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खबरों में बीकानेर 🎤 🌐
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रामपुरिया जैन विधि महाविद्यालय में आज महाराजा गंगासिंह विष्वविद्यालय की द्वितीय अन्तर महाविद्यालय पुरूष एवं महिला योग प्रतियोगिता 2019 का आयोजन किया गया। जिसके उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि राजकीय डूंगर महाविद्यालय के पूर्व प्राचार्य डॉ. एन. के. व्यास थे। विषिष्ट अतिथि महाराजा गंगासिंह विष्वविद्यालय के डिप्टी रजिस्ट्रार डॉ. बिठ्ठल बिस्सा थे।
उद्घाटन सत्र में बोलते हुए मुख्य अतिथि डॉ. व्यास ने कहा कि योग सिर्फ एक खेल ही नहीं है अपितु जीवनचर्या का एक हिस्सा है। जिसको प्रत्येक व्यक्ति को अपने जीवन में अपनाना चाहिए। उन्होंने खिलाडि.यों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि खेल को खेल की भावना से खेलते हुए हार जीत की चिंता न करते हुए एक स्पोर्ट्समेन स्पिरिट की भांति खेलना चाहिए। उन्होंने खिलाडि.यों को आज होने वाली प्रतियोगिता के लिए शुभकामनाएं प्रेषित की।
खिला़िड़यों को सम्बोधित करते हुए डॉ. बिठ्ठल बिस्सा ने कहा कि विष्वविद्यालय निरन्तर खेलों के विकास के लिए प्रयास कर रहा है और आगे भी इस हेतु प्रयासरत रहेगा। उन्होंने बताया कि वर्तमान में विष्वविद्यालय में स्पोर्ट्स बोर्ड की चेयरपर्सन श्रीमती कृष्णा पूनिया जो कि एक ओलम्पियन है जिससे विष्वविद्यालय में स्पोर्ट्स को आगे बढने में सहायता मिलेगी। उन्होंने खिलाडि़यों को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी।
इससे पूर्व महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. अनन्त जोषी ने सभी आगन्तुकों तथा अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि महाविद्यालय के लिए यह गौरव की बात है कि विष्वविद्यालय ने इस आयोजन का कार्य महाविद्यालय को देकर स्वागत योग्य कार्य किया है। जिसके लिए उन्होंने विष्वविद्यालय प्रषासन का भी धन्यवाद दिया।
प्रतियोगिता के आयोजन सचिव डॉ. रीतेष व्यास ने बताया कि आज हुई अन्तर महाविद्यालय पुरूष एवं महिला योग प्रतियोगिता में बीकानेर संभाग के विभिन्न महाविद्यालयों की 13 टीमों के लगभग 75 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। प्रतियोगिता में योग की विभिन्न क्रियाओं के माध्यम से उनका चयन किया गया। प्रतियोगिता के विभिन्न चरणां के पष्चात हुए निर्णायक मण्डल के निर्णय में पुरूष वर्ग टीम इवेंट में महाराजा गंगासिंह विष्ववि़द्यालय की टीम प्रथम स्थान पर रही तथा सूरतगढ पीजी महाविद्यालय की टीम द्वितीय स्थान पर रही। इसी प्रकार महिला वर्ग में भी टीम इवेंट में प्रथम स्थान पर महाराजा गंगासिंह विष्वविद्यालय की टीम रही तथा द्वितीय स्थान पर सूरतगढ पीजी महाविद्यालय की टीम रही।
प्रतियोगिता के समापन कार्यक्रम पर महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. अनन्त जोषी ने सभी विजेता तथा उपविजेता टीम को बधाई दी तथा बाकी टीम के खिलाडि़यों को आगामी प्रतियोगिता के लिए शुभकामनाएं प्रेषित करते हुए कहा कि हार और जीत खेल का हिस्सा है तथा हार के पष्चात खिलाड़ी के पास अवसर होता है कि वह अपनी गलती से सीख ले और आगे बढने का प्रयास करे। इस अवसर पर उन्होंने सभी निर्णायकों, विष्वविद्यालय से पधारे सभी अधिकारियों तथा आगन्तुको और अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापित किया।
प्रतियोगिता के समापन अवसर पर महाविद्यालय परिवार द्वारा विजेता तथा उपविजेता टीम के खिलाडि़यों को ट्रॉफी तथा मेडल पहनाकर स्वागत किया गया।
चयन टीम में श्री मेघनाथ, श्रीमती कोमल महावर, श्री अनिल वर्मा, श्री भुवनेष पुरोहित, श्रीमती वत्सला गुप्ता थे।
ऑब्जर्वर के रूप में राजस्थान विष्वविद्यालय से पधारे श्री आर. के. गुप्ता तथा श्री हितेन्द्र मारू उपस्थित थे।
विष्वविद्यालय चेयरमेन नोमिनी के रूप में डॉ. धर्मवीर सिंह थे।
प्रतियोगिता के सफल संचालन के लिए महाविद्यालय के व्याख्याता डॉ. बालमुकुन्द व्यास, डॉ. शराफत अली, श्री एस के भाटिया, श्री भरत जाजड़ा, श्री ईषान नारायण पुरोहित, श्री मगन सोलंकी, श्री रविन्द्र सिंह, श्री विजय मारू ने सहयोग किया।
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