Friday, November 17, 2017

बीते दशकों पर भारी न्यास अध्यक्ष रांका के एक वर्ष के कार्यकाल की उपलब्धि

*खबरों में बीकानेर* /

शहर का चहुंमुखी विकास मेरी सर्वोच्च प्राथमिकताः रांका
बीकानेर 17 नवंबर 2017।  नगर विकास न्यास अध्यक्ष का महत्वपूर्ण दायित्व मुझ जैसे साधारण कार्यकर्ता को दिए जाने के लिए मैं मुख्यमंत्री का हृदय से आभारी हूं। मेरा एक वर्ष का कार्यकाल शहर के विकास के प्रति समर्पित रहा तथा भविष्य में भी शहर का विकास मेरे लिए सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी।
        नगर विकास न्यास के अध्यक्ष महावीर रांका ने गुरूवार को न्यास कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान यह बात कही। इस अवसर पर नगर विकास न्यास सचिव आरके जायसवाल भी मौजूद थे। रांका ने कहा कि 18 नवंबर 2016 को न्यास में अध्यक्ष पद का कार्यभार संभाला। तब उनके सामने अनेक चुनौतियां थीं। नगर विकास न्यास के विरूद्ध 52 करोड़ रूपये की पुरानी देनदारियों लंबित थीं। इनका चुकता करते हुए न्यास को लाभ में लाना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता थी। उन्होंने इसके लिए वरिष्ठ जनप्रतिनिधियों के मार्गदर्शन; न्यास सचिव एवं समस्त अधिकारियों-कर्मचारियों का आभार जताते हुए कहा कि संयुक्त प्रयासों से पुराने दायित्वों का चुकता कर दिया गया।
        रांका ने बताया कि विकट परिस्थितियों में उन्होंने बतौर न्यास में अध्यक्ष को मिलने वाले मासिक वेतन; भत्ते एवं सुविधाओं को त्यागने का निर्णय लिया। उन्होंने बताया कि न्यास द्वारा वर्तमान में 101 करोड़ रूपये के विकास कार्य करवाए जा रहे हैं। आगामी एक वर्ष में 225--250 करोड़ रूपये के विकास कार्यों का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

मिलेगी 15 हजार परिवारों को राहत

नगर विकास न्यास की जयनारायण व्यास योजना के सैक्टर 1-2-3-5-6 के बाबत माननीय सर्वोच्च न्यायालय का स्थगन आदेश वर्ष 2007 से प्रभाव में है। इस स्थगन के कारण लगभग 15 हजार भूखंड धारियों को नामांतरकरण, विक्रय एवं मोरगेज एनओसी आदि जारी नहीं हो पा रही हैं। इस समस्या के समाधान के लिए याचिकाकर्ता से वार्ता करते सैद्धांतिक सहमति प्राप्त कर ली गई है और शीघ्र ही आउट ऑफ कोर्ट सेटलमेंट कर समझौते की तैयारी की जा रही है। इस समझौते से लगभग 15 हजार परिवारों को राहत मिलेगी।

भूमि की प्रारम्भिक बोली दरों में की कमी

रांका ने बताया कि बतौर न्यास अध्यक्ष पदभार ग्रहण करने के बाद आय जुटाने के लिए सघन नीलामी कार्यक्रम आयोजित किए गए। भूमि की प्रारम्भिक बोली दरो में 25 से 30 प्रतिशत कमी कर बाजार दर के अनुरूप बनाया गया जिससे उनकी बिक्री की संभावना बढ़ सके। स्वर्ण जयंती विस्तार योजना, मोहता सराय योजना, हरोलाई हनुमान मंदिर योजना, अंत्योदय व्यावसायिक योजना के नवीन चरण लांच किए गए।

न्यास करवाएगा आरयूबी का निर्माण

        रांका ने बताया कि उनका प्रयास रहा है कि शहर के प्रत्येक क्षेत्र में विकास कार्य हों। उन्होंने शहर की कच्ची बस्तियों, अल्पसंख्यक एवं अनुसूचित जाति बाहुल्य क्षेत्रों के साथ लगभग हर क्षेत्र में विकास कार्य स्वीकृत करवाए हैं। हाल ही में डीआरएम के साथ बैठक के दौरान तीन प्रमुख रेलवे क्रॉसिंग पर आरयूबी बनाने संबंधी पहल की गई है। इनके निर्माण पर होने वाला समूचा व्यय न्यास द्वारा किया जाएगा।

