खबरों में बीकानेर 🎤 🌐 / twitter, Podcast, YouTube, साहित्य-सभागार के साथ-साथ Facebook, Pinterest, LinkedIn और Instagram पर भी आपकी खबरें
Khabron Me Bikaner 🎤
.. 👇
संगीत आत्मसात करने के गुर बारीकी से सिखाए
👇
👇 👇 👇 👇 👇 👇
विज्ञापन के लिए संपर्क करें 📞 आपके विज्ञापन को हम न्यूज मैटर के साथ पोस्ट करते हैं।
👇 खबरों में बीकानेर 🎤 🌐 ✍️ 👇👇 👇 🎤🤜 👇👆👇 👆👇☝️ .. 👇👇 👇 👇👇 👇
👇👇
👇
.....
. ✍️ *फोटो लॉन* 📷🎬📸☑️*** ******🙏 👍🙏 👇👇
......
......
.....
...
.....
. ✍️ *फोटो लॉन* 📷🎬📸 ☑️***** ****🙏👍 🙏 खबरों में बीकानेर 🎤 🌐 ✍️ ... 👇 👇👇 खबर :- ✍️
संगीत आत्मसात करने के गुर बारीकी से सिखाए
श्री संगीत कला केंद्र, नई लाईन, करनाणी मौहल्ला, गंगाशहर, बीकानेर
21 अप्रेल | श्री संगीत कला केंद्र नई लाईन, करनाणी मौहल्ला, गंगाशहर और विरासत संवर्धन संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में 21 वीं मासिक संगीत सभा को संबोधित करते हुए कार्यक्रम के मुख्य अतिथि, संगीत को समर्पित व्यक्तित्व, राजस्थान के जाने-माने लघु कथाकार अशफाक कादरी ने कहा कि डॉ.मुरारी शर्मा संगीत का चलता-फिरता विश्वविधालय थे जिनकी जड़ें बहुत गहरे तक समाई हुई थी, उनके मार्गदर्शन में बीकानेर ने संगीत को ऊंचाईयां प्रदान की | विशिष्ठ अतिथि राजाराम स्वर्णकार ने कहा कि डॉ.मुरारी शर्मा ने अपना पूरा जीवन संगीत की पारम्परिक शैली को बनाए रखने हेतु अर्पित कर दिया | डॉ.जयचंद्र शर्मा जन्म शताब्दी वर्ष चल रहा है, पूरे वर्षभर के मासिक कार्यक्रमों की लिस्ट तैयार थी, जनवरी में अचानक से मुरारीजी की तबियत खराब हो गयी उन्हें स्वास्थ्य लाभ हेतु अस्पताल में भर्ती करना पड़ा | वहां भी उन्हें उस मास के आयोजन की चिंता थी और छुट्टी लेकर घर आते ही कार्यक्रम आयोजित कर लिया | कहने का तात्पर्य यह है कि जो काम करना है उसे समयबद्ध पूर्ण करने हेतु वे समर्पित रहा करते थे | केंद्र के पुखराज शर्मा ने कहा गंगाशहर में यह संगीत कला केंद्र गुरूजी डॉ.मुरारीजी की ही देन है | डॉ.मुरारीजी ने इस संगीत सभा के माध्यम से संगीत के विद्यार्थियों को संगीत आत्मसात करने के गुर बारीकी से सिखाए | यह संगीत कला केंद्र उनके मार्गदर्शन का ऋणी रहेगा | अध्यक्षता करते हुए डालचंद सेवग ने कहा कि आज की यह संगीत सभा डॉ.मुरारी शर्मा को समर्पित है | सेवग ने संगीत विद्यार्थियों से आह्वान किया कि डॉ. मुरारी शर्मा के शांत एवं स्नेहिल स्वभाव को आत्मसात करने की जरूरत है | कार्यक्रम की शुरूआत में अतिथियों ने मां सरस्वती और डॉ.