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Khabron Me Bikaner 🎤
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👇 खबरों में बीकानेर 🎤 🌐 ✍️
राहतभरी फुहार : अब मानसून सामान्य : 96 प्रतिशत वर्षा
नई दिल्ली (एजेन्सी - साभार )। देश में
जबरदस्त गर्मी से मचे हा-हाकार के बीच
भारतीय मौसम विभाग ने राहत भरी खबर
जारी करते हुए कहा है कि दक्षिण पश्चिम
मानसून सामान्य रहेगा। विभाग ने अपनी
15 अप्रैल की भविष्यवाणी में संशोधन
करते हुए दीर्घकालीन पूर्वानुमान में
बताया है कि मानसून सीजन में 96
प्रतिशत वर्षा होगी जो कि सामान्य है।
इसके अलावा मौसम विभाग ने मानसून
के दौरान सभी हिस्सों में समान वितरण
के अनुसार वर्षा होने की सूचना दी है।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के
निदेशक पूर्वानुमान में बताया कि मानसून
पूर्व अनुमान के अनुसार 6 जून को केरल
तट से टकरायेगा अभी तक धीमी गति से
आगे बढ़ रहे मानसून ने 18 मई से तेज
र तार पकड़ ली है और यह दक्षिणी अरब
सागर को कवर कर बंगाल की खाड़ी के
दक्षिणी पश्चिमी और दक्षिणी पूर्वी भागों
को छूता हुआ अंडमान सागर में पहुंच
गया है। अगले 72 घंटों में मानसून
अंडमान निकोबार द्वीप समूह पर पहुंच
जायेगा उसके बाद केरल की ओर रूख
करेगा।
केरल के बाद उड़ीसा पहुंचने में
मानसून को दो सप्ताह का समय लगेगा।
मानसून 10 जून की सामान्य तिथि की
बजाय 12 जून को मु बई में प्रवेश कर
सकता है। इससे पहले मानसून पूर्व की
गतिविधियां शुरू हो जायेगी।
विभाग ने जून से सित बर तक के
मानसून सत्र में अलनीनो के सक्रिय होने
की संभावना से इन्कार नहीं किया।
महानिदेशक ने कहा कि अलनीनो का
प्रभाव बनने तक भारत के अधिकतर
हिस्सों में वर्षा हो चुकी होगी।
विभाग ने बताया कि इस वर्ष देश
के अधिकतर हिस्सों में तापमान 42 से
47 डिग्री तक बना रहा जिसका मु-
य
कारण प्री-मानसून वर्षा में भारी कमी
आना है। जहां मध्यप्रदेश में मानसून पूर्व
की वर्षा 18.2 प्रतिशत कम रही वहीं
गुजरात में सर्वाधिक 84 प्रतिशत की
कमी देखी गई। तेलंगाना, आंध्रप्रदेश,
कर्नाटक, तमिलनाडु और छ ाीसगढ़
सभी जगह के आंकड़े बताते है कि
तापमान 1.5 से 6 डिग्री से. तक बढ़
गया है। इसी कारण अधिक गर्मी का
प्रकोप झेलना पड़ा है।
खबरों में बीकानेर 🎤 🌐 खबर :- ✍️
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राहतभरी फुहार : अब मानसून सामान्य : 96 प्रतिशत वर्षा
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राहतभरी फुहार : अब मानसून सामान्य : 96 प्रतिशत वर्षा
नई दिल्ली (एजेन्सी - साभार )। देश में
जबरदस्त गर्मी से मचे हा-हाकार के बीच
भारतीय मौसम विभाग ने राहत भरी खबर
जारी करते हुए कहा है कि दक्षिण पश्चिम
मानसून सामान्य रहेगा। विभाग ने अपनी
15 अप्रैल की भविष्यवाणी में संशोधन
करते हुए दीर्घकालीन पूर्वानुमान में
बताया है कि मानसून सीजन में 96
प्रतिशत वर्षा होगी जो कि सामान्य है।
इसके अलावा मौसम विभाग ने मानसून
के दौरान सभी हिस्सों में समान वितरण
के अनुसार वर्षा होने की सूचना दी है।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के
निदेशक पूर्वानुमान में बताया कि मानसून
पूर्व अनुमान के अनुसार 6 जून को केरल
तट से टकरायेगा अभी तक धीमी गति से
आगे बढ़ रहे मानसून ने 18 मई से तेज
र तार पकड़ ली है और यह दक्षिणी अरब
सागर को कवर कर बंगाल की खाड़ी के
दक्षिणी पश्चिमी और दक्षिणी पूर्वी भागों
को छूता हुआ अंडमान सागर में पहुंच
गया है। अगले 72 घंटों में मानसून
अंडमान निकोबार द्वीप समूह पर पहुंच
जायेगा उसके बाद केरल की ओर रूख
करेगा।
केरल के बाद उड़ीसा पहुंचने में
मानसून को दो सप्ताह का समय लगेगा।
मानसून 10 जून की सामान्य तिथि की
बजाय 12 जून को मु बई में प्रवेश कर
सकता है। इससे पहले मानसून पूर्व की
गतिविधियां शुरू हो जायेगी।
विभाग ने जून से सित बर तक के
मानसून सत्र में अलनीनो के सक्रिय होने
की संभावना से इन्कार नहीं किया।
महानिदेशक ने कहा कि अलनीनो का
प्रभाव बनने तक भारत के अधिकतर
हिस्सों में वर्षा हो चुकी होगी।
विभाग ने बताया कि इस वर्ष देश
के अधिकतर हिस्सों में तापमान 42 से
47 डिग्री तक बना रहा जिसका मु-
य
कारण प्री-मानसून वर्षा में भारी कमी
आना है। जहां मध्यप्रदेश में मानसून पूर्व
की वर्षा 18.2 प्रतिशत कम रही वहीं
गुजरात में सर्वाधिक 84 प्रतिशत की
कमी देखी गई। तेलंगाना, आंध्रप्रदेश,
कर्नाटक, तमिलनाडु और छ ाीसगढ़
सभी जगह के आंकड़े बताते है कि
तापमान 1.5 से 6 डिग्री से. तक बढ़
गया है। इसी कारण अधिक गर्मी का
प्रकोप झेलना पड़ा है।
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