बीते 365 दिनों की उपलब्धि

लगभग एक वर्ष पूर्व तक नगर विकास न्यास के विरूद्ध लगभग 52 करोड़ रूपये की देनदारियां थीं। वर्तमान में इन्हें चुकता करते हुए न्यास के खाते में 100 करोड़ रूपये से अधिक राशि जमा हो गई है।
नगर विकास न्यास द्वारा वर्तमान में 100 करोड़ रूपये के विकास कार्य करवाए जा रहे हैं। इसी वर्ष दिसम्बर के अंत तक 225-250 करोड़ रूपये के विकास कार्यों का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
नगर विकास न्यास की जोड़बीड़ आवासीय योजना पर माननीय उच्च न्यायालय में विचाराधीन जनहित याचिका को याचिकाकर्ता से वार्ता कर हटवाते हुए जनहित याचिका का निस्तारण करवाया गया। इसके परिणामस्वरूप इस योजना के तहत उपलब्ध आवासीय, व्यावसायिक व अन्य श्रेणी के भूखंडों की नीलामी-आवंटन की राह आसान हुई। इस योजना के द्वितीय चरण में 250 भूखंड हैं। भूमि का भू-उपयोग परिवर्तन करवाकर आवासीय योजना विकसित की जाएगी।
नगर विकास न्यास की मुरलीधर आवासीय योजना के लगभग 300 आवंटियों को गत 32 वर्षों से अपरिहार्य कारणों से भूखंडों का कब्जा नहीं दिया जा सका था। इस कारण इन्हें परेशानी का सामना करना पड़ा। न्यास अध्यक्ष महोदय द्वारा इस पर संवेदनशील पहल की गई। अब इन भूखंडधारियों को न्यास की मुरलीधर व्यास योजना व अन्य योजनाओं में वैकल्पिक भूखंडों के आवंटन की कार्यवाही की जाएगी।
नगर विकास न्यास की जयनारायण व्यास योजना के सैक्टर 1,2,3,5,6 के बाबत माननीय सर्वोच्च न्यायालय का स्थगन आदेश वर्ष 2007 से प्रभाव में है। इस स्थगन के कारण लगभग 15 हजार भूखंड धारियों को नामांतरकरण, विक्रय एवं मोरगेज एनओसी आदि जारी नहीं हो पा रही हैं। इस समस्या के समाधान के लिए याचिकाकर्ता से वार्ता करते सैद्धांतिक सहमति प्राप्त कर ली गई है और शीघ्र ही आउट ऑफ कोर्ट सेटलमेंट कर समझौते की तैयारी की जा रही है। इस समझौते से लगभग 15 हजार परिवारों को राहत मिलेगी और न्यास को लगभग 80-100 करोड़ रूपये की आय होगी।
न्यास की जोड़बीड़ आवासीय योजना में वर्ष 2008 में 858 व्यक्तियों को भूखंड आवंटित किए गए थे, लेकिन वर्ष 2012-17 तक माननीय उच्च न्यायालय के स्थगत के कारण इन भूखंडों के कब्जे नहीं दिए जा सके। वहीं दूसरी ओर इस अवधि का ब्याज एवं पैनल्टी की गणना कर भूखंडों की कीमत अधिक हो जाती है। न्यास द्वारा इन भूखंडधारकों के पक्ष में प्रस्ताव लेते हुए भूखंडधारियों को 375 रूपये प्रति वर्गमीटर के आधार पर आवंटन करने तथा इस अवधि का ब्याज व पैनल्टी माफ करने का निर्णय लिया गया है। यह प्रस्ताव राज्य सरकार के अनुमोदनार्थ भिजवाया गया है।
नगर विकास न्यास द्वारा लगभग 4 करोड़ रूपये की लागत से भारत माता पार्क का निर्माण करवाया जाना प्रस्तावित है।
माननीय प्रधानमंत्री महोदय एवं माननीय मुख्यमंत्री महोदया के ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ के संकल्प से प्रेरित होकर नगर विकास न्यास द्वारा लगभग 4 करोड़ रूपये की लागत से ‘बेटी गौरव उद्यान’ का निर्माण करवाया जाना प्रस्तावित है।
बीकानेर के पुराने शहर को नोखा रोड से जोड़ने के लिए लगभग 4.50 करोड़ रूपये की  लागत से वैकल्पिक मार्ग का निर्माण कार्य प्रगतिरत है। इस मार्ग के निर्माण से शहरवासियों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक आने में 2.5 किलोमीटर कम दूरी तय करनी पड़ेगी।
बीकानेर के प्रमुख 50 पार्कों का समुचित विकास करवाए जाने की निविदाएं जारी कर दी गई हैं। इन पर लगभग 7 करोड़ रूपये व्यय होने का अनुमान है। इन पार्कां में ओपन जिम का निर्माण होगा। बच्चों के मनोरंजन के लिए झूले लगाए जाएंगे। दूब तथा बहुउपयोगी पौधों के माध्यम से इन्हें हरा-भरा बनाने के साथ, अन्य सिविल एवं विद्युत कार्य करवाए जाएंगे।
रविन्द्र रंगंमच एवं टाउन हॉल के समीप क्षेत्र में केफैटेरिया, पार्किंग स्थल, ओपन एयर थिएटर आदि बनवाए जा रहे हैं।

