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ट्रैफिक नियम -::- इसे कहते हैं एक लाठी से हांकना..., हाथी के अंकुश से खरगोश पर नियंत्रण
नई दिल्ली ( साभार - हिस )। ट्रैफिक नियमों को तोडऩा अब कितना
भारी पड़ेगा इसका एक ताजा उदाहरण सामने आया है।
इसमें राजधानी दिल्ली के शख्स का गुडग़ांव में पूरे 23
हजार रुपये का चालान हुआ है। शख्स दिल्ली के गीता
कॉलोनी इलाके में रहता है, यह चालान गुडग़ांव जिला
कोर्ट के पास हुआ। शख्स का कहना है कि उसकी स्कूटी
की मौजूदा कीमत ही कुल 15 हजार है, जिस शख्स का
चालान हुआ उनका नाम दिनेश मदान है। मदान गीता
कॉलोनी में रहते हैं। अपनी सफाई में दिनेश ने कहा कि
पकड़े जाने पर उन्होंने कहा था कि वह घर से कागजात
मंगा रहे हैं, लेकिन पुलिसवालों ने चालान काट दिया।
फिलहाल पुलिस कोर्ट का चालान कर रही है। इसलिए
दिनेश ने भी इसे भरा नहीं है।
स्कूटी की कीमत ही 15 हजार बातचीत में दिनेश ने
बताया कि यह चालान उसकी स्कूटी का हुआ है। जिस
ऐविऐटर स्कूटी का चालान हुआ उसकी मौजूदा कीमत ही
15 हजार रुपये है। ऐसे में वह चालान नहीं भरेंगे।
निजी वाहनों पर नाम, पद, जाति, संगठन, गांव का
नाम व विभिन्न चिन्ह लिखने पर प्रतिबंध, आदेश जारी
जयपुर (हिस)। राजस्थान में अब
वाहन मालिक अपने निजी वाहनों पर
अपना नाम, पद, जाति, भूतपूर्व पद या
संगठनों के पदों का नाम, गांव का नाम
तथा विभिन्न चिन्ह नहीं लिखवा सकेंगे।
इस संबंध में पुलिस मु यालय ने आदेश
जारी किए। इस संबंध में पीएच यू एसपी
ट्रेफिक चूनाराम जाट की तरफ से प्रदेश
के सभी पुलिस अधीक्षकों, पुलिस
कमिश्नरों और रेंज आईजी को मंगलवार,
3 मई को एक पत्र लिखा गया है। नागरिक
अधिकार संस्था की सिफारिश पर गृह
विभाग ने इस संबंध में पुलिस मु यालय
को 20 अगस्त को आदेश जारी किए थे।
इसकी पालना में राजस्थान पुलिस
मु यालय से सभी पुलिस अधीक्षकों, रेंज
आईजी व पुलिस कमिश्नरेट के लिए
आदेश जारी किए। जानकारी के अनुसार
नागरिक अधिकार संस्था के महासचिव
सुरेश सैनी ने 9 अगस्त 2019 को एक
पत्र मु यमंत्री अशोक गहलोत को लिखा
था। जिसमें बताया कि कई लोग अपने
वाहनों पर अपना नाम, जाति, संगठनों का
पद नाम, विभिन्न चिन्ह, भूतपूर्व पद, गांव
के नाम लिखवाकर दुरुपयोग कर रहे है।
यह पर परा दिनोंदिन बढ़ती जा रही है।
दिनप्रतिदिन वाहन चालकों में बढ़ रही
ऐसी गतिविधियों से अशांति का वातावरण
पनप रहा है, जो चरम पर है। सैनी ने कहा
कि इस परपंरा से जातिवाद भी पनप रहा
है। वहीं, सड़क सुरक्षा के परिप्रेक्ष्य में भी
वाहनों पर लिखवाए गए विभिन्न चिन्ह,
स्लोगनों की वजह से अन्य वाहन चालकों
का ध्यान भंग होता है।
इससे सड़क दुर्घटना होने की
आशंका रहती है। ऐसे में इस घातक
गतिविधि को प्रतिबंधित करवाए। इस पर
गृह (सुरक्षा) विभाग के वरिष्ठ शासन उप
सचिव रवि शर्मा ने 20 अगस्त को
डीजीपी, राजस्थान को एक पत्र लिखकर
इस संबंध में आवश्यक कार्यवाही करने
के निर्देश दिए।
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