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जिला कलेक्टर ने बच्चों को पिलाया ओआरएस का जीवन रक्षक घोल,
9 जून तक घर-घर पहुंचेंगे ओआरएस के पैकेट
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जिला कलेक्टर ने बच्चों को पिलाया ओआरएस का जीवन रक्षक घोल
9 जून तक घर-घर पहुंचेंगे ओआरएस के पैकेट
जिला कलेक्टर ने बच्चों को पिलाया ओआरएस का जीवन रक्षक घोल
9 जून तक घर-घर पहुंचेंगे ओआरएस के पैकेट
जिला कलेक्टर ने बच्चों को पिलाया ओआरएस का जीवन रक्षक घोल
9 जून तक घर-घर पहुंचेंगे ओआरएस के पैकेट
जिला कलेक्टर ने बच्चों को पिलाया ओआरएस का जीवन रक्षक घोल
9 जून तक घर-घर पहुंचेंगे ओआरएस के पैकेट
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बीकानेर : 28 मई, 2019
दस्त नियंत्रण पखवाड़े का हुआ शुभारम्भ
जिला कलेक्टर ने बच्चों को पिलाया ओआरएस का जीवन रक्षक घोल
9 जून तक घर-घर पहुंचेंगे ओआरएस के पैकेट
बीकानेर। 5 साल तक के बच्चों की दस्त से मृत्यु रोकने और कुपोषण से बचाने के उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग ने गहन दस्त नियंत्रण पखवाड़ा शुरू कर दिया है। मंगलवार को पखवाड़े का जिला स्तरीय शुभारम्भ जिला कलेक्टर कुमार पल गौतम ने जिला अस्पताल के ओआरएस-जिंक कॉर्नर पर बच्चों को ओआरएस का जीवन रक्षक घोल पिलाकर किया। इस दौरान हाथ धोने के 6 चरणों की सही विधि और एक पैकेट ओआरएस से 1 लीटर घोल बनाने की विधि का प्रदर्शन किया गया। जन जागरण के लिए स्टैंडी, स्टीकर, बैनर व आशा फोल्डर का प्रदर्शन भी किया गया। कार्यक्रम में शामिल हुए बच्चों व परिजनों को प्रचंड धूप से बचाव के लिए टोपियां वितरित की गई। जिला कलेक्टर ने सभी चिकित्साधिकारियों व स्वास्थ्यकर्मियों से अपील करते हुए कहा कि दस्त जैसी छोटी बीमारी से बीकानेर में एक भी नौनिहाल की मृत्यु ना हो इसके लिए शहर से लेकर गाँव तक ओआरएस व जिंक की सुपर जोड़ी का प्रचार-प्रसार करें और जरूरतमंदों को उपलब्ध कराएं। उन्होंने चिकित्सालय का निरीक्षण कर सेवाओं की पड़ताल भी की। पीएमओ व अधीक्षक डॉ. बी.एल. हटीला ने चिकित्सालय की प्रगति से अवगत करवाया।
सीएमएचओ डॉ. देवेन्द्र चौधरी ने बताया कि पखवाड़े के दौरान 9 जून तक आशा सहयोगिनियाँ प्रतिदिन 5 वर्ष आयु तक के बच्चों वाले घरों में जाकर ओआरएस का पैकेट बांटेगी व किसी के दस्त से ग्रसित पाए जाने पर जिंक टेबलेट की 14 दिन की खुराक देकर डायरिया, कुपोषण, स्तनपान व हाथों की स्वच्छता जैसे सामान्य दिखने वाले परन्तु गंभीर विषयों पर सूचना-संचार करेगी। डिप्टी सीएमएचओ एवं अभियान के नोडल अधिकारी डॉ. योगेन्द्र तनेजा ने बताया कि सभी चिकित्सा संस्थानों-अस्पतालों व आंगनवाड़ी केन्द्रों पर ओआरएस व जिंक कार्नर स्थापित किए गए हैं। अभियान की मोनिटरिंग ओना एप के माध्यम से रियलटाइम कर फोटो अपलोड किए गए।
इस अवसर पर उपनिदेशक आईसीडीएस शारदा चौधरी, डीटीओ डॉ. सी.एस. मोदी, डॉ. भूपेन्द्र यादव, डॉ. प्रवीण चतुर्वेदी, डॉ. विजयलक्ष्मी व्यास, डॉ. अनीता सिंह, डीएनओ मनीष गोस्वामी, डीएसी रेणु बिस्सा, एनयूएचएम सलाहकार नेहा शेखावत, आईईसी कोऑर्डिनेटर मालकोश आचार्य, अमरजीत कौर, अमित शर्मा, मनीष पुरोहित व गजेन्द्र दान सहित स्वास्थ्यकर्मी व आमजन उपस्थित रहे।
क्या है डायरिया ? कैसे करें इसका प्रबंधन ?