शनिवार को आयोजित होगा कार्यक्रम
        नगर विकास न्यास अध्यक्ष महावीर रांका ने बताया कि उनके बतौर अध्यक्ष एक वर्ष का कार्यकाल पूर्ण होने पर शनिवार को प्रातः 11 बजे से रविन्द्र रंगमंच में कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम के दौरान एक वर्ष की उपलब्धियों तथा भावी योजनाओ से संबंधित पुस्तिका एक कदम विकास की ओर का प्रकाशन किया जाएगा तथा विकास कार्यों पर आधारित लघु फिल्म का प्रदर्शन होगा।
- मोहन थानवी

गोहत्या व पॉलीथिन प्रतिबंधित करने की मांग पर जन जागरण 19/11/17 से; महारैली 7/1/18 को

*खबरों में बीकानेर* /
गौहत्या व पॉलीथिन पर प्रतिबन्ध लगवा कर रहेंगे : गहलोत

बीकानेर 17/11/17। भागीरथ नंदिनी संस्था की ओर से 19 नवंबर 17 से जनसंपर्क कर 07 जनवरी 2018 को प्रस्तावित  गौहत्या के विरुद्ध महारैली में सहयोग की अपील की जाएगी । इस बारे में संस्था की तरफ से वृंदावन होटल में प्रसवार्ता आयोजित कर जानकारी दी गई। संस्था के मिलन गहलोत ने रोष जताते कहा कि जब तत्काल नोटबंदी की जा सकती है तो गोहत्या बंद करने में देरी क्यों की जा रही है। गहलोत ने कहा कि जन जागरण के लिए रैली  रैली का आगाज गांधी चौक गंगाशहर से होगा जो गोगागेट, रेलवे स्टेशन, सांखला फाटक, केईएम रोड होते हुए जिला कलक्टर कार्यालय पहुंचेगी। कलेक्टर को  गौ हत्या पर पूर्ण प्रतिबन्ध पॉलिथीन पर सख्त रोक लगवाई जाने के लिए प्रधानमंत्री व राष्ट्रपति के नाम का  ज्ञापन दिया जाएगा।

 

