खबरों में बीकानेर...
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बीकानेर में लगभग 10 करोड़ के चैको का लेन-देन एवं समाशोधन प्रभावित हुआ
केन्द्रीय श्रमिक संगठनों की दो दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल का दूसरा दिन
केन्द्र सरकार की श्रमिक विरोधी, जन विरोधी एवं पूंजीपतियों की पक्षधर नीतियों का विरोध करने के लिए देश के केन्द्रीय श्रमिक संगठनों के आह्वान पर आयोजित हडताल दूसरे दिन भी जारी रही। जिसमें लगभग लगभग 20 करोड़ श्रमिक कर्मचारी दो दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल पर रहे।
इसी क्रम में बीकानेर के केन्द्रीय ट्रेड यूनियन संयुक्त संघर्ष समिति के आह्वान पर आज हड़ताल के दूसरे दिन आज जिला कलेक्टर कार्यालय के सामने कर्मचारी मैदान में एक दिन का सांकेतिक धरना रखा गया। धरने में ट्रेड यूनियन के संगठन ए.आई.बी.ई.ए., इन्श्योरेन्स, रोडवेज, बीएसएनएल, रेल्वे, बिजली, रसायन शाला, आॅटो रिक्सा एवं अन्य असंगठित क्षेत्र के मजदूर, होटल कर्मी, आम किसान, राजस्थान मेडिकल रिप्रजेन्टेटिव, राज्य एवं महासंघ के कर्मचारी आदि उपस्थित रहे।
श्रमिक संगठनों की मुख्य मांगो में - चार लेबर कोड के माध्यम से पंूजीपतियों के हक में बनाई गई श्रम संहिता को समाप्त करना, बैंको में पांच दिवसीय सप्ताह लागू करना, आउटसोर्सिंग बंद करने, किसी भी प्रकार के सार्वजनिक उपक्रम के निजीकरण का विरोध करना, नई पेंशन योजना को समाप्त कर पुरानी पेंशन योजना लागू करना, कृषि उपज के न्यनूतम समर्थन मूल्य की कानूनी गारन्टी देना, न्यूनतम वेतन प्रतिमाह 26000 रूपये किया जाना, ठेका प्रथा को समाप्त कर संविदा कर्मचारियों को स्थाई करना। असंगठित क्षेत्र के मजदूरो, श्रमिकों की सामाजिक सुरक्षा की व्यवस्था करना एवं पेट्रोल, डीजल व रसोई गैस एवं खाद्य पदार्थो की बढती कीमतों पर रोक लगाकर रोजगार के अवसर बढ़ाया जाना आदि शामिल है।
विरोध प्रदर्शन को केन्द्रीय श्रमिक संंगठनों के प्रतिनिधियों ने संबोधित किया जिसमें केन्द्रीय ट्रेड यूनियन संयुक्त संघर्ष समिति, बीकानेर के जिला संयोजक वाई.के. शर्मा (योगी), ए.आई.बी.ई.ए. से रामदेव राठौड, सीताराम कच्छावा, जयशंकर खत्री, अक्षय व्यास, इंटक से जनरल सेकेट्री रमेश कुमार व्यास, सीटू से मूलचन्द खत्री व मोहर सिंह, सेवानिवृत पेंशन महासंघ से कोजाराम सियाग, कर्मजारी महासंघ से अविनाश व्यास एवं पृथ्वीराज लेघा, एल.आई.सी. से शौकत अली, एटक से अब्दुलरहमान, बी.एस.एन.एल. से गुलाम हुसैन, कामगार एवं कर्मचारी कांग्रेस रेल्वे से अशोक पुरोहित, राष्ट्रीय किसान मोर्चा से रामगोपाल बिश्नोई, समाजवादी नागरिक मोर्चा से नटवरलाल व्यास, शिक्षा विभाग से हुसैन हिन्दुस्तानी शामिल रहे।
संबोधित करते हुए वाई.के. शर्मा (योगी) ने बताया कि संसद में आम जनता गरीब, दलित, मजदूर व कर्मचारियों और किसानों पर प्रतिनिधित्व न होने के कारण देश के 20 करोड श्रमिक कर्मचारी व किसान अपने जायज हकों की लड़ाई के लिए हड़ताल पर जाने के लिए मजबूर हुआ है। उन्होने बताया कि सरकार की गलत आर्थिक नीतियों के कारण देश की पूंजी आम जनता के हाथों से निकलकर केवल कुछ पूंजिपतियों के हाथ में सिमटती जा रही है। यही कारण है कि देश में महंगाई व बेरोजगारी चरम पर है। देश के लोकतांत्रिक सामाजिक ताने, बाने को नुकसान पहुंचाती हुई सरकारी नीतियों का विरोध करना आवश्यक है। साथ ही इन नीतियों से आमजन को होने वाले नुकसान के बारे में जनता को जागरूक करने की महाी आवश्यकता है। बैको के इस दो दिवसीय हड़ताल में शामिल होने से बीकानेर में लगभग 10 करोड़ के चैको का लेन-देन एवं समाशोधन प्रभावित हुआ।
श्रमिक संगठनों के विभिन्न वक्ताओं ने एकमत से इस बात पर जोर किया कि सरकार इन जायज मांगो एवं सेवा शर्तो पर समय रहते सकारात्मक निर्णय ले, अन्यथा संघर्ष को और तेज किया जायेगा तथा दो दिवसीय हड़ताल से आगे बढ़कर अनिश्चितकालीन हड़ताल का आह्वान भी किया जा सकता है।
विरोध प्रदर्शन में 200 से अधिक कर्मचारियों ने भाग लिया, जिसमें अशोक सोलंकी, के.के. डागा, हेम सिंह तंवर, छोटूलाल चांवरिया, सुभाष दैया, रामलाल, अनिल मखीजा सहित अन्य ट्रेड यूनियन के अशोक पुरोहित, महेन्द्र देवडा, मोहम्मद सफी, विजय कुमार, किशन पारीक, मोहम्मद इलियास जोईया, गोपालदास छंगाणी, सुनील कुमार जैन, संजीव कुमार अरोड़ा, ओमप्रकाश पुरोहित, रामेश्वरलाल खीचड, दानीराम सेवग, पर्वत सिंह, रामायण गिरी, कैलाशचन्द्र खत्री, कमल सिंह, मनमोहन ंिसह, जयकिशन पारीक, अशोक पुरोहित, गुलाम हुसैन, पूर्णाराम सारण, त्रिलोकचंद, हरीसिंह चैहान आदि उपस्थित रहे।
धरने के समापन पर सीताराम कच्छावा ने धन्यवाद ज्ञापित किया और आगामी कार्यक्रमों में इसी प्रकार एकजूट होकर काम करने का आह्वान किया।





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