डॉ. योगेन्द्र तनेजा ने आमजन को बताया कि यदि बच्चे को एक दिन में 3 या अधिक पतले दस्त लगते हैं तो उसे डायरिया माना जाएगा और उसे प्रत्येक दस्त के बाद ओआरएस का घोल दिया जाएगा जब तक कि दस्त बंद न हो जाए। 1 लीटर साफ पानी में ओआरएस का एक पूरा पैकेट डालकर घोल बनाया जाता है और उसे 24 घंटे के अन्दर उपयोग करना होता है 2 माह से छोटे बच्चे को 5 चम्मच घोल, 2 माह से 2 साल तक के बच्चे को चैथाई से आधा कप व 2 से 5 साल तक के बच्चे को आधा से एक कप घोल प्रत्येक दस्त के बाद दिया जाना चाहिए। इसी प्रकार 2 से 6 माह तक के बच्चे को आधी गोली जिंक की व 6 माह से 5 साल तक के बच्चे को एक गोली जिंक की प्रतिदिन 14 दिन तक देने से डायरिया बच्चे से दूर ही रहता है।
शिशु अस्पताल में भी बनाया ओआरएस व जिंक कॉर्नर
शिशु चिकित्सालय पीबीएम अस्पताल बीकानेर के ओपीडी में भी दस्त नियंत्रण पखवाड़े की शुरुआत की गई। बच्चों में दस्त रोग के बारे में जानकारी व उपचार दिया गया। बच्चों में ओआरएस घोल और जिंक की महत्ता भी बताई गई। कार्यक्रम का शुभारंभ इंडियन अकैडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स के अध्यक्ष व वरिष्ठ विशेषज्ञ शिशु रोग डॉक्टर कुलदीप सिंह बिट्ठू ने किया। नर्सिंग इंचार्ज एली अम्मा ने बच्चों को ओआरएस घोल पिलाया और बनाने की विधि बताई।
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जिला कलेक्टर ने बच्चों को पिलाया ओआरएस का जीवन रक्षक घोल,
9 जून तक घर-घर पहुंचेंगे ओआरएस के पैकेट
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9 जून तक घर-घर पहुंचेंगे ओआरएस के पैकेट
जिला कलेक्टर ने बच्चों को पिलाया ओआरएस का जीवन रक्षक घोल
9 जून तक घर-घर पहुंचेंगे ओआरएस के पैकेट
जिला कलेक्टर ने बच्चों को पिलाया ओआरएस का जीवन रक्षक घोल
9 जून तक घर-घर पहुंचेंगे ओआरएस के पैकेट
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9 जून तक घर-घर पहुंचेंगे ओआरएस के पैकेट
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बीकानेर : 28 मई, 2019
दस्त नियंत्रण पखवाड़े का हुआ शुभारम्भ
जिला कलेक्टर ने बच्चों को पिलाया ओआरएस का जीवन रक्षक घोल
9 जून तक घर-घर पहुंचेंगे ओआरएस के पैकेट
बीकानेर। 5 साल तक के बच्चों की दस्त से मृत्यु रोकने और कुपोषण से बचाने के उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग ने गहन दस्त नियंत्रण पखवाड़ा शुरू कर दिया है। मंगलवार को पखवाड़े का जिला स्तरीय शुभारम्भ जिला कलेक्टर कुमार पल गौतम ने जिला अस्पताल के ओआरएस-जिंक कॉर्नर पर बच्चों को ओआरएस का जीवन रक्षक घोल पिलाकर किया। इस दौरान हाथ धोने के 6 चरणों की सही विधि और एक पैकेट ओआरएस से 1 लीटर घोल बनाने की विधि का प्रदर्शन किया गया। जन जागरण के लिए स्टैंडी, स्टीकर, बैनर व आशा फोल्डर का प्रदर्शन भी किया गया। कार्यक्रम में शामिल हुए बच्चों व परिजनों को प्रचंड धूप से बचाव के लिए टोपियां वितरित की गई। जिला कलेक्टर ने सभी चिकित्साधिकारियों व स्वास्थ्यकर्मियों से अपील करते हुए कहा कि दस्त जैसी छोटी बीमारी से बीकानेर में एक भी नौनिहाल की मृत्यु ना हो इसके लिए शहर से लेकर गाँव तक ओआरएस व जिंक की सुपर जोड़ी का प्रचार-प्रसार करें और जरूरतमंदों को उपलब्ध कराएं। उन्होंने चिकित्सालय का निरीक्षण कर सेवाओं की पड़ताल भी की। पीएमओ व अधीक्षक डॉ. बी.एल. हटीला ने चिकित्सालय की प्रगति से अवगत करवाया।
