🥇
यहां आपके प्रतिष्ठान का विज्ञापन हो सकता है। संपर्क करें - खबरों में बीकानेर
🙏
पादप उत्तक संवर्धन तकनीक एवं कृषि में इसका उपयोग विषयक प्रशिक्षण सम्पन्न
March 01, 2021
0
*BAHUBHASHI**खबरों में बीकानेर*🎤
यहां आपके प्रतिष्ठान का विज्ञापन हो सकता है। संपर्क करें - खबरों में बीकानेर
📰
पढ़ना और पढ़ाना जीवन सफल बनाना 📚
📖विज्ञप्ति ईमेल से हिंदी क्रुतिदेव या यूनिकोड में लैटरपैड /एम एस वर्ड फाइल में भेजें mohanthanvi@gmail.com
👍
👇
👇
🙏 मोहन थानवी 🙏
सच्चाई पढ़ें । सकारात्मक रहें। संभावनाएं तलाशें ।
✍️
पढ़ना और पढ़ाना जीवन सफल बनाना 📚
📖विज्ञप्ति ईमेल से हिंदी क्रुतिदेव या यूनिकोड में लैटरपैड /एम एस वर्ड फाइल में भेजें mohanthanvi@gmail.com ✒️
👇
👇
👇
☑️
यहां आपके प्रतिष्ठान का विज्ञापन हो सकता है। संपर्क करें - खबरों में बीकानेर
📝 ✍️ पादप उत्तक संवर्धन तकनीक एवं कृषि में इसका उपयोग विषयक प्रशिक्षण सम्पन्न बीकानेर, 1 मार्च। स्वामी केशवानंद राजस्थान कृषि विश्वविद्यालय के पादप जैव प्रौद्योगिकी केन्द्र द्वारा राष्ट्रीय कृषि उच्च शिक्षा परियोजना के तहत आयोजित सात दिवसीय प्रशिक्षण ‘पादप उत्तक संवर्धन तकनीक एवं कृषि में इसका उपयोग’ सोमवार को सम्पन्न हुआ। समापन समारोह के मुख्य अतिथि कुलपति प्रो. आर. पी. सिंह थे। उन्होंने कहा कि किसान हमारे देश की अर्थव्यवस्था की धुरी है। किसानों को सशक्त एवं समर्थ बनाए बिना देश को विकसित देशों की श्रेणी में खड़ा करना संभव नहीं है। इसके मद्देनजर केन्द्र व राज्य सरकार किसानों को सशक्त एवं समर्थ बनाने के लिए प्रयासरत है। हमारे कृषि वैज्ञानिक नई-नई तकनीकें इजाद कर रहे हैं। इनसे किसानों को लाभ हुआ है। उन्होंने कहा कि उत्तक संवर्धन तकनीक भी ऐसी ही तकनीक है। इसके अच्छे परिणाम सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि कृषि विद्यार्थियों को उत्तक संवर्धन तकनीक का प्रशिक्षण देना अच्छी पहल है। इस दौरान उन्होंने प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित किए। राष्ट्रीय कृषि उच्च शिक्षा परियोजना के समन्वयक डाॅ. एन. के. शर्मा ने कहा कि विद्यार्थियों में कौशल विकास के उद्देश्य से यह प्रशिक्षण आयोजित किया गया। उन्होंने उत्तक संवर्धन की विभिन्न विधियों के बारे में बताया। प्रशिक्षण प्रभारी तथा पादप जैव प्रौद्योगिकी केन्द्र के विभागाध्यक्ष डाॅ. ए के. शर्मा ने बताया कि सात दिवसीय प्रशिक्षण में 38 विद्यार्थियों ने भाग लिया। प्रतिदिन दो व्याख्यान तथा दो प्रायोगिक सत्र हुए। विभिन्न उच्च स्तरीय संस्थाओं के विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया। डाॅ. विष्णु अग्रवाल ने स्वागत उद्बोधन दिया। डाॅ. विकास शर्मा ने आभार जताया। प्रतिभागी मानसी एवं रश्मिरेखा ने प्रशिक्षण के अनुभव साझा किए।✍🏻
📒 CP MEDIA
अपनी टिप्पणी /कमेंट लिखें
👇🏽
Khabron Me Bikaner 🎤



यहां व्यक्त कीजिए - खबर आपकी नजर में...