Saturday, February 17, 2018

उदयपुर :: अकादमी द्वारा 48 पांडुलिपियों पर 5.74 लाख और 22 पुस्तकों पर 2.20 लाख का सहयोग स्वीकृत/ बीकानेर से भी पांडुलिपियां व पुस्तकें शामिल

अकादमी द्वारा 48 पांडुलिपियों पर 5.74 लाख रु. तथा

22 पुस्तकों पर 2 लाख 20 हजार रु. का सहयोग स्वीकृत

उदयपुर, 16 फरवरी/राजस्थान साहित्य अकादमी की‘पांडुलिपि प्रकाशन सहयोग’ योजना अन्तर्गत इस वर्ष 48पांडुलिपियों पर लेखकों को 5 लाख 74 हजार रु. का आर्थिक सहयोग स्वीकृत किया गया है।

अकादमी अध्यक्ष डॉ. इन्दुशेखर तत्पुरुष ने बताया कि‘अरूणिमा रश्मियाँ (काव्य)’ रंजना त्रिखा जयपुर, ‘नदी उफान भरे (काव्य)’ डॉ. कृपा शंकर शर्मा जयपुर, ‘शब्दों के आसमान में हौसलों की उड़ान (काव्य)’ करिश्मा जोशी बीकानेर, ‘अपने अपने आईने (काव्य)’श्री रामनिवास बाँयला अलवर, ‘शब्दों का नीड़ (काव्य)’      श्री राजेन्द्र प्रसाद जोशी मेड़ताशहर, ‘चुप नहीं बैठूंगा (काव्य)’ श्री राजेन्द्र गौड़ कोटा, ‘बच्चों की दुनियां मुस्काई (बाल काव्य)’ डॉ. रेनू सिरोया उदयपुर, ‘खुशियां देता चल (काव्य)’ श्री सोहन प्रकाश जयपुर, ‘उम्मीदों के अश्व (काव्य)’ध्वनि आमेटा डूंगरपुर, ‘आखिर कितनी अनामिकाएँ (काव्य)’विजय लक्ष्मी जांगिड़ जयपुर, ‘भरा हुआ सा खालीपन (काव्य)’ श्री राजेन्द्र कुमार पोकरण, ‘यह सदी निरूत्तर है (काव्य)’        डॉ. कुंजन आचार्य उदयपुर, ‘सफ़र (काव्य)’ श्री महेन्द्र सिंह शेखावत सूरतगढ़, ‘उस देहरी दीप जलाना (काव्य)’ रेणु खत्री अलवर, ‘कितनी सुहानी भोर (काव्य)’ डॉ. बंशीधर तातेड़ बाड़मेर, ‘मुस्कराता बचपन (बाल काव्य)’ डॉ. रत्ना शर्मा जयपुर,‘मयूर पीड़ा (काव्य)’ पृथा वशिष्ठ जयपुर, ‘आखर आखर मोती (काव्य)’डॉ. साधना जोशी जयपुर, ‘निःशब्द हुआ मन (काव्य)’श्रीमती सुधा तिवारी भीलवाड़ा, ‘प्रणय (काव्य)’ श्री मदन जोशी उदयपुर, ‘इन्द्रधनुषी बाल कविताएं (बाल काव्य)’ श्रीमती सुशीला शर्मा जयपुर, ‘समय की पगडंडियों पर (काव्य)’       श्री त्रिलोक सिंह ठकुरेला आबूरोड़,‘अम्बर दूर है कितना (काव्य)’ श्री मनशाह‘नायक‘ जोधपुर, ‘गुलमोहर (काव्य)’श्री चेनराम शर्मा चन्देसरा, ‘क़दम ब क़दम (काव्य)’श्री पुरू मालव छीपा बड़ौद, ‘अन्न जल पानी (काव्य)’श्रीमती उर्मिला माणक गौड़ बैंगलोर, ‘छोटे बच्चे गोल मटोल (बाल काव्य)’डॉ. गोपाल ‘राजगोपाल‘ उदयपुर, ‘गोल्डन जुबली (कहानी)’ संगीता माथुर कोटा, ‘कामाख्या और अन्य कहानियाँ (कहानी)’श्री भरतचन्द्र शर्मा बाँसवाड़ा,‘बोधि वृक्ष के सुर (कहानी)’प. निरंजन प्रसाद पारीक नागौर,‘उपकार (कहानी)’डॉ. पंकज वीरवाल सलूम्बर,‘बनास पार (कहानी)’श्रीमती रीना मेनारिया उदयपुर,‘बुर्ज, चाँद और धुंआ (कहानी)’डॉ. ओम प्रकाश भाटिया जैसलमेर,‘देवा की वसीयत (कहानी)’डॉ. सोहनदास वैष्णव उदयपुर,‘थोड़ा सा सुख (कहानी)’डॉ. अनिता श्रीवास्तव,‘एक है कनु (कहानी)’श्री शरद उपाध्याय कोटा,‘हाडौ़ती अंचल की रोचक लोककथाएं (कहानी)’श्यामा शर्मा कोटा,‘मोगरी (कहानी)’श्री मुरारी गुप्ता जयपुर,‘सलोने गीत (बाल काव्य)’श्री रामेश्वर दयाल पंड्या उदयपुर,‘नदी, धरती और समंदर (काव्य)’ ऋतु जोशी कोटा,‘भगवान बुद्ध (काव्य)’श्री बनवारी लाल सोनी जयपुर,‘बस इसीलिए (काव्य)’श्री हर्षिल पाटीदार डूंगरपुर,‘साहित्य का सांस्कृतिक पक्ष (निबंध)’डॉ. राजेन्द्र कुमार सिंघवी निम्बाहेड़ा, ‘विमर्श के आयाम (निबंध)’डॉ. विमला सिंहल जयपुर,‘विष्णु गुप्त चाणक्य: और रावण मिल गया - दो नाटक (नाटक)’श्री अशोक कुमार शर्मा जयपुर, ‘आम्रपाली तथा अन्य नाटक (नाटक)’डॉ. शीलाभ शर्मा भरतपुर, ‘हास्य-व्यंग्य नाटक: टेढ़ी, टेढ़ी चाल (व्यंग्य)’ श्री हरमन चौहान उदयपुर, ‘पुनि जहाज पे आवे (संस्मरण)’ श्री दर्शन भरतवाल सुजानगढ़ की पाण्डुलिपियों पर सहयोग स्वीकृत किया गया है। उक्त पांडुलिपियों की 25-25मुद्रित-प्रकाशित पुस्तकें प्राप्त हाने पर अकादमी द्वारा स्वीकृत सहयोग प्रदान किया जाएगा।

