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गुरु पूर्णिमा चन्द्रग्रहण : जानिए सूतक समय और किस पर क्या हो सकता है प्रभाव
खबरों में बीकानेर 🎤 🌐 ✍️
गुरु पूर्णिमा चन्द्रग्रहण : जानिए सूतक समय और किस पर क्या हो सकता है प्रभाव
नई दिल्ली, ( हि स ) । आषाढ़ पूर्णिमा पर 16 जुलाई को एक
ओर देश गुरु पूर्णिमा मनाएगा तो देर रात चंद्रमा ग्रहण से जूझता
नजर आएगा। इससे सूतक के कारण शाम के बाद गुरु पूजा के
विधान प्रभावित होंगे। सावन के पहले दिन लग रहे ग्रहण के कारण
खास कर शिव भक्तों के लिए बाबा के दर्शन का इंतजार बढ़
जाएगा। 16 जुलाई की देर रात 1.31 बजे ग्रहण का स्पर्श होगा,
मध्य तीन बजे व मोक्ष रात 4.30 बजे होगा। संपूर्ण भारत में
दृश्यमान खंड ग्रास चंद्र ग्रहण की पूर्ण अवधि दो घंटा 59 मिनट
होगा। यह धनु राशि व उतराषाढ़ा नक्षत्र में होगा। भारत में चंद्रास्त
17 की भोर 5.25 बजे होगा।
नौ घंटे पहले लगेगा सूतक : ज्योतिषाचार्यों के मुताबिक
चंद्र ग्रहण का सूतक ग्रहण शुरू होने से नौ घंटे पहले लग जाता है।
वहीं सूर्य ग्रहण का सूतक ग्रहण लगने से 12 घंटे पहले लग जाता
है। इस चंद्र ग्रहण का सूतक 16 जुलाई को दोपहर 1.31 बजे से
शुरू हो जाएगा, जबकि इसकी समाप्ति 17 जुलाई की सुबह 4.31
मिनट पर होगी।
प्राकृतिक आपदा के संकेत : ज्योतिषियों के अनुसार
खग्रास चंद्रग्रहण गुरु पूर्णिमा के दिन है। इस दिन मंगलवार है और
उतराषाढ़ा नक्षत्र है। इस ग्रहण के चलते राजनीतिक प्राकृतिक
आपदा और भारतीय राजनीति में उतार-चढ़ाव की संभावना है।
यहां दिखाई देगा ग्रहण : यह ग्रहण भारत और अन्य एशियाई
देशों के साथ-साथ दक्षिण अमेरिका, यूरोप, अफ्रीका और
ऑस्ट्रेलिया में भी दिखाई देगा।
इन राशियों पर पड़ेगा प्रभाव : इस चंद्रग्रहण का प्रभाव
विशेष रूप से भारतीय राजनीति पर पड़ सकता है। राजनीति से
जुड़े वे लोग जिनकी राशि मेष, वृष, कन्या, वृश्चिक, धनु व मकर
है, उन्हें विशेष लाभ होने के आसार हैं। चूंकि यह चंद्रग्रहण
मंगलवार और उतराषाढा नक्षत्र में पड़ रहा है तो इसके प्रभाव से
राजनीतिक उथल-पुथल के साथ ही प्राकृतिक आपदा की स्थिति
भी बन सकती है।
खबरों में बीकानेर 🎤 🌐 खबर :- ✍️
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गुरु पूर्णिमा चन्द्रग्रहण : जानिए सूतक समय और किस पर क्या हो सकता है प्रभाव
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गुरु पूर्णिमा चन्द्रग्रहण : जानिए सूतक समय और किस पर क्या हो सकता है प्रभाव
नई दिल्ली, ( हि स ) । आषाढ़ पूर्णिमा पर 16 जुलाई को एक
ओर देश गुरु पूर्णिमा मनाएगा तो देर रात चंद्रमा ग्रहण से जूझता
नजर आएगा। इससे सूतक के कारण शाम के बाद गुरु पूजा के
विधान प्रभावित होंगे। सावन के पहले दिन लग रहे ग्रहण के कारण
खास कर शिव भक्तों के लिए बाबा के दर्शन का इंतजार बढ़
जाएगा। 16 जुलाई की देर रात 1.31 बजे ग्रहण का स्पर्श होगा,
मध्य तीन बजे व मोक्ष रात 4.30 बजे होगा। संपूर्ण भारत में
दृश्यमान खंड ग्रास चंद्र ग्रहण की पूर्ण अवधि दो घंटा 59 मिनट
होगा। यह धनु राशि व उतराषाढ़ा नक्षत्र में होगा। भारत में चंद्रास्त
17 की भोर 5.25 बजे होगा।
नौ घंटे पहले लगेगा सूतक : ज्योतिषाचार्यों के मुताबिक
चंद्र ग्रहण का सूतक ग्रहण शुरू होने से नौ घंटे पहले लग जाता है।
वहीं सूर्य ग्रहण का सूतक ग्रहण लगने से 12 घंटे पहले लग जाता
है। इस चंद्र ग्रहण का सूतक 16 जुलाई को दोपहर 1.31 बजे से
शुरू हो जाएगा, जबकि इसकी समाप्ति 17 जुलाई की सुबह 4.31
मिनट पर होगी।
प्राकृतिक आपदा के संकेत : ज्योतिषियों के अनुसार
खग्रास चंद्रग्रहण गुरु पूर्णिमा के दिन है। इस दिन मंगलवार है और
उतराषाढ़ा नक्षत्र है। इस ग्रहण के चलते राजनीतिक प्राकृतिक
आपदा और भारतीय राजनीति में उतार-चढ़ाव की संभावना है।
यहां दिखाई देगा ग्रहण : यह ग्रहण भारत और अन्य एशियाई
देशों के साथ-साथ दक्षिण अमेरिका, यूरोप, अफ्रीका और
ऑस्ट्रेलिया में भी दिखाई देगा।
इन राशियों पर पड़ेगा प्रभाव : इस चंद्रग्रहण का प्रभाव
विशेष रूप से भारतीय राजनीति पर पड़ सकता है। राजनीति से
जुड़े वे लोग जिनकी राशि मेष, वृष, कन्या, वृश्चिक, धनु व मकर
है, उन्हें विशेष लाभ होने के आसार हैं। चूंकि यह चंद्रग्रहण
मंगलवार और उतराषाढा नक्षत्र में पड़ रहा है तो इसके प्रभाव से
राजनीतिक उथल-पुथल के साथ ही प्राकृतिक आपदा की स्थिति
भी बन सकती है।
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