जिला प्रशासन नहीं करता सुनवाई 

मिलन  गहलोत ने रोष जताया कि बीकानेर प्रशासन को कई बार शहर में घूम रहे 20 हजार बेसहारा गौवंश के बारे में अवगत करवाया गया है मगर कोई सुनवाई नहीं होती। संस्था की मांग है कि इन बेसहारा आवारा घूम रहे गौवंश के लिए गोचरभूमि में सही व्यवस्था करके वहां से अवैध खनन हटवा कर तथा हो रहे अतिक्रमण से मुक्त करवा कर गौवंश के रहने का स्थान दिया जाए। शहर के आसपास गंदा पानी फैला हुआ है जिसके कारण शहर में मलेरिया व डेंगू की बहुत बड़ी बीमारी फैल रही है। हर घर में बुखार, मलेरिया डेंगू हो रहा है। इस जमा पड़े गंदे पानी को फिल्टर लगाकर गोचर भूमि में हरी घास लगाई जाए जिससे भूखे मर रहे गौवंश को जीवनदान मिल सके। मिलन गहलोत ने बताया कि इन सब मुद्दों पर अनेक बार जिला कलक्टर, महापौर, यूआईटी चैयरमेन को ज्ञापन दिया जा चुका है लेकिन स्थिति जस-की-तस है। कोई सुनवाई नहीं होने के कारण भागीरथ नंदिनी वार्ड-वार्ड घूम कर जनसम्पर्क करेगी तथा हर घर में गौ संरक्षण की महत्ता बताई जाएगी। पॉलीथीन प्रतिबन्ध के प्रति जागरूकता लाई जाएगी।  प्रेसवार्ता में लक्ष्मी गुप्ता, मनु सेवग, हसन अली गौरी, महेश सिंह, भंवरलाल बडग़ुजर, मीनाक्षी सांखला सहित संस्था के पदाधिकारी व कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

- मोहन थानवी

Friday, November 10, 2017

लो जी; 117 आइटमो पर घटा दी GST दर

*बड़ा बदलाव,117 सामानों पर 10% घटा जीएसटी*

जीएसटी काउंसिल की बैठक में 117 सामानों पर जीएसटी दर घटाने का फैसला किया गया है। ऐसे 228 सामान जिनपर अब तक 28 फीसदी टैक्स लगते थे, अब उनमें से 117 सामान पर 18 फीसदी टैक्स लगेंगे और बाकी 50 सामान पर 28 फीसदी टैक्स लगेंगे।

जीएसटी काउंसिल के अध्यक्ष और बिहार के डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी ने कहा है कि अब तक 227 आइटम्स ऐसे थे जिन पर 28 फीसदी टैक्स लगते थे, अब उनकी संख्या घटाकर 50 कर दी गई है। उन्होंने कहा कि 117 सामान पर अब 18 फीसदी टैक्स लगेंगे।

हालांकि, उनका कहना था कि जिन सामानों पर टैक्स की दर घटाई गई है उनपर पहले भी 25 से 30 फीसदी टैक्स लगता था। उन्होंने बताया कि संशोधन के बाद चुइंगम, मार्बल, ग्रेनाइट, सेविंग क्रीम, टूथपेस्ट, शैंपू, ब्यूटी उत्पाद, डिटर्जेंट, डियोड्रेंट, जूता पॉलिश, न्यूट्रीशन ड्रिंक्स, आफ्टर शेव आइटम्स,आदि सामान सस्ते हो जाएंगे।

इसी प्रकार वॉशिंग मशीन, एयर कंडीशनर, पेंट्स, सीमेंट आदि सामान महंगे होंगे। मंत्र‍ियों के समूह ने जीएसटी परिषद को 62 उत्पाद 28 फीसदी के टैक्स स्लैब में रखने का सुझाव दिया था, लेकिन परिषद ने एक कदम और आगे बढ़ाते हुए इस संख्या को 50 कर दिया है। इससे पहले जीएसटी के 28 फीसदी टैक्स स्लैब में 227 उत्पाद थे। अब इनकी संख्या सिर्फ 50 पर आ गई है।
- मोहन थानवी

Wednesday, November 8, 2017

केन्द्रीय मंत्री अर्जुनराम बोले :- कांग्रेस के विरोधाभासी रूप को देश कभी स्वीकार नहीं करेगा

