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किसी भी रेस्टोरेन्ट में अलग से ऐसा कोई स्मोकिंग जोन न हो जिसमें स्मोकिंग की जा सके - बिहारी बिश्नोई
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किसी भी रेस्टोरेन्ट में अलग से ऐसा कोई स्मोकिंग जोन न हो जिसमें स्मोकिंग की जा सके - बिहारी बिश्नोई
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नोखा । राज्य विधानसभा में आज राजस्थान स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक 2019 व सिगरेट और अन्य तंबाकु उत्पाद (विज्ञापन का प्रतिषेध और व्यापार तथा वाणिज्य, उत्पादन, प्रदाय और वितरण का विनियमन) (राजस्थान संशोधन) विधेयक, 2019 पेश किया गया । सरकार द्वारा राजस्थान स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक 2019 के प्रस्तावित किए गए ड्राफ्ट पर चर्चा में भाग लेते हुए भाजपा विधायक बिहारीलाल बिश्नोई ने कहा कि इस विधेयक में पूछताछ कमेटी की संरचना नहीं की गई है । कुलपति के निष्कासन के प्रावधान में इनबिल्ट जांच होनी चाहिए ताकि यह सुनिश्चित किया जाये कि ईमानदार कुलपति को दंडित नहीं किया गया हो और साथ ही दोषी कुलपति को सरकार द्वारा संरक्षित नहीं किया गया हो । श्री बिश्नोई ने कहा कि कुलपति की जांच और उसके निर्दाेष होने की दलील देने के लिए चार सदस्यीय जांच समिति की रचना की जानी चाहिए जो उच्चतम न्यायालय/उच्च न्यायालय के एक वर्तमान या सेवानिवृत न्यायाधीश की अध्यक्षता हो और एक सदस्य एमसीआई का अध्यक्ष या सदस्य हो, एक सदस्य आरपीएससी का अध्यक्ष या सदस्य हो, एक सदस्य किसी दूसरे राज्य के चिकित्सा वविश्वविद्यालय का पूर्व कूलपति हो । श्री बिश्नोई ने कहा कि आरोपी कुलपति को जांच समिति के समक्ष निर्दोषता का अनुरोध करने का मौका दिया जाये और साथ ही जांच समिति की रिपोर्ट के खिलाफ विधानसभा के समक्ष अपील करने का अवसर दिया जाना चाहिए । जांच रिपोर्ट के आधार पर कुलपति को हटाने का प्रस्ताव विधानसभा द्वारा विशेष बहुमत से पारित किया जाना चाहिए । श्री बिश्नोई ने कहा कि उपरोक्त सुझावों को संशोधन में शामिल करते हुए बिल को जनमत के लिए परिचालित किया जाये ।
*सिगरेट और अन्य तंबाकु उत्पाद (विज्ञापन का प्रतिषेध और व्यापार तथा वाणिज्य, उत्पादन, प्रदाय और वितरण का विनियमन) पर प्रतिबंध लगाए*
श्री बिश्नोई ने दूसरे विधेयक सिगरेट और अन्य तंबाकु उत्पाद (विज्ञापन का प्रतिषेध और व्यापार तथा वाणिज्य, उत्पादन, प्रदाय और वितरण का विनियमन) (राजस्थान संशोधन) विधेयक, 2019 के प्रस्तावित किये गये ड्राफ्ट पर चर्चा में भाग लेते हुए कहा कि पश्चिमी राजस्थान में बहुत बड़े सन्त हुए गुरू जम्भेश्वर भगवान जिन्होने 29 नियम दिये । जिसमें 25वां नियम तंबाकु ना खाना व ना पीना । उस आस्था के विषय से जुड़ा हुआ और पूरे प्रदेश की युवा पीढ़ी खोखली ना हो, इसलिए सरकार ये विधेयक लायी है इसके लिए सरकार का आभार । श्री बिश्नोई ने कहा कि ग्लोबल एडल्ट तंबाकू सर्वे में कहा गया है कि भारत में 26.7 करोड़ लोग तम्बाकु उपभोग करते है और सबसे बड़ी चिन्ताजनक बात 5500 नौजवान प्रतिदिन तम्बाकु का सेवन शुरू करते है । ये विधेयक आप लाये है, ये सब रोकने में मददगार साबित होगी । श्री बिश्नोई ने कहा कि इस विधेयक ‘‘2003 के केन्द्रीय अधिनियम संख्या 34 में नई धारा 4क का अन्तः स्थापन‘‘ का प्रावधान लाये है इसको आप संशोधन करके भोजनालय का कोई अलग अर्थ ना लगा ले । इसी के साथ विधेयक में अलग से यह शामिल करे कि किसी भी रेस्टोरेन्ट में अलग से ऐसा कोई स्मोकिंग जोन न हो जिसमें स्मोकिंग की जा सके । श्री बिश्नोई ने कहा कि हुक्का बार प्रतिबंध को व्यापक करते हुए इसमें टोबेको, नाॅन टोबेको और फ्लेवर, नाॅन फ्लेवर भी शामिल करे ।
श्री बिश्नोई ने कहा कि सिगरेट व तंबाकु की लत को छोड़ने के लिए ई-सिगरेट का प्रचलन हुआ है । डब्ल्यूएचओ कहता है कि ये कहीं भी इस लत को छोड़ने सहायक नहीं है । इसे एक तरह का नशा ही माना गया है । इसलिए इस संशोधन में ई-सिगरेट को भी शामिल किया जाये ।
श्री बिश्नोई ने अन्त में कहा कि युवाओं की चिन्ता करते हुए विधेयक लाये उसमें उपरोक्त संशोधन को शामिल करते हुए और जनमत के लिए परिचालित करके और जनमत से भी सुझाव व संशोधन लेके व्यापक स्तर पर लाया जाये ।
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