सरकार की ओर से स्वयं सहायता समूह को अलग-अलग स्तर पर विभिन्न प्रकार के लाभों एवं योजनाओं से जोड़ा है। जरूरतमंद महिलाएं समूह का गठन करके छोटी-छोटी बचत के साथ स्वरोजगार अपनाकर आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर हो सकती है। ये जानकारी राष्टीय आजीविका मिशन, नगर निगम बीकानेर के सामुदायिक संगठक राकेश छींपा एवं अंकित गहलोत ने कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय भारत सरकार से वित्त पोषित एवं बीकानेर प्रौढ़ शिक्षण समिति, बीकानेर द्वारा संचालित जन शिक्षण संस्थान, बीकानेर की ओर से आयोजित स्वयं सहायता समूह अभिमुखीकरण कार्यक्रम में दी।
संस्थान के निदेशक ओमप्रकाश सुथार ने कहा कि कौशल का उपयोग तभी सार्थक होगा जब हम किसी वित्तीय सहायता की योजना से जुड़कर उस कौशल को स्वरोजगार में बदलेगें।
कार्यक्रम अधिकारी महेश उपाध्याय ने बताया कि संस्थान के माध्यम से प्रतिवर्ष 1800 लोगों को कौशल विकास से जोड़ जाता है। स्वयं सहायता समूह के माध्यम से बचत की आदत का विकास और फिर जमा धन राशि के साथ सरकार द्वारा दी गई सहायता से महिलाएं आत्मनिर्भर बन सकती है।
कार्यक्रम सहायक तलत रियाज़ ने स्वयं सहायता समूह का लक्ष्य आत्मनिर्भर होना बताया। कार्यक्रम सहायक उमाशंकर आचार्य ने आगन्तुकों को धन्यवाद एवं आभार व्यक्त किया। संस्थान के श्रीमोहन आचार्य का सहयोग सराहनीय रहा। इस अभिमुखीकरण में संस्थान के संदर्भ व्यक्ति आशना, रेशमा वर्मा, वहीदा खातुन, शबीना, ममता पंवार, मीना तंवर, शान्ति सिरोहिया, शमशाद बानो, सपना गहलोत, और शारदा गहलोत ने स्वयं सहायता सम्बंधित सवाल पूछकर अपनी शंकाऐं दूर की।


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