          अकादमी अध्यक्ष ने बताया कि प्रकाशित पुस्तकों पर सहयोग योजना के तहत 22 प्रकाशित पुस्तकों पर 2 लाख 20हजार रु. का सहयोग - ‘झांसी की झलकारी (काव्य)’श्री किशन लाल वर्मा कोटा, ‘कुछ बूँदे ओस की (काव्य)’ जसमीत कौर जयपुर, ‘कच्ची मिट्टी और अन्य कहानिया’ँ श्रीमती मीनू त्रिपाठी उदयपुर, ‘तेरा तुझको अर्पण (काव्य)’श्री गुल भाटिया उदयपुर, ‘दरकते रिश्तें (कहानी)’डॉ. विद्या पालीवाल उदयपुर, ‘हम खग टूटी पाँखों के (काव्य)’श्रीमती जया गोस्वामी जयपुर, ‘कहानियों सी बेटियां (काव्य)’ श्रीमती शकुन्तला सरूपरिया उदयपुर, ‘दिव्या (कहानी)’ डॉ. तारा दीक्षित उदयपुर, ‘धूप के रंग (काव्य)’         श्रीमती रेणु चन्दा माथुर जयपुर, ‘धुले धुले चहरे (कहानी)’श्री रवि पुरोहित बीकानेर, ‘मुखर होता मौन (काव्य)’श्रीमती रेखा लोढ़ा भीलवाड़ा, ‘एक रात धूप में (काव्य)’श्री राजेन्द्र जोशी बीकानेर, ‘प्रवाह (निबन्ध)’श्री देवेन्द्र नाथ पंड्या गढी, ‘जि़न्दगी के डगर पे’ प्रो. मणिका मोहन जयपुर, ‘समकालीन तमिल प्रतिनिधि कहानियाँ’ श्रीमती एस.भाग्यम शर्मा बीकानेर, ‘कुछ ख्वाब कुछ हकीकत (काव्य)’ कु. शिवानी शर्मा जयपुर, ‘चीत्कार उठी किलकारी (काव्य)’श्रीमती विमला महरिया सिंगोदड़ा, ‘वीथियां मन की (काव्य)’ श्रीमती मनोरमा माथुर जयपुर, ‘भोर का सूरज (काव्य)’ श्री प्रमोद सनाढ्य नाथद्वारा, ‘शब्द-निशक्त (काव्य)’ डॉ. एस. के. लोहानी भीलवाड़ा, ‘मार्चोत्सव एक आफिस का (व्यंग्य)’ श्री हनुमान मुक्त गंगापुर सिटी,‘अमृत कलश (काव्य)’श्रीमती सुधा तिवारी भीलवाड़ा को दस-दस हजार रु. का सहयोग स्वीकृत किया गया है।

