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✍🏻स्काउट्स एंड गाइड्स व स्कुली छात्र-छात्राओं ने निकाली रैली, बाल विवाह न करने का संदेश दिया
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स्काउट्स एंड गाइड्स व स्कुली छात्र-छात्राओं ने निकाली रैली, बाल विवाह न करने का संदेश दिया
बीकानेर
अक्षय तृतीय (आखातीज)/पीपल पूर्णिमा के अवसर पर बाल विवाह रोकथाम हेतु आमजन को जागरूक करने हेतु स्काउट्स एंड गाईड्स व स्कुली छात्र-छात्राओं द्वारा निकाली गयी रैली।
राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (राजस्थान उच्च न्यायालय) जयपुर के तत्वावधान में एवम् जिला एवं सेशन न्यायाधीश व अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण प्रमिल कुमार माथुर के निर्देशन में जिला मुख्यालय बीकानेर व सभी तालुकाआंे में पीपल पूर्णिमा के अवसर पर व बाल विवाह प्रतिषेध अभियान के रूप में स्कुली छात्र-छात्राओं द्वारा रैली आयोजित की गयी। मनोज कुमार गोयल, अपर जिला एवम् सेशन न्यायाधीश व सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा स्काउट्स एंड गाईड्स के छात्र-छात्राओं की रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। रैली में स्लोगन लिखी तख्तियों व बैनर के माध्यम से आमजन को बाल विवाह एक सामाजिक बुराई है का संदेश दिया गया। उक्त रैली में स्काउट्स एंड गाईड्स के छात्र-छात्राओं, प्रशिक्षु व स्कुली विद्यालय के छात्र-छात्रा व अध्यापकगण द्वारा भाग लिया गया।
न्यायाधीश द्वारा रैली को संबोधित करते हुए उपस्थित छात्र-छात्राओं व अन्य अतिथियों को बाल-विवाह प्रतिषेध अधि., कन्या भ्रूण हत्या व बेटी-बचाओ, बेटी-पढ़ाओ आदि विषयों के बारे में विस्तार से बातकर जागरूक किया तथा बालिकाओं को पढ़-लिख कर उन्नति के पथ पर अग्रसर होने हेतु प्रेरित भी किया। साथ ही उनके द्वारा यह भी बताया गया कि बाल विवाह एक अपराध व सामाजिक अभिशाप है। विधि के अनुसार 18 वर्ष से कम उम्र की लड़की और 21 वर्ष से कम आयु के लड़के का विवाह बाल विवाह की श्रेणी में आता है। यह संज्ञेय एवं गैर जमानतीय अपराध है इस अपराध के लिये दो वर्ष तक के कारावास अथवा एक लाख रूपये तक के जुर्माने अथवा दोनों से दंडित किए जाने के प्रावधान है इसके अतिरिक्त किसी अव्यस्क बालिका के साथ बाल विवाह करने वाले व्यक्ति तथा ऐसे विवाह की जानकारी रखते हुए उत्प्रेरित करने वाले, प्रोत्साहित करने वाले, अनुुमति देने वाले, बाल विवाह में सह-भागिता निभाने वाले पंडित, मौलवी, पादरी, बाराती, अतिथि, बैंड वाले, भोजन बनाने वाले, स्थान उपलब्ध कराने वाले एवम् टैंट की सुविधा उपलब्ध कराने वाले सभी व्यक्ति जिम्मेदार होंगे।
मनोज कुमार गोयल द्वारा यह भी बताया गया कि यदि जिले में भी कही पर भी बाल विवाह होता पाये जायें तो इसकी सूचना कंट्रोल रूम नं. 1098, जिला विधिक प्राधिकरण व किसी भी तालंुका विधिक सेवा समिति पर दी जा सकती है।


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