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28 जनवरी 2026 बुधवार
खबरों में बीकानेर
✒️@Mohan Thanvi
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वीडियो देखें - UGC : सरजी, सामाजिक समरसताओं के प्रतीकों से ऐसा UGC सामने आ रहा है...!! भ्रम है तो दूर कीजिए...
बीकानेर में केंद्रीय मंत्रियों से सामान्य वर्ग के प्रतिनिधियों ने विनम्रता से संबंधित विनिमय की खामियां दूर करने की अपील की
बीकानेर 28 जनवरी 2026 बुधवार
UGC विनियम 2026 पर केंद्रीय मंत्रीगण को विप्र फाउंडेशन का ज्ञापन
आज 28 जनवरी 2026 बुधवार को विप्र फाउंडेशन द्वारा UGC (Promotion of Equity in Higher Education Institutions) Regulations, 2026 के संबंध में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान एवं केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल को ज्ञापन सौंपा गया। यह ज्ञापन मंत्रीगण को बीकानेर आगमन के दौरान प्रस्तुत किया गया, जिसमें उक्त विनियम की प्रासंगिकता, सामाजिक प्रभाव तथा संभावित दुरुपयोग को लेकर गंभीर चिंताएँ व्यक्त की गईं।
ज्ञापन के माध्यम से अवगत कराया गया कि UGC विनियम 2026 का उद्देश्य भले ही उच्च शिक्षा संस्थानों में समान अवसर एवं भेदभाव-रहित वातावरण सुनिश्चित करना बताया गया हो, किंतु इसके कुछ प्रावधान व्यवहार में सामाजिक समरसता को प्रभावित कर सकते हैं। प्रतिनिधिमंडल ने यह भी रेखांकित किया कि अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के संरक्षण हेतु पहले से ही संविधान, आरक्षण नीति, SC/ST (Prevention of Atrocities) Act एवं विभिन्न न्यायिक निर्देशों के रूप में पर्याप्त कानून उपलब्ध हैं। ऐसे में इस प्रकार के नए, अत्यधिक जाति-केंद्रित विनियम की आवश्यकता एवं उसकी प्रासंगिकता पर पुनर्विचार आवश्यक है।
ज्ञापन में यह आशंका भी व्यक्त की गई कि उक्त विनियम अपने उद्देश्य के विपरीत जातिवाद को समाप्त करने के बजाय उसे संस्थागत स्वरूप प्रदान कर सकता है तथा फर्जी अथवा दुर्भावनापूर्ण शिकायतों के माध्यम से निर्दोष व्यक्तियों को प्रताड़ित किए जाने की संभावनाएँ बढ़ सकती हैं। साथ ही यह भी आग्रह किया गया कि विनियम की शब्दावली एवं संरचना सामाजिक समरसता को बढ़ाने के बजाय जातियों के मध्य दूरी, अविश्वास एवं वैर-भाव को बढ़ावा देने वाली प्रतीत होती है, जिस पर गंभीरतापूर्वक पुनर्विचार किया जाना चाहिए।
प्रतिनिधिमंडल द्वारा यह मांग की गई कि UGC विनियम 2026 में फर्जी शिकायतों पर दंडात्मक प्रावधान, स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच तंत्र, अभियुक्त पक्ष को प्रभावी सुनवाई एवं अपील का अधिकार तथा सभी वर्गों के लिए समान दुरुपयोग-रोधी सुरक्षा सुनिश्चित की जाए, ताकि सामाजिक सौहार्द, संवैधानिक मूल्य एवं राष्ट्रीय एकता अक्षुण्ण रह सके।
ज्ञापन सौंपते समय उपस्थित पदाधिकारियों ने आशा व्यक्त की कि केंद्रीय मंत्रीगण इस विषय को गंभीरता से लेते हुए संबंधित मंत्रालय एवं UGC स्तर पर आवश्यक पहल करेंगे तथा विनियम 2026 के विवादित प्रावधानों पर पुनर्विचार कर सामाजिक समरसता एवं राष्ट्रीय हित में उचित निर्णय लिया जाएगा।
इस अवसर पर ज्ञापन देने वालों में राष्ट्रीय सचिव भंवर पुरोहित, प्रदेश अध्यक्ष धनसुख सारस्वत, संगठन महामंत्री दीपक हर्ष, सचिव नारायण पारीक, पूर्व पार्षद सुशील व्यास, जिला अध्यक्ष किशन जोशी, संगठन महामंत्री अमित व्यास, युवा अध्यक्ष सुनील मिश्रा, जिला युवा अध्यक्ष पंकज पीपलवा, रामस्वरूप हर्ष, युवा राज व्यास, केशव सांखी, विशाल आचार्य, जितेंद्र बिस्सा, नारायण भदानी एवं रामरतन पुरोहित सहित विप्र फाउंडेशन के अनेक पदाधिकारी एवं सदस्यगण उपस्थित रहे।





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