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अभियांत्रिकी महाविद्यालय बीकानेर (ईसीबी) में वित्तीय संसाधनों की अनुपलब्धता के कारण सभी कर्मचारिओं को पिछले साढ़े तीन माह से वेतन नहीं मिला है इस हेतु पूर्व में महाविद्यालय प्रशासन व राज्य सरकार के तकनिकी शिक्षा विभाग को विभिन्न पत्रों एवं ज्ञापनों द्वारा अनेकानेक बार सूचित किया जा चुका है उसके उपरांत भी इस बाबत आज तक कोई सकारात्मक कार्यवाही नहीं हो पाई है l कर्मचारियों को वेतन नहीं मिलने के कारण उनके परिवारजन पर आर्थिक आघात पड़ चुका है l
*साढ़े तीन माह से वेतन नहीं, ऊपर से अब कोरोना महामारी*
रेक्टा अध्यक्ष डॉ. शौकत अली ने बताया की साढ़े तीन माह से वेतन नहीं, ऊपर से अब कोरोना महामारी के चलते सभी कर्मचारियों का हाल खस्ता है l इससे पूर्व दिसम्बर में तकनीकी शिक्षा मंत्री सुभाष गर्ग से जयपुर में हुई रेक्टा प्रतिनिधि मंडल की बैठक में मंत्री द्वारा 10 दिन के भीतर सैलरी दिलवाने तथा कुछ समय में ई सी बी का स्थायी आर्थिक समाधान दिलवाने का आश्वासन दिया गया था l आज चार महीने बीत जाने के उपरांत भी वेतन के लाले पड़े हैं तथा इस हेतु सरकार तनिक भी गंम्भीर नहीं है l
*तकनीकी शिक्षा ने झाड़ा पल्ला, रागा वही पुराना अलाप*
कल अधिक संख्यां में शेक्षणिक कर्मचारियों ने तकनीकी शिक्षा मंत्री, प्रमुख शासन सचिव, संयुक सचिव को ट्विटर,फेसबुक, तथा व्हाट्सअप के माध्यम से सैलरी नहीं मिलने का मेसेज किया था जिस पर तकनीकी शिक्षा ने वही पुराना राग अलापते हुए बी.टी.यु. के रजिस्ट्रार को कल ईमेल लिख ई.सी.बी. को 1.5 करोड़ ऋण देने की बात कही l जबकि बी.टी.यु. की बोर्ड ऑफ़ मैनेजमेंट में इस प्रस्ताव को पहले ही सिरे से नकार दिया गया है l फिर एक बार ई सी बी के कर्मचारी ठगे से महसूस कर रहें है l
*क्या होगा 1.5 करोड़ से, जबकि पिछले तीन महीने का वेतन ही बाकी है 6.5 करोड़ का*
तकनिकी शिक्षा की और से बीटीयु को लिखे ईमेल में 1.5 करोड़ वेतन ईसीबी को देने की बात कही गयी है, जबकि पिछले तीन महीने का बकाया वेतन ही 6.5 करोड़ रूपए है
ईसीबी का वेतन पेटे से प्रतिमाह 1.95 करोड़ का मासिक खर्चा है, पिछले तीन माह के बकाया ही 6.47 करोड़ हैl (शेक्षणिक को 3.5 महीनों से तथा अशेक्षनिक को 3 महीनों से वेतन नहीं दिया गया है)
*वेतन नहीं मिलने के कारण यह है समस्या*
रेक्टा प्रवक्ता डॉ. नवीन शर्मा ने बताया की पिछले तीन महीने का वेतन नहीं मिलने के कारण सभी कर्मचारिओं में काफी रोष है, अभी तक सरकार तथा महाविद्यालय प्रशासन पर भरोसा कर किसी भी प्रकार की शेक्षणिक व प्रशासनिक गतिविधियों को शिक्षकों व अशेक्षनिक कर्मचारिओं द्वारा विद्यार्थियों के हितों को ध्यान में रखते हुए बाधित नहीं किया गया था l किन्तु अब सभी परिवारों का आर्थिक गुजरा नहीं चल रहा है, मेडिकल सम्बन्धी समस्याओं के लिए भी कर्मचारियों को बगल का मुह ताकना पड़ रहा है, किश्ते समय पर नहीं भर पा रहें हैं, मकान का किराया कर्मचारी नहीं दे पा रहें है इत्यादि कई आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है l एक तरह से आर्थिक वज्रपात सा हो चला है l
*मुख्मंत्री सहित, राज्यपाल, कई मंत्रियों, कुलपति व आईएएस को पूर्व में लिख चुकें हैं पत्र*
वेतन दिलाने तथा ईसीबी की आर्थिक स्थिति सुद्रड करने हेतु अनेकों अनेकबार मुख्यमंत्री सहित, राज्यपाल महोदय, तकनीकी शिक्षा मंत्री, उर्जा मंत्री, उच्च शिक्षा मंत्री, प्रमुख सचिव तकनीकी शिक्षा, जिला कलेक्टर बीकानेर, संभागीय आयुक्त बीकानेर, कुलपति बीटीयु बीकानेर, कुलपति आरटीयु कोटा, संयुक्त सचिव तकनिकी शिक्षा, प्राचार्य ईसीबी आदि प्रशासन को पत्र लिख मांग की गयी थी की वेतन सम्बन्धी समस्या को न सुलझाने पर उपरोक्त लिखी गतिविधियों के लिए सरकार तथा प्रशासन ही जिम्मेदार होगा l
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कोरोना को हराएंगे...