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Wednesday, February 14, 2018

श्री ओम बन्ना टाइगर फोर्स सड़क सुरक्षा डाक्यूमेंटरी का विमोचन आज

बीकानेर।  श्री ओम बन्ना टाइगर फोर्स के जिला कार्यालय गोल मार्केट व्यास कॉलोनी में 15/2/18 को सुबह 11 बजे डॉक्यूमेंट्री सीडी ( सड़क सुरक्षा के तहत बनाई गई ) का विमोचन होगा। वीरेंद्र सिंह शेखावत जिला संयोजक श्री ओम बन्ना टाइगर फोर्स बीकानेर ने बताया कि  इस डाक्यूमेंटरी के माध्यम से ओम बन्ना टाइगर फोर्स के सदस्यों ने सड़क सुरक्षा की जानकारी/ मार्गदर्शन लोगों तक पहुंचाने का प्रयास किया है । सीडी का 11:00 बजे जिला कार्यालय में  विमोचन होगा। शेखावत ने युवाओं से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर उत्साहवर्धन करने का आह्वान किया है।

Thursday, January 18, 2018

भारतीय कंपनी सचिव संस्थान ने विधि एवं न्याय तथा कार्पोरेट मामलों के राज्यमंत्री श्री पी पी चौधरी को संस्थान की मानद फेलोशिप प्रदान की

भारतीय कंपनी सचिव संस्थान ने विधि एवं न्याय तथा कार्पोरेट मामलों के राज्यमंत्री श्री पी पी चौधरी को संस्थान की मानद फेलोशिप प्रदान की
भारतीय कंपनी सचिव संस्थान (आईसीएसआई) ने आज यहां विधि एवं न्याय तथा कार्पोरेट मामलों के राज्यमंत्री श्री पी पी चौधरी को संस्थान के मुख्यालय में मानद फेलोशिप प्रदान की। आईसीएसआई के अध्यक्ष सीएस (डॉ.) श्याम अग्रवाल ने श्री चौधरी को मानद सदस्यता का प्रमाण पत्र प्रदान किया और उन्हें शपथ दिलाई।
श्री चौधरी ने पिछले 38 वर्षों के दौरान भू-अधिग्रहण, किसानों की शिकायतों, श्रम एवं सेवा, केन्द्रीय उत्पाद एवं सीमा शुल्क तथा प्राकृतिक जल स्रोतों और बांधों से संबंधित जनहित याचिकाओं सहित लगभग 11 हजार मामलों का निपटारा किया है।
मानद फेलो सदस्यता उन विशिष्ट व्यक्तियों को प्रदान की जाती है, जिन्होंने कंपनी सचिव के कामकाज के संबंध मे महत्वपूर्ण योगदान किया हो। एक प्रोफेशनल संस्थान की उत्कृष्ट परंपरा का पालन करते हुए आईसीएसआई प्रबंधन में व्यावसायिकता को प्रोत्साहन देने और उत्कृष्ट कार्पोरेट शासन व्यवहारों के संदर्भ में महत्वपूर्ण सेवाएं देने के लिए मानद फेलो सदस्यता प्रदान करता है। इस समारोह में आईसीएसआई परिषद सदस्य, सचिव और संस्थान के निदेशालयों के प्रमुख उपस्थित थे।

