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साभार 🙏
*कहां खो गए चमत्कारी डिब्बी बेचने वाले?*
वर्तमान युवा पीढी को तो षायद जानकारी में न हो, मगर पचास से अधिक उम्र के लोगों को कदाचित ख्याल में होगा कि किसी जमाने में जब मदारी आम तौर पर दिखाई दे जाते थे, ऐसे भी बाबा हुआ करते थे, जो चमत्कारी डिब्बी बेचा करते थे। मुझे किशोरावस्था की एक घटना याद आती है। तब मदारी टाइप के लोग काजल की डिब्बी यह कह कर बेचा करते थे कि उसे रात को सोते समय सिरहाने के नीचे रखने पर सपने में विशिष्ट अनुभव होंगे। राजा आपकी मनचाही मुराद पूरी करेगा। डेमो के रूप में वे किसी एक बच्चे से कहते थे कि वह डिब्बी में गौर से देखे। कहते थे कि राजा आने वाले हैं। देखो राजा के आगमन से पहले सफाई कर्मचारी बुहारी लगा रहा है। अब पानी का छिड़काव कर रहा है। अब दरी बिछा रहा है। और अब देखो एक राजा आ रहा है। बच्चा हां में हां मिलाता जाता था। संभव है वे बच्चे को सम्मोहित कर देते थे। अन्य बच्चे इस चमत्कार को देख कर मान लेते थे कि वह डिब्बी चमत्कारी है और वे उसे खरीद लेते थे। बाद में किसी ने डिब्बी को सिरहाने के नीचे रखने पर विशिष्ट सपना देखा या नहीं, मुझे नहीं पता, कम से कम मुझे तो उसमें कोई चमत्कार नजर नहीं आया। आजकल ऐसे मदारी नजर नहीं आते। न जाने कहां चले गए ऐसे लोग? न जाने कहां विलुप्त हो गई ऐसी विद्या अथवा अविद्या?




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