रजिस्टर न्यूज ✍🏻
⚖️
⚖️
*Rajasthan*
⚖️
⚖️
✏️
*अलग अंदाज*
⚖️
विज्ञापन के लिए संपर्क करें - रजिस्टर न्यूज
⚖️
⚖️
पढ़ें, सब्सक्राइब करें और टिप्पणी लिखें
⚖️
⚖️
⚖️
⚖️
Read and Subscribe
⚖️
⚖️
👜 👜
आवाजाही में बाधक बेतरतीबी से खड़े वाहन
आवाजाही में बाधक बेतरतीबी से खड़े वाहन
बीकानेर
बीकानेर के बाजारों में यहां तक की कालोनियों में बने प्रतिष्ठान और कार्यालयों में भी वाहनों के कारण सहजता से दाखिल होना बिना करतब दिखाए मुमकिन नहीं होता। ऐसी स्थिति प्रतिष्ठानों और कार्यालय भवनों के बाहर बेतरतीब वाहन खड़े रहने के कारण बनती है। बेतरतीबी से खड़े वाहनों के कारण जहां लोगों का आवागमन प्रभावित होता है वही स्थिति ऐसी भी बन जाती है की वाहनस्वामी खुद अपने बेतरतीब खड़े वाहन को दूसरों की सहायता के बिना निकाल नहीं पाता। ऐसे में प्रतिष्ठान अथवा कार्यालय में व्यक्ति जाए तो कैसे जाए। करतब करता हुआ ही व्यक्ति प्रतिष्ठान अथवा कार्यालय तक पहुंच पाता है। ऐसा कतिपय बैंक भवन के बाहर भी देखा गया है। बीकानेर में ही ऐसे बैंक हैं। ऐसे कार्यालय हैं। ऐसे प्रतिष्ठान हैं। जिन में जाने के लिए आपको वाहनों के बीच करतब करना पड़ता है। इस ओर बार-बार जनता प्रशासन का ध्यान दिलाती है। रोष प्रकट करती है। लेकिन पार्किंग व्यवस्था होती दिखाई नहीं देती। पार्किंग की व्यवस्था बनाए रखने की बजाय हमलोगों का ध्यान हेलमेट चेकिंग अथवा परिवहन विभाग की चेकिंग पर रहता है। कहीं द ₹200 - ₹500 जुर्माना न लग जाए। और इस जुर्माना परंपरा पर संबंधित विभाग और उनके कार्मिक भी खरे उतरते दिखाई देते हैं। यह भी चालान काटने की कार्यवाही पर ही मशक्कत करते हैं। इसका बड़ा कारण यह भी है कि चालान काटने में 4 - 6 कार्मिक ही व्यस्त रहते हैं। जबकि पार्किंग व्यवस्था के लिए जगह-जगह कार्मिकों को तैनात करना किसी भी विभाग के बूते की बात नहीं है। इसके लिए तो हम लोगों को ही सजग होना होगा। अपने अपने वाहन हमें ही तरतीबवार खड़े करने होंगे। हम केवल अपनी सुविधा के लिए दूसरों को तकलीफ दे रहे हैं यह भी सोचना ही होगा।
यह तो हुई समस्या की बात। अब समाधान की बात भी कर लें। जैसी स्थिति देखी है ऐसी स्थिति में समाधान सर्वश्रेष्ठ तो यही है कि हम आमजन ही अपने-अपने वाहनों को ऐसे सलीके से खड़ा करें कि वापस वाहन निकालने के लिए हमें भी मशक्कत न करनी पड़े और दूसरों को तो परेशानी होनी ही नहीं चाहिए। और अगर हम ऐसा नहीं करें तो बात आती है प्रशासन की। संबंधित विभाग की और उनके कार्मिकों की। तो उनके पास भी समाधान के विकल्प बहुत से होंगे। एक विकल्प जो हमें सूझ रहा है वह है कि जहां भी बेतरतीब वाहन खड़े हो वहां संबंधित विभाग के लोग उन सभी वाहनों को अपने घेरे में ले ले और वाहन मालिक को तभी दें जब वह हाथों हाथ नाम मात्र की शास्ति जो ₹20 भी हो सकती है चुकाए।
जगह-जगह वाहन बेतरतीब खड़े रहने की प्रवृत्ति पर बार-बार ₹20 चुकाना भारी पड़ता है और संभव है ये उपाय कारगर सिद्ध हो जाए। हां, यह सावधानी तो रखनी पड़ेगी कि लोग आपस में बेवजह न उलझें और तरतीब से वाहन खड़े करने की पर्याप्त जगह भी मौजूद हो।
✏️
copy paste from MEDIA
⚖️
BAHUBHASHI
⚖️




यहां व्यक्त कीजिए - खबर आपकी नजर में...