Friday, January 12, 2018

BIKANER पानी रे पानी तेरा निकास कैसा... नालियां पाताल तक; सीवरलाइन भूतल तक

*खबरों में बीकानेर*/

बीकानेर 12/1/18। शहर में; शहर की बाहरी कॉलोनियों; बस्तियों में पानी निकासी की माकूल व्यवस्था है ? यक्ष प्रश्न का उत्तर न मिला है; न ही मिलने के आसार हैं। हमारे शहर की अधिकांश नाले-नालियां जमींदोज हो चुके या हो रहे हैं। सीवरलाइनें इमारतों के भूतल व नींवों को नेस्तनाबूत करने पर तुली हैं। शहर के मशहूर  दरवाजे यथा कोटगेट; गोगागेट ( दिल्ली गेट ) ; जस्सूसरगेट; नत्थूसरगेट; शीतलागेट; विश्वकर्मागेट आदि के ईर्दगिर्द जमा पानी या कूड़ा करकट हालात बयां करने को काफी हैं । शहर का हृदय  स्थल कहे जाने वाले कोटगेट पर ही जब नालियों; सीवर और नाले का पानी बहता मिले तो गलियों - मोहल्लों के बारे में बिन कहे ही  बयान हो जाता है  बीकानेर आने वालों; यहां रहने वालों के अलावा बीकानेर का केवल नाम सुनने वालों ने भी कोटगेट का गुणगान अवश्य सुना है  । यहां की सड़क कम गड्ढ़े अधिक; यहां ट्रैफिकपुलिस-छत्री पर ही आरूढ़ चौपाये; गेट से सटते एकत्र कचरे के ढेर शहरवासियों के लिए अब कौतूहल कहां रहा ! कोढ़ में खाज रेलवे लाइन के गिर्द फेंका जाने वाला कचरा। इस पर तुर्रा यह कि "हमलोग" क्लीन सिटी के खिताब हासिल करने को गिर-पड़ जाने भी आगे ओंधेमुंह हुए जाते हैं। मानो कभी किसी सिटी प्लानर ने शहर की ऐसी दशा होने कारणों-निवारणों पर गौर करते सुव्यवस्थित पानी निकासी की ओर चिंतन किया ही न हो। नई कॉलोनियों में भी कमोबेश ऐसे ही हालात तो यही दर्शाते हैं; जितना विस्तार शहर का उससे अधिक फैलाव समस्याओं का हो जाता है। शहर की एक गली-मोहल्ले चौक में तो हाशत ये हुई कि लोग घरों में सीवरलाइन का सड़ांध मारता पानी पसर जाने के कारण आसपास इलाके में परिचितों के घरों में याचक बन पहुंचे और शौचालय की कमी पूरी करने की जुगत लड़ाई। हद हो गई; हमलोग अभी भी समस्या की गंभीरता से गाफिल हैं और हमारे ही द्वारा गठित सरकार तथा हमारे ही भाई-बहिनों द्वारा संचालित प्रशासन गहरी नींद में स्वच्छ भारत की एक महत्वपूर्ण इकाई बीकानेर की सफाई अभियान की सफलता के सपनों में लीन हैं। हमें पानी निकासी व्यवस्था सुधारते हुए त्वरित कार्यवाहियों के द्वारा शहर को व्यवस्थित बनाने की दरकार है वरना... दो नाले और चार जगह सीवरलाइन चॉक होने पर अथवा 70/80 mm बारिश होने पर हमलोग बेहाल हो जाएंगे।
- मोहन थानवी

Wednesday, December 13, 2017

वाई-फाई हुआ बीकानेर रेलवे स्टेशन

रेलवे स्टेशन पर वाई-फाई सुविधा से यात्रियों को मिलेगा लाभ - केन्द्रीय राज्यमंत्री

