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पीबीएम अस्पताल में 15 लाख 37 हजार रुपए की लागत से बनने वाली टी बी जांच की उच्चतम स्तर की लैब के लिए सांसद निधि कोष से पैसा उपलब्ध करवाया जाएगा
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पीबीएम अस्पताल में 15 लाख 37 हजार रुपए की लागत से बनने वाली टी बी जांच की उच्चतम स्तर की लैब के लिए सांसद निधि कोष से पैसा उपलब्ध करवाया जाएगा
बीकानेर, 27 जुलाई। केन्द्रीय संसदीय कार्य राज्यमंत्री अर्जुनराम मेघवाल ने कहा कि बीकानेर के पीबीएम अस्पताल में 15 लाख 37 हजार रुपए की लागत से बनने वाली टी बी जांच की उच्चतम स्तर की लैब के लिए सांसद निधि कोष से पैसा उपलब्ध करवाया जाएगा, इस धनराशि से आधारभुत सुविधाएं विकसित की जाएंगी। मेघवाल शनिवार को टीबी मुक्त बीकानेर पर आयोजित संगोष्ठी में सरदार पटेल मेडिकल कॉलेज में मुख्य वक्ता के रूप में बोल रहे थे।
केंद्रीय राज्य मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यह सोच है कि 2025 तक भारत टीबी मुक्त हो जाए । उसी क्रम में प्रधानमंत्री के आदेशों की पालना में सभी मंत्री और सांसद टीबी मुक्त भारत के लिए क्षेत्र में होने वाले कार्यों तथा उसमें गुणात्मक सुधार के लिए सभी अपने-अपने क्षेत्र में आवश्यक कार्यवाही करवाने की कौशिश कर रहे है। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन कर टीबी मुक्त भारत की दिशा में ठोस कार्यवाई शीघ्र हो सके इसलिए अपने अपने क्षेत्र का भ्रमण कर संपूर्ण व्यवस्था चाक-चैबंद कर रहे हैं।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि टीबी मुक्त बीकानेर के लिए सरकार द्वारा तो आवश्यक कार्यवाही की जा रही है और संसाधन भी उपलब्ध करवाए जा रहे हैं, साथ ही और साधन बेहतर सुविधा मिले इसके लिए हम सभी को विभिन्न भामाशाह और मल्टीनेशनल कंपनियों के संयोग से उनके द्वारा सीएसआर के तहत होने वाले कार्यों के तहत आर्थिक इमदाद भी लेने के लिए प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने संगोष्ठी के दौरान उपस्थित टीबी के तीन मरीजों से बातचीत भी की और उन्हें उपलब्ध होने वाली दवाओं और इलाज के बारे में जानकारी हासिल की।
मेघवाल ने संगोष्ठी में अपने उद्बोधन में कहा कि जनप्रतिनिधि और चिकित्सक के साथ-साथ आम आदमी भी लोगों को यह समझाइश करें कि की टी बी कोई ऐसी बीमारी नहीं है जिसका इलाज संभव नहीं है। टीबी का ईलाज लगातार दवा लेने से हो सकता है, चिकित्सकों को चाहिए कि वे मानवीय दृष्टिकोण का ध्यान में रखते हुए घर घर जाकर टी बी के रोगियों को दवा आदि समय-समय पर उपलब्ध करवाते रहें।
संगोष्ठी में क्षय रोग चिकित्सालय के विभागाध्यक्ष सीएस मोदी ने अपने प्रस्तुतीकरण में बताया कि टीबी रोग के इलाज में पूर्ण सतर्कता बरती जा रही है। बीकानेर मुख्यालय पर स्थित पीबीएम अस्पताल सहित जिले की सभी पीएससी एवं सीएससी सहित 13 डिस्पेंसरी में टीबी का इलाज किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि बीकानेर में स्थित 20 निजी चिकित्सालय भी टीबी के इलाज में पूरा सहयोग प्रदान कर रहे है।
इस संगोष्ठी में सरदार पटेल मेडिकल काॅलेज के प्राचार्य डाॅ. एच एस कुमार, अतिरिक्त प्राचार्य डाॅ. एल ए गौरी, अधीक्षक पीबीएम चिकित्सालय डाॅ. पी के बेरवाल, डाॅ. रंजन माथुर, डाॅ गुजन सोनी, जिला क्षय रोग अधिकारी एवं समस्त विभागों के विभागाध्यक्ष इस संगोष्ठी में उपस्थित थे।