*खबरों में बीकानेर*/

बीकानेर 8/11/17। कांग्रेस के काला दिवस मनाने पर कटाक्ष करते हुए केंद्रीय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल ने कहा है कि  नोटबंदी के जो प्रमुख उद्देश्य बताए गए थे उनकी पूर्ति भी हुई जिसका साफ-साफ असर जम्मू कश्मीर, छत्तीसगढ़ सहित देश के अन्य भागों में दिख रहा है। एक सवाल के जवाब में वे बोले कि कांग्रेस के विरोधाभासी रूप को देश कभी स्वीकार नहीं करेगा। नोटबंदी से ब्लैकमनी पर काफी असर पड़ा; यही नहीं शैडो इकोनॉमी जो अर्थव्यवस्था में अपराध को फैलाती है वो प्राय: नकदी पर ही आधारित थी, पर भी असर पड़ा।  नोटबंदी का एक साल पूरा होने पर बुधवार को बीकानेर पहुंचे केंद्रीय मंत्री अर्जुन मेघवालने पत्रकारों से कहा कि नोटबंदी सरकार की बहुत बड़ी सफलता है।   नोटबंदी एक प्रोसेस था देश की अर्थव्यवस्था को सुधारने का। यदि देश का कोई भी अर्थशास्त्री नोटबंदी पर उनसे बहस करे तो वे हर समय तैयार है। 

देश डिजीटल ट्रांजेक्शन की ओर तेजी से बढ़ा  

 मंत्री मेघवाल ने कहा कि 125 करोड़ लोगों के इस भारत देश में नए इनडायरेक्ट टैक्स की संख्या भी उस समय बढ़ी जब 1 जुलाई से जीएसटी लागू हुआ। 80 लाख आयकरदाताओं के बाद अब जीएसटी जब लागू हुआ तब यह दायरा 1 करोड़ 8 लाख तक बढ़ गया। साथ ही साथ  डिजीटल ट्रांजेक्शन की ओर तेजी से देश बढ़ा।  

- मोहन थानवी

Sunday, November 5, 2017

रूसा के तहत दिशारी योजना में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी क्लास 10/11/17 से लगेगी

*खबरों में बीकानेर*/

दिशारी योजना में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी आरम्भ

बीकानेर 6/11/2017। राजकीय डॅूंगर महाविद्यालय में राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान (रूसा) के अन्तर्गत राजकीय महाविद्यालयों में इसी सत्र में आरंभ की जा रही दिशारी योजना में गणित एवं तार्किक योग्यता (Reasoning) विषय की तैयारी हेतु स्ववित्तपोषी योजना के आधार पर 10-11-2017 से कक्षाएॅं आरंभ की जानी है।  नोडल अधिकारी डॅा.देवेश खण्डेलवाल ने बताया कि इन कक्षाओं हेतु इच्छुक नियमित एवं ड्राप्डऑऊट छात्र-छात्राएॅं 6-11-2017 से 8-11-2017 तक पंजीयन प्रपत्र भरकर आवेदन कर सकते हैं।  पंजीयन प्रपत्र महाविद्यालय की वैबसाईट hte.rajasthan.gov.in/college/gcbikaner  से भी डाऊनलोड किया जा सकता है। दिशारी योजनान्तर्गत प्राप्त निर्देशानुसार उक्त कक्षाओं हेतु प्रति छात्र 500/- शुल्क निर्धारित किया गया है।  प्राचार्य डॅा. बेला भनोत ने बताया कि प्रतियोगी परीक्षाओं में निर्धारित विषयों के अध्यापन हेतु योग्य एवं अनुभवी शिक्षकों द्वारा अध्यापन कार्य कराया जायेगा तथा विद्यार्थियों को इस योजना में निर्देशित सभी लाभ महाविद्यालय द्वारा दिये जायेंगे।
इच्छुक विद्यार्थी महाविद्यालय में डॅा.साधना भण्डारी(कला संकाय) डॅा.संजय आचार्य एवं डॅा.देवाराम(वाणिज्य एवं विज्ञान संकाय) से सम्पर्क कर शीघ्र अपना रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं।  योजनान्तर्गत स्टेट प्रोजेक्ट डायरेक्टर, रूसा द्वारा प्रवेशित विद्यार्थियों को दिशारी एप् की ऑनलाईन सुविधा बिना किसी अन्य शुल्क के प्रदान की जायेगी।