बीकानेर, 13 दिसम्बर 2017। केन्द्रीय जल संसाधन राज्यमंत्री अर्जुनराम मेघवाल ने कहा कि रेलवे स्टेशन पर वाई-फाई सुविधा शुरू होने से यात्रियों को काफी लाभ मिलेगा। मेघवाल बुधवार को रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 6 पर, रेलवे द्वारा उपलब्ध कराई गई तेज व निःशुल्क वाई-फाई सेवाओं के शुभारम्भ अवसर पर बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि रेल यात्री व उन्हें छोड़ने-लेने आए लोग, इन्टरनेट के द्वारा पूरे विश्व से जुड़ सकेंगे। वे प्लेटफॉर्म पर इंतज़ार के दौरान अपने मोबाइल पर ताजा समाचार, मौसम सम्बन्धी नवीनतम जानकारियां प्राप्त कर सकेंगे तथा सोशल मीडिया, ई-मेल, डाउनलोडिंग, वीडियो कॉलिंग आदि भी कर सकेंगे।       

       मंडल रेल प्रबंधक ए के दूबे ने बताया कि ये सेवाएं बुधवार से शुरू कर दी गई हैं। पहले आधे घंटे के दौरान 30 से 40 एमबीपीएस स्पीड मिलेगी व फिर सामान्य स्पीड पर इन्टरनेट की सुविधा उपलब्ध रहेगी। इसके लिए 10 एक्सिस स्विच व 20 एक्सिस पॉइंट स्थापित किए गए हैं।   इस अवसर पर एडीआरएम सुरेश चंद्रा, डॉ. मीना आसोपा, जेडआरयूसीसी सदस्य नरेश मित्तल, सीनियर डीईएन एन के शर्मा, एसीएम जितेन्द्र शर्मा, डी के शुक्ला, ए के चोयल, हर्षवर्धन, डी पी पच्चीसिया, राजकुमार पारीक, पूनमचंद भाटी सहित बड़ी संख्या में रेलवे अधिकारी व आमजन उपस्थित थे।

यूं मिलेगी सुविधा - 

सीनियर डीसीएम सी आर कुमावत ने बताया कि आमजन को अपने मोबाइल, लेपटॉप आदि पर वाई-फाई सेटिंग पर रेलवायर नेटवर्क सलेक्ट कर, तंपसूपतमण्बवण्पद पर ब्राउजर खोलना होगा। फिर वाई-फाई लॉगिन स्क्रीन पर अपना फोन नंबर दर्ज कर, रिसीव एसएमएस दबाने पर एसएमएस के माध्यम से 4 डिजिट का ओटीपी कोड प्राप्त होगा। यह कोड वाईफाई लॉगिन स्क्रीन पर एंटर कर, डन प्रेस करना होगा। इसके बाद उपभोक्ता चेकमार्क दिखने पर तेज व निःशुल्क वाई-फाई से जुड़ सकेंगे।

- मोहन थानवी

Tuesday, December 12, 2017

कोठारी अस्पताल में उपलब्ध हैं कैंसर विशेषज्ञ डॉ रनदीप सिंह की परामर्श सेवाएं

कोठारी अस्पताल में गुडगांव के आर्टेमिस अस्पताल के कैंसर विभाग के विभागाध्यक्ष व डायरेक्टर डॉ. रनदीप सिंह की परामर्श सेवाएं प्रत्येक माह के दूसरे मंगलवार को उपलब्ध

बीकानेर 12/12/17 । गुडगांव के आर्टेमिस अस्पताल व कोठारी अस्पताल बीकानेर के संयुक्त तत्वाधान में डॉ. रनदीप सिंह ( डॉ सिंह गुडगांव के आर्टेमिस अस्पताल में कैंसर विभाग के विभागाध्यक्ष व डायरेक्टर है ) की परामर्श सेवाएं प्रत्येक माह के दूसरे मंगलवार को उपलब्ध कराई गई है। यह जानकारी देते हुए अधीक्षक डॉ ओपी श्रीवास्तव ने डॉ सिंह का परिचय पत्रकारों से करवाया। कोठारी अस्पताल बीकानेर में आर्टेमिस अस्पताल गुडग़ांव के कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉ. रनदीप सिंह ने प्रेस कॉन्फेंस को संबोधित करते हुए कहा कि विश्वभर में बीमारियों से होने वाली मौतों में कैंसर बीमारी दूसरे नंबर पर है।

डब्ल्यू एच ओ हर साल 4 फरवरी को विश्व कैंसर दिवस मनाता है, ताकि इस भयावह बीमारी के प्रति लोगों में जागरूकता आये। भारत में कैंसर महामारी का रूप ले चुका है। डॉ. सिंह ने बताया कि इसके कई कारण है, जैसे कि बदलती हुए जीवन शैली, तम्बाकू या शराब का सेवन, मोटापा, पेस्टिसाइड एवं रासायनिकरण, जंक फूड व अनुवांकिश्क।