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पीबीएम अस्पताल में 15 लाख 37 हजार रुपए की लागत से बनने वाली टी बी जांच की उच्चतम स्तर की लैब के लिए सांसद निधि कोष से पैसा उपलब्ध करवाया जाएगा
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पीबीएम अस्पताल में 15 लाख 37 हजार रुपए की लागत से बनने वाली टी बी जांच की उच्चतम स्तर की लैब के लिए सांसद निधि कोष से पैसा उपलब्ध करवाया जाएगा
बीकानेर, 27 जुलाई। केन्द्रीय संसदीय कार्य राज्यमंत्री अर्जुनराम मेघवाल ने कहा कि बीकानेर के पीबीएम अस्पताल में 15 लाख 37 हजार रुपए की लागत से बनने वाली टी बी जांच की उच्चतम स्तर की लैब के लिए सांसद निधि कोष से पैसा उपलब्ध करवाया जाएगा, इस धनराशि से आधारभुत सुविधाएं विकसित की जाएंगी। मेघवाल शनिवार को टीबी मुक्त बीकानेर पर आयोजित संगोष्ठी में सरदार पटेल मेडिकल कॉलेज में मुख्य वक्ता के रूप में बोल रहे थे।
केंद्रीय राज्य मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यह सोच है कि 2025 तक भारत टीबी मुक्त हो जाए । उसी क्रम में प्रधानमंत्री के आदेशों की पालना में सभी मंत्री और सांसद टीबी मुक्त भारत के लिए क्षेत्र में होने वाले कार्यों तथा उसमें गुणात्मक सुधार के लिए सभी अपने-अपने क्षेत्र में आवश्यक कार्यवाही करवाने की कौशिश कर रहे है। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन कर टीबी मुक्त भारत की दिशा में ठोस कार्यवाई शीघ्र हो सके इसलिए अपने अपने क्षेत्र का भ्रमण कर संपूर्ण व्यवस्था चाक-चैबंद कर रहे हैं।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि टीबी मुक्त बीकानेर के लिए सरकार द्वारा तो आवश्यक कार्यवाही की जा रही है और संसाधन भी उपलब्ध करवाए जा रहे हैं, साथ ही और साधन बेहतर सुविधा मिले इसके लिए हम सभी को विभिन्न भामाशाह और मल्टीनेशनल कंपनियों के संयोग से उनके द्वारा सीएसआर के तहत होने वाले कार्यों के तहत आर्थिक इमदाद भी लेने के लिए प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने संगोष्ठी के दौरान उपस्थित टीबी के तीन मरीजों से बातचीत भी की और उन्हें उपलब्ध होने वाली दवाओं और इलाज के बारे में जानकारी हासिल की।
मेघवाल ने संगोष्ठी में अपने उद्बोधन में कहा कि जनप्रतिनिधि और चिकित्सक के साथ-साथ आम आदमी भी लोगों को यह समझाइश करें कि की टी बी कोई ऐसी बीमारी नहीं है जिसका इलाज संभव नहीं है। टीबी का ईलाज लगातार दवा लेने से हो सकता है, चिकित्सकों को चाहिए कि वे मानवीय दृष्टिकोण का ध्यान में रखते हुए घर घर जाकर टी बी के रोगियों को दवा आदि समय-समय पर उपलब्ध करवाते रहें।
संगोष्ठी में क्षय रोग चिकित्सालय के विभागाध्यक्ष सीएस मोदी ने अपने प्रस्तुतीकरण में बताया कि टीबी रोग के इलाज में पूर्ण सतर्कता बरती जा रही है। बीकानेर मुख्यालय पर स्थित पीबीएम अस्पताल सहित जिले की सभी पीएससी एवं सीएससी सहित 13 डिस्पेंसरी में टीबी का इलाज किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि बीकानेर में स्थित 20 निजी चिकित्सालय भी टीबी के इलाज में पूरा सहयोग प्रदान कर रहे है।
इस संगोष्ठी में सरदार पटेल मेडिकल काॅलेज के प्राचार्य डाॅ. एच एस कुमार, अतिरिक्त प्राचार्य डाॅ. एल ए गौरी, अधीक्षक पीबीएम चिकित्सालय डाॅ. पी के बेरवाल, डाॅ. रंजन माथुर, डाॅ गुजन सोनी, जिला क्षय रोग अधिकारी एवं समस्त विभागों के विभागाध्यक्ष इस संगोष्ठी में उपस्थित थे।
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