- मोहन थानवी

Saturday, November 4, 2017

134 करोड़ लोगों को खाद्यापूर्ति उपरांत निर्यात की उपलब्धि

*वर्ल्ड फूड इंडिया* /

केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री राधा मोहन सिंह ने 4 नवंबर, 2017 को वर्ल्ड् फूड इंडिया, 2017 के अवसर पर 'फल सब्जियां, डेयरी, पोल्ट्री एवं मात्स्यिकी – विविधतापूर्ण भारतीय संभावनाओं का सदुपयोग करना' विषय पर विज्ञान भवन, नई दिल्ली में लोगों को सम्बोधित किया।
केन्द्रीय कृषि और किसान कल्याण मंत्री श्री राधा मोहन सिंह ने कहा है कि आजादी के बाद कृषि में ऐसी अभूतपूर्व प्रगति व बहुमुखी विकास विश्व के शायद ही किसी देश ने प्राप्त की होगी। उन्होंगे आगे कहा कि पूरा विश्व हमारी इस प्रगति का अध्ययन करने और उसे अपनाने के लिए लालायित है। यह बात श्री सिंह ने आज नई दिल्ली में आयोजित वर्ल्ड् फूड इंडिया, 2017 के अवसर पर 'फल सब्जियां, डेयरी, पोल्ट्री एवं मात्स्यिकी – विविधतापूर्ण भारतीय संभावनाओं का सदुपयोग करना' विषय पर आयोजित कॉन्फ्रेंस के दौरान कही।
केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि आजादी के समय हम जहां 34 करोड़ जनता को खाद्यान्न की आपूर्ति नहीं करा पा रहे थे, आज वही हमारे नीति निर्धारकों, किसानों, वैज्ञानिकों, खाद्य उत्पादन अधिकारियों की सूझबूझ, कड़ी मेहनत से हम एक खाद्य की कमी से जुझने वाले देषों की श्रेणी से आगे बढ़ते हुए 134 करोड़ जनता को भोजन उपलब्ध कराने के साथ खाद्यान्न का निर्यात करने वाले देश बन गया है।
श्री सिंह ने कहा कि हम विश्व के केवल दो प्रतिशत जमीन के भू-भाग से विश्व की लगभग 17 प्रतिशत मानव जनसंख्या 11.3 प्रतिषत पशुधन तथा व्यापक अनुवांशिकी धरोहर का ना केवल भरण-पोषण कर पा रहे है, बल्कि खाद्यान्न का निर्यात भी कर रहे है। उन्होंने बताया कि आज हम विश्व के प्रथम दूध उत्पादक देश है, फल और सब्जी उत्पादन में द्वितीय स्थान पर है, मछली उत्पादन में तीसरे स्थान पर है तथा अंडा उत्पादन में पांचवे स्थान पर है।
केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि आजादी के समय जहां 34 करोड़ जनता को हम 130 प्रति ग्राम प्रतिदिन के हिसाब से दूध की आपूर्ति कर पाते थे वहीं आज 134 करोड़ जनता 337 प्रतिग्राम प्रतिदिन के हिसाब से दूध की आपूर्ति कर पा रहे है। दूध उत्पादन में यह एक अतुलनीय उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि हम बड़ी मात्रा में कृषि जिंसों का निर्यात करते है जो कि देश के कुल निर्यात का लगभग 10 प्रतिशत है।
श्री सिंह ने कहा कि नई दिल्ली में आयोजित “वर्ल्ड फूड इंडिया” एक अनोखा प्लेटफार्म है जिसमें विश्व के 60 देशों से आये प्रतिनिधि भारत के इस प्रगति को अपनी आंखों से देखकर ना केवल समझ सकेंगे बल्कि उसका आकलन भी कर करेंगे।
केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि देश की समग्र कृषि प्रगति पर विशेष बल दिया गया है। कृषि क्षेत्र की वृद्धि दर बढ़ाने के लिए भारत सरकार ने विभिन्न कदम उठाए हैं। इनमें प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, परंपरागत कृषि विकास योजना, राष्ट्रीय कृषि बाजार (ई नैम), प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना, मृदा स्वास्थ्य कार्ड प्रमुख हैं। सरकार ने खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में 100 प्रतिशत एफडीआई का कदम उठाया है।
श्री सिंह ने बताया कि समेकित बागवानी विकास मिशन & बागवानी के विकास के लिए सरकार, समेकित बागवानी विकास मिशन (एमआईडीएच) का कार्यान्वयन कर रही है जिसमें विभिन्न शीत श्रृंखला घटक अर्थात पैक हाउस, प्रीकूलिंग, स्टैवगिंग कोल्ड रूम, कोल्ड स्टोररेज/सीए स्टोशर,रिफर ट्रांसपोट, प्राथमिक प्रसंस्करण यूनिटें और रिपेनिंग चैंबर आदि शामिल हैं। इनमें पूर्वोत्तर और हिमालयी राज्यों में प्रसंस्करण यूनिटें भी शामिल हैं। एमआईडीएच के तहत 31 मार्च,2017 तक 19.47 मिलियन एमटी की क्षमता के 4392 शीतागारों/सीए स्टोर, 20710 फार्म पैक हाउसों, 411 रिफर ट्रांसपोर्ट, 408 रिपैनिंग चैम्बारों, 4414 प्राथमिक प्रसंस्करण यूनिटों और 101 प्रीकूलिंग यूनिटों की स्थापना की गई है।
केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि एमआईडीएच के तहत मेगा फूड पार्कों और निर्यात संवर्धन अंचलों के क्षेत्र में प्रसंस्करण किस्मों सहित फलों और सब्जियों के सामूहिक क्षेत्र का विकास करने के लिए राज्य बागवानी मिशन, बागवानी फसलों/फार्म स्तरीय कार्यक्रमों को बढ़ावा दे रहे हैं। वर्ष 2016-17 में बागवानी उत्पाद का निर्यात 5.03 मिलियन एमटी था (ताजे फल और सब्जी-4.16 मिलियन एमटी, प्रसंस्कृत फल एवं सब्जी - 0.88 मिलियन एमटी, पुष्प कृषि- 33725 एमटी) और मूल्य के संदर्भ में 12 प्रतिशत की दर पर बढ़ रहा है।

