✒️खबरों में बीकानेर 🎤 🌐
📰
सच्चाई पढ़ें । सकारात्मक रहें । संभावनाएं तलाशें ।
🙏
twitter, Podcast, YouTube, साहित्य-सभागार के साथ-साथ Facebook, Pinterest, LinkedIn और Instagram पर भी आपकी खबरें Khabron Me Bikaner 🎤
🇮🇳
खबरों में बीकानेर 🎤 🌐
✍️
राजस्थानी भाषा मान्यता आंदोलन के प्रवर्तक बीकानेर के वरिष्ठ कवि-कथाकार कमल रंगा की कृति "अदीठ साच" पुरस्कृत
बीकानेर। राजस्थानी भाषा मान्यता आंदोलन के प्रवर्तक बीकानेर के वरिष्ठ कवि-कथाकार कमल रंगा को उनकी पुस्तक अदीठ साच के लिए नेम प्रकाशन डेह व अखिल भारतीय राजस्थानी मान्यता संघर्ष समिति ने पुरस्कृत किया है। निर्णायकों में प्रोफेसर कल्याण सिंह शेखावत, डॉ. मनोहर सिंह राठौड़, डॉ. श्याम सुंदर भारती, डॉ गजादान चारण, डॉ. चेतन स्वामी एवं लक्ष्मणदास कविता शामिल थे। पुरस्कार स्वरूप रंगा को 11हजार रूपए की नकद राशि, श्रीफल, स्मृति चिन्ह व साहित्य प्रदान कर साफा पहनाया गया।
कमल रंगा की यह पुरस्कृत कृति ‘अदीठ साच’ राजस्थानी का पहला ऐसा काव्य संग्रह है जिसमें पौराणिक चरित्रों एवं घटनाक्रमों को वर्तमान समकालीन संदर्भ एवं आधुनिक बोध के साथ कविताएं रची गई हैं। इन कविताओं में नारी एवं दलित पात्रों पर महत्वपूर्ण रचनाएं शामिल हैं।
पिता-पुत्र-पौत्र की तीन पुस्तकों का हुआ लोकार्पण, राजस्थानी भाषा का मान बढ़ाया
खबरों में बीकानेर 🎤 🌐 में प्रकाशित हुआ था पुस्तक लोकार्पण समारोह का समाचार 👇
तीन पीढिय़ों ने एक साथ रची पुस्तक, सृजन यात्रा को बनाया ऐतिहासिक
बीकानेर। तीन पीढिय़ों का एक साथ लेखन करना वो भी मायड़ भाषा राजस्थानी में सृजनता भरी कलम चलाना और भी गर्व की बात है। जहां संवेदनाएं ही मुख्य होती है वहीं रचना का जन्म होता है। यही होता है मायड़ भाषा के प्रति प्रेम और समर्पण। यह बात एनएसडी अध्यक्ष डॉ. अर्जुनदेव चारण ने धरणीधर रंगमंच पर कही। शनिवार शाम को वरिष्ठ साहित्यकार-रंगकर्मी लक्ष्मीनारायण रंगा की राजस्थानी पद्य चितराम, कवि-कथाकार कमल रंगा की अदीठ साच व युवा कवि पुनीत कुमार रंगा की मुगत आभौ पुस्तकों का लोकार्पण डॉ. अर्जुनदेव चारण, डॉ. श्रीलाल मोहता, डॉ. मालचन्द तिवाड़ी, उमाकान्त गुप्त व सुषमा रंगा ने किया।
📒 📰 📑 पढ़ना और पढ़ाना जीवन सफल बनाना 📚 📖 📓
📰
सच्चाई पढ़ें । सकारात्मक रहें । संभावनाएं तलाशें ।
खबरों में बीकानेर 🎤 🌐
✍️
राजस्थानी भाषा मान्यता आंदोलन के प्रवर्तक बीकानेर के वरिष्ठ कवि-कथाकार कमल रंगा की कृति "अदीठ साच" पुरस्कृत
बीकानेर। राजस्थानी भाषा मान्यता आंदोलन के प्रवर्तक बीकानेर के वरिष्ठ कवि-कथाकार कमल रंगा को उनकी पुस्तक अदीठ साच के लिए नेम प्रकाशन डेह व अखिल भारतीय राजस्थानी मान्यता संघर्ष समिति ने पुरस्कृत किया है। निर्णायकों में प्रोफेसर कल्याण सिंह शेखावत, डॉ. मनोहर सिंह राठौड़, डॉ. श्याम सुंदर भारती, डॉ गजादान चारण, डॉ. चेतन स्वामी एवं लक्ष्मणदास कविता शामिल थे। पुरस्कार स्वरूप रंगा को 11हजार रूपए की नकद राशि, श्रीफल, स्मृति चिन्ह व साहित्य प्रदान कर साफा पहनाया गया।
कमल रंगा की यह पुरस्कृत कृति ‘अदीठ साच’ राजस्थानी का पहला ऐसा काव्य संग्रह है जिसमें पौराणिक चरित्रों एवं घटनाक्रमों को वर्तमान समकालीन संदर्भ एवं आधुनिक बोध के साथ कविताएं रची गई हैं। इन कविताओं में नारी एवं दलित पात्रों पर महत्वपूर्ण रचनाएं शामिल हैं।
पिता-पुत्र-पौत्र की तीन पुस्तकों का हुआ लोकार्पण, राजस्थानी भाषा का मान बढ़ाया
खबरों में बीकानेर 🎤 🌐 में प्रकाशित हुआ था पुस्तक लोकार्पण समारोह का समाचार 👇
तीन पीढिय़ों ने एक साथ रची पुस्तक, सृजन यात्रा को बनाया ऐतिहासिक
बीकानेर। तीन पीढिय़ों का एक साथ लेखन करना वो भी मायड़ भाषा राजस्थानी में सृजनता भरी कलम चलाना और भी गर्व की बात है। जहां संवेदनाएं ही मुख्य होती है वहीं रचना का जन्म होता है। यही होता है मायड़ भाषा के प्रति प्रेम और समर्पण। यह बात एनएसडी अध्यक्ष डॉ. अर्जुनदेव चारण ने धरणीधर रंगमंच पर कही। शनिवार शाम को वरिष्ठ साहित्यकार-रंगकर्मी लक्ष्मीनारायण रंगा की राजस्थानी पद्य चितराम, कवि-कथाकार कमल रंगा की अदीठ साच व युवा कवि पुनीत कुमार रंगा की मुगत आभौ पुस्तकों का लोकार्पण डॉ. अर्जुनदेव चारण, डॉ. श्रीलाल मोहता, डॉ. मालचन्द तिवाड़ी, उमाकान्त गुप्त व सुषमा रंगा ने किया।
📒 📰 📑 पढ़ना और पढ़ाना जीवन सफल बनाना 📚 📖 📓







यहां व्यक्त कीजिए - खबर आपकी नजर में...