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बीकानेर में स्वास्थ्य सेवाएं समय की अपेक्षा पर खरी हों
बीकानेर में स्वास्थ्य संसाधन व सेवाएं अप टू मार्क नहीं
संवाद कार्यक्रम 4
बीकानेर।। बीकानेर में स्वास्थ्य संसाधन व सेवाओं का विस्तार हुआ है, परन्तु सेवाएं अप टू मार्क नहीं है। वहीं बीकानेर जिले में एक भी सब डिविजनल हैल्थ सेंटर नहीं है। एक और मेडिकल कॉलेज तथा एम्स अस्पताल यहां खोल जाना चाहिए। पीबीएम में 22 सौ बेड की स्वीकृति के आधार पर मेडिकल औऱ पैरा मेडिकल के पद स्वीकृत हैं। बेड की संख्या 35 सौ से ज्यादा है। पुरानी स्वीकृति में भी 250 नर्सिंग और 80 डॉक्टरों के पद खाली है। इन रिक्त पदों पर भर्ती की जाए। पीबीएम में मरीजों के बढ़ते दबाव को कम करने के लिए ब्लाक स्तर पर चिकित्सा संसाधन नहीं है। यह बात सोमवार को स्वास्थ्य सेवाओं को अपग्रेड करने के सुझावों पर संवाद कार्यकम में वक्ताओं ने कहीं।। वक्ताओं ने पीबीएम के सारे ओपीडी को एकीकृत करने, इमरजेंसी विभाग बनाने, सुरक्षा कर्मी बढ़ाने, ड्रेनेज व्यवस्था सुधारने, पार्किंग स्थल बनाने, अस्पताल परिसर और बाहर राजनीतिक और संस्थाओं के हस्तक्षेप से बढ़ रहे अतिक्रमण हटाने जैसे मुद्दे रखे। वहीं सुपरस्पेशलिटी में मानव संसाधन नहीं होने का मुद्दा जोरशोर से उठाया गया।। इस दौरान विषय विशेषज्ञों में मेडिकल शिक्षा संसाधनों पर बढ़ते दबाव की तरफ व्यवस्था का ध्यान आकर्षित किया। बीकानेर में नया मेडिकल कॉलेज खोलने, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, पीएचसी, सीएचसी को साधन संपन्न बनाने का सझाव दिया गया। सर्जरी और प्रसूताओं की चिकित्सा सुविधा ब्लाक स्तर तक बढ़े जाए।। पीबीएम अधीक्षक डॉ. परमेन्द्र सिरोही ने कहा कि पीबीएम में बाइपास सर्जरी शुरू कर दी गई है। ओपीडी एक स्थान पर लाने, इमरजेंसी विभाग, अलग अलग बने भवनों को रोगियों की सुविधा के लिए समेकित करने की दिशा में विचार किया जा रहा है। रिक्तियों पर भर्ती जरूरी है। सीवरेज के लिए एसटीपी की स्वीकृति मिली है। संयुक्त निदेशक स्वास्थ्य सेवाएं डॉ देवेंद्र चौधरी ने कहा कि बीकानेर में नया मेडिकल कॉलेज समय की जरूरत है। ग्रामीण स्तर की स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने की जरूरत है। सब डिवीजन हैल्थ सेंटर की भी जरूरत है।। एसपी मेडिकल कॉलेज के डॉ बी के बिनावरा ने कॉलेज और पीबीएम की चिकित्सा सेवाओं की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रगति बहुत हुई है, परन्तु जितना हुआ वह कम है। मेडिसन का अलग अस्पताल बने, सुविधाए केन्द्रीकृत हो। उप निदेशक डॉ राहुल हर्ष ने अंग प्रत्यारोपण, पेट् स्कैन, एक और मेडिकल कालेज, कम्युनिकेशन हैल्थ सेंटर, स्वास्थ्य सेवाओं का ग्रामीण क्षेत्र में समान सुविधा,सभी चार नेशनल हाइवे पर सुविधा युक्त ट्रोमा सेंटर का सूझ दिया। डॉ तनवीर मालावत ने स्वास्थ्य सेवाओं में आने वाली बाधाओं की तरफ व्यवस्था का ध्यान आकर्षित किया। संवाद कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे डॉ धनपत कोचर ने कहा कि बीकानेर का मेडिकल क्षेत्र अभूतपूर्व रहा है। विशेषज्ञ सेवाएं नहीं है और माइक्रो मेनेजमेंट ठीक करने की जरूरत है। उन्होंने वक्ताओं की ओर से दिए गए सुझावों की प्रशंसा की। उन्होंने कहा किबिकनेर में कैंसर, हार्ट डिजीज, किडनी ट्रांसप्लांट, ट्रोमा सेंटर को सुदृढ़ करने और इमरजेंसी विभाग विकसित करने की जरूरत है। पीबीएम की चिकित्सा व्यवस्था को सुव्यवस्थित करने की जरूरत बताई। डॉक्टर प्रमोद, डॉ इस बी पुरोहित, अनन्त वीर जेन, अजय पुरोहित और गजेंद्र सांखला समेत अन्य वक्ताओं ने भी विचार रखे।
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