मलेरिया-डेंगू-स्वाइन फ्लू-टीबी नोटिफाएबल डिजीज में शामिल
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मलेरिया-डेंगू-स्वाइन फ्लू-टीबी नोटिफाएबल डिजीज में शामिल
केस मिलते ही विभाग को रिपोर्ट करेंगे निजी अस्पताल व लैब
बीकानेर। सरकार द्वारा जारी अधिसूचना द्वारा राजस्थान में मलेरिया-डेंगू-स्वाइन फ्लू-टीबी को नोटिफाएबल डिजीज घोषित किया जा चुका है और निजी अस्पतालों व लैब को इन बीमारियों के रोगी मिलते ही स्वास्थ्य विभाग को सूचित करना अनिवार्य है। इन बीमारियों की जांच व उपचार में तय प्रोटोकॉल की पालना अत्यावश्यक है चाहे वो सरकारी अस्पताल हो या निजी और चाहे निजी लैब। गुरूवार को इसे लेकर स्वास्थ्य भवन सभागार में निजी अस्पतालों व लैब संचालकों की बैठक आयोजित की गई। बैठाक में सीएमएचओ डॉ. देवेन्द्र चौधरी ने गजट अधिसूचना की पालना करने और स्वास्थ्य विभाग से पूर्ण समन्वय के साथ इन बीमारियों से समाज को बचाने का आह्वान किया। उन्होंने मौसमी बीमारियों की सर्विलांस से सम्बंधित साप्ताहिक रिपोर्ट तय फोर्मेट में नियमित रूप से भेजने के निर्देश दिए ताकि बीमारियों को लेकर जिला प्रशासन को वास्तविक स्थिति से अवगत करवाया जा सके और नियंत्रण किया जा सके। डॉ. चौधरी ने क्लिनिकल एस्टाब्लिश्मेंट एक्ट की कड़ाई से पालना करने और श्रेणीवार आवश्यक मानदंडों अनुसार सेवाएं देने के निर्देश भी दिए।
एपिडेमियोलोजिस्ट नीलम प्रताप सिंह व डाटा मेनेजर महेंद्र कुमार ने पीपीटी द्वारा साप्ताहिक रिपोर्ट के फॉर्म पी व एल की विस्तृत जानकारी दी गई। मनोज आचार्य ने मलेरिया-डेंगू-स्वाइन फ्लू के केस प्रबंधन की प्रक्रिया समझाई। डीएनओ मनीष गोस्वामी व नेहा शेखावत ने निजी अस्पतालों में हो रहे प्रसवों तथा टीकाकरण की पूरी रिपोर्ट नियमित विभाग को भेजने पर जोर दिया। बैठक में इन्द्रजीत सिंह ढाका, दिनेश श्रीमाली, उमेश व्यास सहित बीकानेर शहरी क्षेत्र के निजी अस्पतालों व लैब संचालकों ने भाग लिया।




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