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आप क्या रूठ कर मुझसे दूर गए,... उम्र भर अपनी मैं ग़लतियों से लड़ा
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घर बैठे साहित्य की गंगा प्रभावित हुई : डॉ. चौहान
----------------------------------------वरिष्ठ कवि कथाकार प्रमोद कुमार शर्मा के जन्मदिवस पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए राज्य स्तरीय ऑनलाइन काव्य गोष्ठी हुई
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बीकानेर 1 मई 2020
बीकानेर साहित्य-संस्कृति कला संगम संस्था द्वारा नगर के वरिष्ठ कवि कथाकार एवं आकाशवाणी बीकानेर के वरिष्ठ उद्घोषक प्रमोद कुमार शर्मा के 56वें जन्मदिवस के अवसर पर आज दोपहर सोशल मीडिया पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये एक राज्यस्तरीय ऑनलाइन काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया | गोष्ठी में बीकानेर के अलावा जोधपुर,दौसा,झुंझुनू के कवियों ने काव्य पाठ किया |
कार्यक्रम संयोजक शाइर कहानीकार क़ासिम बीकानेरी ने बताया कि नगर में पहली बार वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये ऑनलाइन राज्य स्तरीय काव्यगोष्ठी का आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न किया गया |
आपने कहा कि आज इस लॉक डाउन के समय में तनाव एवं निराशा से बचने के लिए इस तरह की गोष्ठियों की अति आवश्यकता है | जिससे रचनाकारों को नया सृजन करने की प्रेरणा मिलती है साथ ही नकारात्मकता को सकारात्मकता में बदलने का अवसर भी |
कवि गोष्ठी की अध्यक्षता संस्कृतिकर्मी मोहम्मद फ़ारूक़ चौहान ने करते हुए कहा कि संस्था द्वारा बीकानेर में एक नवाचार के रूप में आज यह कार्यक्रम घर बैठे घर में साहित्य की गंगा प्रवाहित करने के सामान लगा, साथ ही कार्यक्रम में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कवियों को काव्य पाठ करते हुए देखना और सुनना एक अलग ही तरह का अनुभव रहा | काव्य गोष्ठी में समस्त रचनाकारों ने अपनी कविता, गीत और ग़ज़ल के बेहतरीन शे'रों से समस्त उपस्थित रचनाकारों एवं गुणीजनों से भरपूर दाद पाई |
कवि प्रमोद कुमार शर्मा के इस शे'र को ख़ूब पसंद किया गया - 'आप क्या रूठ कर मुझसे दूर गए | उम्र भर अपनी मैं ग़लतियों से लड़ा | इसके अलावा आपकी अन्य कविताओं को भी ख़ूब सराहना मिली | शाइर क़ासिम बीकानेरी ने अपनी ग़ज़ल के इस शे'र से वर्तमान हालात को ख़ूबी से सामने रखा - 'भटक गए हैं वो रास्ता ख़ुद हमें जो रस्ता दिखा रहे थे/जहां को रास्ता दिखाने वाले, दिखाने वाले कहां गए सब | काव्य गोष्ठी में कवयित्री मोनिका गौड़, नौजवान कवि पुखराज सोलंकी, अक्कासर के कवि विजय ख़ान अक्कासरवी, दौसा से कवि कृष्ण कुमार सैनी 'राज', नवलगढ़ झुंझुनू से मुकेश मारवाड़ी नवलपुरी, जोधपुर से युवा कवि दिलिप केसानी एंव बीकानेर के नौजवान शाइर माजिद ख़ान ग़ौरी की रचनाओं को भी भरपूर वाहवाही मिली | कार्यक्रम के अंत में सभी रचनाकारों द्वारा देश की सामाजिक सद्भावना एवं क़ौमी एकता को क़ायम रखने का संकल्प लिया गया |
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