सीएमएचओ डॉ. देवेन्द्र चौधरी ने बताया कि पखवाड़े के दौरान 9 जून तक आशा सहयोगिनियाँ प्रतिदिन 5 वर्ष आयु तक के बच्चों वाले घरों में जाकर ओआरएस का पैकेट बांटेगी व किसी के दस्त से ग्रसित पाए जाने पर जिंक टेबलेट की 14 दिन की खुराक देकर डायरिया, कुपोषण, स्तनपान व हाथों की स्वच्छता जैसे सामान्य दिखने वाले परन्तु गंभीर विषयों पर सूचना-संचार करेगी। डिप्टी सीएमएचओ एवं अभियान के नोडल अधिकारी डॉ. योगेन्द्र तनेजा ने बताया कि सभी चिकित्सा संस्थानों-अस्पतालों व आंगनवाड़ी केन्द्रों पर ओआरएस व जिंक कार्नर स्थापित किए गए हैं। अभियान की मोनिटरिंग ओना एप के माध्यम से रियलटाइम कर फोटो अपलोड किए गए।
इस अवसर पर उपनिदेशक आईसीडीएस शारदा चौधरी, डीटीओ डॉ. सी.एस. मोदी, डॉ. भूपेन्द्र यादव, डॉ. प्रवीण चतुर्वेदी, डॉ. विजयलक्ष्मी व्यास, डॉ. अनीता सिंह, डीएनओ मनीष गोस्वामी, डीएसी रेणु बिस्सा, एनयूएचएम सलाहकार नेहा शेखावत, आईईसी कोऑर्डिनेटर मालकोश आचार्य, अमरजीत कौर, अमित शर्मा, मनीष पुरोहित व गजेन्द्र दान सहित स्वास्थ्यकर्मी व आमजन उपस्थित रहे।
क्या है डायरिया ? कैसे करें इसका प्रबंधन ?
डॉ. योगेन्द्र तनेजा ने आमजन को बताया कि यदि बच्चे को एक दिन में 3 या अधिक पतले दस्त लगते हैं तो उसे डायरिया माना जाएगा और उसे प्रत्येक दस्त के बाद ओआरएस का घोल दिया जाएगा जब तक कि दस्त बंद न हो जाए। 1 लीटर साफ पानी में ओआरएस का एक पूरा पैकेट डालकर घोल बनाया जाता है और उसे 24 घंटे के अन्दर उपयोग करना होता है 2 माह से छोटे बच्चे को 5 चम्मच घोल, 2 माह से 2 साल तक के बच्चे को चैथाई से आधा कप व 2 से 5 साल तक के बच्चे को आधा से एक कप घोल प्रत्येक दस्त के बाद दिया जाना चाहिए। इसी प्रकार 2 से 6 माह तक के बच्चे को आधी गोली जिंक की व 6 माह से 5 साल तक के बच्चे को एक गोली जिंक की प्रतिदिन 14 दिन तक देने से डायरिया बच्चे से दूर ही रहता है।
शिशु अस्पताल में भी बनाया ओआरएस व जिंक कॉर्नर
शिशु चिकित्सालय पीबीएम अस्पताल बीकानेर के ओपीडी में भी दस्त नियंत्रण पखवाड़े की शुरुआत की गई। बच्चों में दस्त रोग के बारे में जानकारी व उपचार दिया गया। बच्चों में ओआरएस घोल और जिंक की महत्ता भी बताई गई। कार्यक्रम का शुभारंभ इंडियन अकैडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स के अध्यक्ष व वरिष्ठ विशेषज्ञ शिशु रोग डॉक्टर कुलदीप सिंह बिट्ठू ने किया। नर्सिंग इंचार्ज एली अम्मा ने बच्चों को ओआरएस घोल पिलाया और बनाने की विधि बताई।
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