मुरारी शर्मा के चित्र पर पुष्पांजलि कर, दीप प्रज्वलित किया | पुखराज शर्मा ने गणेश वन्दना से कार्यक्रम की शुरुआत की | सुनीता स्वामी ने- तोरा मन दरपन कहलाए, उर्मिला शर्मा ने- घड़ी एक ना आवडे, अंजलि खतुरिया ने- सूरता दीनानाथ सूं लागी, सोमेश ने दरश बिना दुखन लागै नैन, मुकेश चांवरिया-तनिक हरि चितवो जी, लता मलघट ने मेरे तो गिरधर गोपाल, मधु तिवारी ने- सांवरिया अर्ज मींरा री सुण, मानसी तिवारी ने- मैं तो तेरी शरण पड़ी, नूतन सुराणा ने- जागो बंशी वाले ललना, लोपामुद्रा आचार्य ने तुम बिन मोरी कौन खबर ले, ओमप्रकाश पंचारिया ने- बाजे रे मुरलिया बाजे, कंचन बिठू – साँचो तेरो नाम, प्रिया खत्री ने-पियाजी म्हारै नैनां असुवन की धार | कार्यक्रम में कमल, कशिश आचार्य, बजरंग जोशी, किरण सैन और मनोज चारण ने भी निर्गुण भजन प्रस्तुत किए | तबले पर गुलाम हुसैन / ताहिर हुसैन और ओक्टोपेड पर शहादत अली ने संगत की | कार्यक्रम में मोहनलाल मारू, प्रख्यात लोकगायिका राजकुमारी मारू ने भी अपने विचार रखे | नृत्यांगना राजभारती शर्मा ने अपने गुरूजी मुरारीजी की अच्छी सीख को बताते हुए सभी के प्रति आभार माना | कार्यक्रम का संचालन आकांक्षा भोजक एवं मानसी तिवाड़ी ने किया | परम आत्मा की शान्ति हेतु अंत में दो मिनट का मौन रखा गया |
👇☝️
...
.....
👇👇👇
संगीत आत्मसात करने के गुर बारीकी से सिखाए
👇
👇 👇 👇 👇 👇 👇
👇 👇 👇 👇 👇 👇
विज्ञापन के लिए संपर्क करें 📞 आपके विज्ञापन को हम न्यूज मैटर के साथ पोस्ट करते हैं।
👇 खबरों में बीकानेर 🎤 🌐 ✍️ 👇👇 👇 🎤🤜 👇👆👇 👆👇☝️ .. 👇👇 👇 👇👇 👇
.....
. ✍️ *फोटो लॉन* 📷🎬📸☑️*** ******🙏 👍🙏 👇👇
......
......
.....
...
.....
. ✍️ *फोटो लॉन* 📷🎬📸 ☑️***** ****🙏👍 🙏 खबरों में बीकानेर 🎤 🌐 ✍️ ... 👇 👇👇 खबर :- ✍️
संगीत आत्मसात करने के गुर बारीकी से सिखाए
श्री संगीत कला केंद्र, नई लाईन, करनाणी मौहल्ला, गंगाशहर, बीकानेर
21 अप्रेल | श्री संगीत कला केंद्र नई लाईन, करनाणी मौहल्ला, गंगाशहर और विरासत संवर्धन संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में 21 वीं मासिक संगीत सभा को संबोधित करते हुए कार्यक्रम के मुख्य अतिथि, संगीत को समर्पित व्यक्तित्व, राजस्थान के जाने-माने लघु कथाकार अशफाक कादरी ने कहा कि डॉ.मुरारी शर्मा संगीत का चलता-फिरता विश्वविधालय थे जिनकी जड़ें बहुत गहरे तक समाई हुई थी, उनके मार्गदर्शन में बीकानेर ने संगीत को ऊंचाईयां प्रदान की | विशिष्ठ अतिथि राजाराम स्वर्णकार ने कहा कि डॉ.मुरारी शर्मा ने अपना पूरा जीवन संगीत की पारम्परिक शैली को बनाए रखने हेतु अर्पित कर दिया | डॉ.