*खबरों में बीकानेर*
चुनाव : पर्दे के पीछे - बागी कोई रास्ता देख रहे हैं, बंद दरवाजे खुल रहे हैं...!
चुनाव : पर्दे के पीछे - बागी कोई रास्ता देख रहे हैं, बंद दरवाजे खुल रहे हैं...!
- मोहन थानवी
टिकट विंडो पर अब दोनों दलों की ओर से हाउसफुल का बोर्ड लगभग टांगा जा चुका है। लेकिन टिकट-वेदना से बंद हुए दरवाजे को खोलने की जुगत दोनों तरफ से जारी है। बागी नेताओं की तरफ से भी और दलों की तरफ से भी।
खबरें ऐसी भी सुनाई दे रही है की कुछ कांग्रेस के बागी नेता भाजपा में तो कहीं कुछ भाजपा के बागी नेता कांग्रेस में आज-कल में शामिल हो रहे हैं। लेकिन साथ ही मान मनौव्वल का दौर भी जारी है जो वीकेंड तक चलने के बाद तेज होती राजनीतिक हलचल के रूप में सामने आ सकता है।
सर्वविदित है कि बीते कुछ दिनों से भाजपा और कांग्रेस दोनों पार्टियां बागियों की गतिविधियों से अछूती नहीं रही है। मामला टिकट को लेकर कहीं सामने आया तो कहीं ऐसा होने का आभास हुआ। अब जबकि दोनों दलों द्वारा लगभग सभी सीटों पर प्रत्याशी तय किया जा चुके हैं ऐसे में बागी तेवर दिखाने वाले नेताओं तक पार्टी लाइन के अनुसार चलने के संदेश पहुंच रहे हैं।
तो कहीं कुछ अधिक पावर रखने वाले बागी नेता अपनी पार्टी छोड़ने की तैयारी को अंतिम रूप देने के अंतिम निर्णय की रूपरेखा पर अटके हुए हैं। हालांकि नाम निर्देशन 6 नवंबर तक किए जाने की सुविधा है।
ऐसे में जानकार 4 और 5 नवंबर की तारीखें सरगर्मियों से लबरेज रहेंगी ऐसा संकेत मान रहे हैं। ऐसे में शेष दिनों में पर्दे के पीछे हो रही हलचल से पर्दा हटेगा और पर्दे के पीछे से कुछ परछाइयां रोशनी में नजर आएंगी।
इनमें कुछ निर्दलीय उम्मीदवार बनी तो कुछ सुखद भविष्य के आश्वासनों से हंसती-मुस्कुराती नई पारी शुरू करती दिख सकती हैं। ऐसे कयास राजनीति के जानकार लगा रहे हैं कि आजकल में ही दल बदले जाएंगे। वीकेंड पर दल बदलने की खबरें आने का अंदेशा न के बराबर है।





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