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डब्ल्यू एच.ओ.के मानदण्डों के अनुसार हो पानी की आपूर्ति - गौतम, /बीछवाल जलाशय का किया निरीक्षण प्रयोगशाला में पानी की शुद्धता की जांच
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डब्ल्यू एच.ओ.के मानदण्डों के अनुसार हो पानी की आपूर्ति - गौतम, /बीछवाल जलाशय का किया निरीक्षण प्रयोगशाला में पानी की शुद्धता की जांच
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डब्ल्यू एच.ओ.के मानदण्डों के अनुसार हो पानी की आपूर्ति - गौतम, /बीछवाल जलाशय का किया निरीक्षण प्रयोगशाला में पानी की शुद्धता की जांच
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डब्ल्यू एच.ओ.के मानदण्डों के अनुसार हो पानी की आपूर्ति -गौतम
बीछवाल जलाश्य का किया निरीक्षण
प्रयोगशाला में पानी की शुद्धता की जांच
बीकानेर,01 अप्रैल। जिला कलक्टर कुमार पाल गौतम ने सोमवार को नहरबंदी के दौरान शहर में पेयजल की आपूर्ति के संबंध में बीछवाल स्थित जलाश्य का निरीक्षण किया और अधिकारियोें को पेयजल की गुणवता पर नियमित निगरानी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने जलाश्य का गाड़ी में बैठकर निरीक्षण किया और इसमें नहर से पहंुच रहे पानी की प्रक्रिया के बारे में जाना।
गौतम ने इंदिरा गांधी नहर परियोजना तथा जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अभियन्ताओं के साथ जलाश्य का निरीक्षण किया और निर्देश दिए कि पेयजल के लिए संरक्षित पानी स्वच्छ रहे इसके लिए सभी तकनीकी उपाय सुनिश्चित करें। उन्होंने जलाश्य के जलशोधन विंग तथा फिल्टर हुए पेयजल के बारे में सम्पूर्ण जानकारी ली और कहा कि उपलब्ध पानी की सप्लाई से पूर्व उसकी गुणवता की जांच नियमित की जाए। आवश्यक दवा का छिड़काव जरूरत हो,तो वह किया जाए। उन्होंने कहा कि नहरबंदी के दौरान शहर में पेयजल आपूर्ति का रोस्टर 30 अप्रैल तक के लिए तैयार करें,जिससे आमजन को पानी की दिक्कत न हो। उन्होंने आईजीएनपी अभियन्ताओं को निर्देश दिए नहरबंदी के दौरान हैरिके बैराज के अधिकारियों के निरन्तर सम्पर्क में रहते हुए पानी की उपलब्धता की जानकारी लें।
इसके बाद जिला कलक्टर जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग की प्रयोगशाला पहुंचे और यहां पर पानी की गुणवता की जांच किस प्रकार से की जाती है और पानी में बैक्टिरिया का कैसे पता चलता है,इसकी जानकारी ली। उन्होंने पानी में बैक्टिरियल इन्फेक्शन है,उसे भी देखा और निर्देश दिए डब्ल्यू एच ओ द्वारा निर्धारित मानदण्डों के अनुसार ही शहर में पेयजल की आपूर्ति की जाए। उन्होंने पेयजल आपूर्ति का रिकार्ड दर्ज करने वाले रजिस्ट्रर का भी अवलोकन किया और पेयजल आपूर्ति रोस्टर की बारीकी से जांच की।यह प्रयोगशाला राजस्थान की तीसरी ऐसी प्रयोगशाला है,जो एनएबीएल द्वारा आई एस ओ 2025 प्रमाणित है। इस प्रयोगशाला में पानी में रासायनिक और जीवाणु की जांच की सुविधा है। उन्होंने बताया कि शहर में पानी सप्लाई करने से पहले प्रयोगशाला में प्रतिदिन जांच की जाती है। जांच के बाद ही पानी आपूर्ति शहर में की जाती है।
उन्होंने पुलिस लाइन के पास सांखू डेरा स्थित जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के पम्प हाउस का भी निरीक्षण किया और अभियन्ताओं को निर्देश दिए कि मोटर खराब होने की स्थिति में कम से कम समय पर मोटर बदली जाए। साथ ही पम्प हाउसों में स्टेण्डबाई मोटर रखी जाए।










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