जयचंद्र शर्मा जन्म शताब्दी वर्ष चल रहा है, पूरे वर्षभर के मासिक कार्यक्रमों की लिस्ट तैयार थी, जनवरी में अचानक से मुरारीजी की तबियत खराब हो गयी उन्हें स्वास्थ्य लाभ हेतु अस्पताल में भर्ती करना पड़ा | वहां भी उन्हें उस मास के आयोजन की चिंता थी और छुट्टी लेकर घर आते ही कार्यक्रम आयोजित कर लिया | कहने का तात्पर्य यह है कि जो काम करना है उसे समयबद्ध पूर्ण करने हेतु वे समर्पित रहा करते थे | केंद्र के पुखराज शर्मा ने कहा गंगाशहर में यह संगीत कला केंद्र गुरूजी डॉ.मुरारीजी की ही देन है | डॉ.मुरारीजी ने इस संगीत सभा के माध्यम से संगीत के विद्यार्थियों को संगीत आत्मसात करने के गुर बारीकी से सिखाए | यह संगीत कला केंद्र उनके मार्गदर्शन का ऋणी रहेगा | अध्यक्षता करते हुए डालचंद सेवग ने कहा कि आज की यह संगीत सभा डॉ.मुरारी शर्मा को समर्पित है | सेवग ने संगीत विद्यार्थियों से आह्वान किया कि डॉ. मुरारी शर्मा के शांत एवं स्नेहिल स्वभाव को आत्मसात करने की जरूरत है | कार्यक्रम की शुरूआत में अतिथियों ने मां सरस्वती और डॉ.मुरारी शर्मा के चित्र पर पुष्पांजलि कर, दीप प्रज्वलित किया | पुखराज शर्मा ने गणेश वन्दना से कार्यक्रम की शुरुआत की | सुनीता स्वामी ने- तोरा मन दरपन कहलाए, उर्मिला शर्मा ने- घड़ी एक ना आवडे, अंजलि खतुरिया ने- सूरता दीनानाथ सूं लागी, सोमेश ने दरश बिना दुखन लागै नैन, मुकेश चांवरिया-तनिक हरि चितवो जी, लता मलघट ने मेरे तो गिरधर गोपाल, मधु तिवारी ने- सांवरिया अर्ज मींरा री सुण, मानसी तिवारी ने- मैं तो तेरी शरण पड़ी, नूतन सुराणा ने- जागो बंशी वाले ललना, लोपामुद्रा आचार्य ने तुम बिन मोरी कौन खबर ले, ओमप्रकाश पंचारिया ने- बाजे रे मुरलिया बाजे, कंचन बिठू – साँचो तेरो नाम, प्रिया खत्री ने-पियाजी म्हारै नैनां असुवन की धार | कार्यक्रम में कमल, कशिश आचार्य, बजरंग जोशी, किरण सैन और मनोज चारण ने भी निर्गुण भजन प्रस्तुत किए | तबले पर गुलाम हुसैन / ताहिर हुसैन और ओक्टोपेड पर शहादत अली ने संगत की | कार्यक्रम में मोहनलाल मारू, प्रख्यात लोकगायिका राजकुमारी मारू ने भी अपने विचार रखे | नृत्यांगना राजभारती शर्मा ने अपने गुरूजी मुरारीजी की अच्छी सीख को बताते हुए सभी के प्रति आभार माना | कार्यक्रम का संचालन आकांक्षा भोजक एवं मानसी तिवाड़ी ने किया | परम आत्मा की शान्ति हेतु अंत में दो मिनट का मौन रखा गया |
👇☝️
...
.....
👇👇👇












Howdy just wanted to give you a quick heads up.
ReplyDeleteThe text in your article seem to be running off the screen in Chrome.
I'm not sure if this is a format issue or something to
do with browser compatibility but I thought I'd post to let you know.
The layout look great though! Hope you get the problem solved soon. Kudos