त हुए हैं। इनमें से 21 प्रकरणों में राजीनामा किया गया, जबकि 23 प्रकरण प्रक्रियाधीन है।
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