*PIB*

Monday, October 23, 2017

डॉ. राजेन्द्र पुरोहित विकिरण सोसायटी के राष्ट्रीय सचिव बने


*खबरों में बीकानेर*/

बीकानेर 23 अक्टुबर 2017।  डूंगर कॉलेज के प्राणीशास्त्र के वरिष्ठ व्याख्याता एवं विकिरण वैज्ञानिक डॉ. राजेन्द्र पुरोहित इण्डियन सोसायटी फोर रेडियेशन बायोलोजी के लगातार दूसरी बार राष्ट्रीय सचिव निर्वाचित हुए हैं।  राष्ट्रीय स्तर पर विकिरण एवं केन्सर वैज्ञानिकों ने डॉ. पुरोहित को निर्विरोध इस पद हेतु चुना है।  डॉ. पुरोहित ने  बताया कि नई दिल्ली की डा. मधुबाला अध्यक्ष, बंगलौर के डॉ. विजय कालिया एवं हिसार के डॉ. अनिल पुण्डिर उपाध्यक्ष तथा मंगलौर की डॉ. सूचिता कुमारी कोषाध्यक्ष चुनी गयी है। 22 अक्टुबर को चुनाव अधिकारी डॉ. मुकुल बिश्नोई द्वारा जारी सूची में डूंगर कॉलेज की ही प्राणीशास्त्र की व्याख्याता डॉ. अरूणा चक्रवर्ती सहित नई दिल्ली की श्रीमती मनु सैनी, जयपुर के डॉ. अरूण चोगुले एवं डॉ. वन्दना नूनिया, वाराणसी के डॉ. यामिनी भूषण त्रिपाठी, चैन्नई के डॉ. वेंकटचलम एवं डॉ. पॉल सोलोमन, फगवाड़ा के डॉ. मनोज कुमार, फरीदाबाद के डॉ. मनीष गुप्ता एवं भाभा अनुसंधान केन्द्र मुम्बई के डॉ. एच.एन.भीलवाड़े सहित कुल दस कार्यकारिणी सदस्य भी निर्वाचित हुए हैं।
डॉ. पुरोहित की इस उपलब्धि पर प्राचार्य डॉ. बेला भनोत, उपाचार्य डॉ. सतीश कौशिक वरिष्ठ संकाय सदस्य डॉ. शिशिर शर्मा, डॉ. रविन्द्र मंगल, डॉ. जी.पी.सिंह, डॉ. बी.एल.शर्मा, डॉ. इन्द्रा विश्नोई सहित अनेक संकाय सदस्यो ने प्रसन्नता व्यक्त की है।
- मोहन थानवी