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ईसीबी कर्मचारी 100 दिन से वेतन न मिलने की पीड़ा किसे बताएं...? /
साथ ही पढ़ें 👉 कोरोना वायरस को फैलने से रोकने संबंधित जानकारी
अभियांत्रिकी महाविद्यालय बीकानेर (ईसीबी) में वित्तीय संसाधनों की अनुपलब्धता के कारण सभी कर्मचारिओं को पिछले साढ़े तीन माह से वेतन नहीं मिला है इस हेतु पूर्व में महाविद्यालय प्रशासन व राज्य सरकार के तकनिकी शिक्षा विभाग को विभिन्न पत्रों एवं ज्ञापनों द्वारा अनेकानेक बार सूचित किया जा चुका है उसके उपरांत भी इस बाबत आज तक कोई सकारात्मक कार्यवाही नहीं हो पाई है l कर्मचारियों को वेतन नहीं मिलने के कारण उनके परिवारजन पर आर्थिक आघात पड़ चुका है l
*साढ़े तीन माह से वेतन नहीं, ऊपर से अब कोरोना महामारी*
रेक्टा अध्यक्ष डॉ. शौकत अली ने बताया की साढ़े तीन माह से वेतन नहीं, ऊपर से अब कोरोना महामारी के चलते सभी कर्मचारियों का हाल खस्ता है l इससे पूर्व दिसम्बर में तकनीकी शिक्षा मंत्री सुभाष गर्ग से जयपुर में हुई रेक्टा प्रतिनिधि मंडल की बैठक में मंत्री द्वारा 10 दिन के भीतर सैलरी दिलवाने तथा कुछ समय में ई सी बी का स्थायी आर्थिक समाधान दिलवाने का आश्वासन दिया गया था l आज चार महीने बीत जाने के उपरांत भी वेतन के लाले पड़े हैं तथा इस हेतु सरकार तनिक भी गंम्भीर नहीं है l
*तकनीकी शिक्षा ने झाड़ा पल्ला, रागा वही पुराना अलाप*
कल अधिक संख्यां में शेक्षणिक कर्मचारियों ने तकनीकी शिक्षा मंत्री, प्रमुख शासन सचिव, संयुक सचिव को ट्विटर,फेसबुक, तथा व्हाट्सअप के माध्यम से सैलरी नहीं मिलने का मेसेज किया था जिस पर तकनीकी शिक्षा ने वही पुराना राग अलापते हुए बी.टी.यु. के रजिस्ट्रार को कल ईमेल लिख ई.सी.बी. को 1.5 करोड़ ऋण देने की बात कही l जबकि बी.टी.यु. की बोर्ड ऑफ़ मैनेजमेंट में इस प्रस्ताव को पहले ही सिरे से नकार दिया गया है l फिर एक बार ई सी बी के कर्मचारी ठगे से महसूस कर रहें है l
*क्या होगा 1.5 करोड़ से, जबकि पिछले तीन महीने का वेतन ही बाकी है 6.5 करोड़ का*
तकनिकी शिक्षा की और से बीटीयु को लिखे ईमेल में 1.5 करोड़ वेतन ईसीबी को देने की बात कही गयी है, जबकि पिछले तीन महीने का बकाया वेतन ही 6.5 करोड़ रूपए है
ईसीबी का वेतन पेटे से प्रतिमाह 1.95 करोड़ का मासिक खर्चा है, पिछले तीन माह के बकाया ही 6.47 करोड़ हैl (शेक्षणिक को 3.5 महीनों से तथा अशेक्षनिक को 3 महीनों से वेतन नहीं दिया गया है)
*वेतन नहीं मिलने के कारण यह है समस्या*
रेक्टा प्रवक्ता डॉ. नवीन शर्मा ने बताया की पिछले तीन महीने का वेतन नहीं मिलने के कारण सभी कर्मचारिओं में काफी रोष है, अभी तक सरकार तथा महाविद्यालय प्रशासन पर भरोसा कर किसी भी प्रकार की शेक्षणिक व प्रशासनिक गतिविधियों को शिक्षकों व अशेक्षनिक कर्मचारिओं द्वारा विद्यार्थियों के हितों को ध्यान में रखते हुए बाधित नहीं किया गया था l किन्तु अब सभी परिवारों का आर्थिक गुजरा नहीं चल रहा है, मेडिकल सम्बन्धी समस्याओं के लिए भी कर्मचारियों को बगल का मुह ताकना पड़ रहा है, किश्ते समय पर नहीं भर पा रहें हैं, मकान का किराया कर्मचारी नहीं दे पा रहें है इत्यादि कई आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है l एक तरह से आर्थिक वज्रपात सा हो चला है l
*मुख्मंत्री सहित, राज्यपाल, कई मंत्रियों, कुलपति व आईएएस को पूर्व में लिख चुकें हैं पत्र*
वेतन दिलाने तथा ईसीबी की आर्थिक स्थिति सुद्रड करने हेतु अनेकों अनेकबार मुख्यमंत्री सहित, राज्यपाल महोदय, तकनीकी शिक्षा मंत्री, उर्जा मंत्री, उच्च शिक्षा मंत्री, प्रमुख सचिव तकनीकी शिक्षा, जिला कलेक्टर बीकानेर, संभागीय आयुक्त बीकानेर, कुलपति बीटीयु बीकानेर, कुलपति आरटीयु कोटा, संयुक्त सचिव तकनिकी शिक्षा, प्राचार्य ईसीबी आदि प्रशासन को पत्र लिख मांग की गयी थी की वेतन सम्बन्धी समस्या को न सुलझाने पर उपरोक्त लिखी गतिविधियों के लिए सरकार तथा प्रशासन ही जिम्मेदार होगा l
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