✒️खबरों में बीकानेर 🎤 🌐
📰
<
🙏 मोहन थानवी 🙏
सच्चाई पढ़ें । सकारात्मक रहें । संभावनाएं तलाशें ।
🙏
twitter, Podcast, YouTube, साहित्य-सभागार के साथ-साथ Facebook, Pinterest, LinkedIn और Instagram पर भी आपकी खबरें Khabron Me Bikaner 🎤
🇮🇳
खबरों में बीकानेर 🎤 🌐
ईसीबी में "एनवायरमेंटल क्राइसिस एंड सस्टेनेबल मैनेजमेंट" विषयक कार्यशाला का हुआ शुभारम्भअभियांत्रिकी महाविद्यालय बीकानेर के रसायन शास्त्र व सिविल इंजीनियरिंग विभाग व एनआईटी कुरुक्षेत्र के संयुक्त तत्वाधान में टेक्यूप तृतीय की ओर से आयोजित "एनवायरमेंटल क्राइसिस एंड सस्टेनेबल मैनेजमेंट" विषयक एक सप्ताह के शॉर्ट टर्म ट्रेनिंग प्रोग्राम का शुभारंभ हुआ. । कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए ईसीबी प्राचार्य डॉ जयप्रकाश भामू ने बताया कि कोरोनावायरस वैश्विक महामारी ने आज यह साबित कर दिया है कि मनुष्य का अस्तित्व प्रकृति में व्याप्त संतुलन पर ही निर्भर करता है। यह मनुष्य ही है जो यदि प्रकृति का ध्यान रखें तो प्रकृति उसका ध्यान रखेगी। कार्यक्रम कोऑर्डिनेटर डॉ प्रवीण पुरोहित ने बताया कि इस कार्यक्रम में वेबेक्स एप से कराई जा रही ऑनलाइन ट्रेनिंग में देश विदेश से करीब 530 वप्रतिभागी हिस्सा ले रहे हैं। कार्यक्रम के प्रथम सत्र में सेंटर फॉर रूरल डेवलपमेंट एंड टेक्नोलॉजी आईआईटी दिल्ली के प्रोफेसर विजय कुमार ने इंडस्ट्री द्वारा बनाए गए प्रोडक्ट्स के लाइफ साइकिल एसेसमेंट व एनवायरमेंटल इंपैक्ट एसेसमेंट के अंतर को समझाते हुए इनके द्वारा वातावरण पर पड़ने वाले प्रभाव को विस्तार से समझाया। उन्होंने बताया कि किस तरह से किसी भी देश की प्रगति केवल इकोनॉमी के द्वारा नहींआंकी जा सकती बल्कि वातावरण में व्याप्त संतुलन भी उतना ही महत्वपूर्ण है जिस पर किसी राष्ट्र की प्रगति निर्भर करती है ।
कार्यक्रम के यह दूसरे सत्र में। आईआईटी खड़गपुर के सिविल यांत्रिकी विभाग की प्रोफेसर सुधा गोयल ने जेनोबायोटिक एवम बायोरेमेडीएशन पर विस्तृत व्याख्यान दिया। टेक्यूप कोऑर्डिनेटर डॉ ओपी जाखड़ ने बताया कि इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य वैश्विक वातावरण में बढ़ रहे वातावरण असंतुलन के परिणाम स्वरूप जनजीवन व संपूर्ण जीवन सृष्टि के लिए उपजते संकटों के प्रति जनमानस का ध्यान आकर्षित करना है। एनआईटी कुरुक्षेत्र के प्रो. साथन्स ने बताया कि आज की औद्योगिक एवं मानवीय गतिविधियों के कारण पर्यावरण में विद्यमान यह सुकोमल संतुलन गंभीर रूप से प्रभावित हो रहा है। मनुष्य के अस्तित्व को बनाए रखने के लिए इस संतुलन का रहना अत्यंत महत्वपूर्ण है।
कार्यक्रम में अतिथियों का स्वागत सिविल इंजीनियरिंग के विभागाध्यक्ष डॉ प्रशांत भाकर के द्वारा किया गया। वह कार्यक्रम का संचालन रवि कुमार द्वारा किया गया ।
✍️
📒 CP MEDIA 🙏
<
📰 📑 पढ़ना और पढ़ाना जीवन सफल बनाना 📚 📖 📓
अपनी टिप्पणी /कमेंट लिखें 👇🏽
यहां व्यक्त कीजिए - खबर आपकी नजर में...