कैंसर की अज्ञानता के कारण हम इस बीमारी को प्रथम स्टेज पर नहीं पहचान पाते है, जिसकी वजह से मृत्यु दर बढ़ता जा रहा है। यह एक भ्रांति है कि कैंसर असाध्य रोग है, कैंसर रोग का इलाज संभव है अगर सही समय पर अनुभवी चिकित्सक से परामर्श लेकर इलाज करवाया जाये।

मेडिकल साइंस के शोध के अनुसार आधुनिक तकनीक व दवाईयों द्वारा कैंसर जैसी महामारी से छुटकारा पाया जा सकता है। लेकिन इसके लिए आमजन में जागरूकता होना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि अस्पताल का मुख्य उद्देश्य आमजन को जागरूक करना है कि कैंसर से परेशान नहीं होना है बल्कि इसका इलाज सही समय पर लेना है जो कि बीकानेर में भी संभव है।

- मोहन थानवी

Friday, December 8, 2017

बीकानेर में 40 करोड़ लीटर अतिरिक्त वर्षा जल भंडारण की क्षमता विकसित होगी

लूनकरनसर के सहजरासर में होगा  52.64 करोड़  के 4;421 जल स्वावलम्बन  कार्यों का आगाज

मुख्यमंत्री जल स्वावलम्बन अभियान का तीसरा चरण 9 दिसम्बर से

बीकानेर में 40 करोड़ लीटर अतिरिक्त वर्षा जल भंडारण की क्षमता विकसित होगी

बीकानेर, 7 दिसम्बर 2017। लगभग 40 करोड़ लीटर अतिरिक्त वर्षा जल भंडारण की क्षमता विकसित करने के उद्दश्य और लक्ष्य के साथ  मुख्यमंत्री जल स्वावलम्बन अभियान का तृतीय चरण शनिवार को लूनकरनसर के सहजरासर में जिला स्तरीय समारोह के साथ प्रारम्भ होगा। इस   चरण में 15 ग्राम पंचायतों के 25 गांवों में जल संरक्षण से जुड़े 31 कार्य प्रारंभ होंगे।  इनमें 4270 टांका एवं रूफ टाॅप वाटर हार्वेस्टिंग स्ट्रक्चर, 17 तालाबों एवं जोहड़ के नवीनीकरण अथवा निर्माण, 55 डिग्गी अथवा जलहौज का निर्माण, वनीकरण एवं वृक्षकुंज के 28 तथा 51 अन्य कार्य प्रस्तावित हैं। समारोह में जल संसाधन मंत्री तथा जिला प्रभारी मंत्री डाॅ. रामप्रताप, संसदीय सचिव डाॅ. विश्वनाथ मेघवाल, लूनकरनसर विधायक मानिक चंद सुराणा, प्रमुख शासन सचिव तथा जिला प्रभारी सचिव श्रीमती नीलकमल दरबारी आदि जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी मौजूद रहेंगे। यह जानकारी देते हुए जिला कलक्टर अनिल गुप्ता ने शुक्रवार को कलक्ट्रेट सभागार में आयोजित प्रेस वार्ता में बताया कि तृतीय चरण की शुरुआत ‘पक्का जोहड़ जीर्णोद्धार एवं सुदृढ़ीकरण’ के साथ होगी।

तीसरे चरण में जिले में अब तक 52.64 करोड़ रुपये की लागत के 4;421 कार्य चिह्नित किए गए हैं। इनकी डीपीआर लगभग तैयार कर ली गई है तथा इन कार्यों को जून 2018 तक पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।  
प्रेसवार्ता में जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अजीत सिंह राजावत, अधीक्षण अभियंता (जलग्रहण)  भागीरथ विश्नोई मौजूद रहे। 

विभिन्न वर्गों का मिला सहयोग

जिला कलक्टर ने बताया कि अभियान में सामाजिक-धार्मिक संगठनों, स्वयंसेवी तथा वाणिज्यिक संस्थाओं, कम्पनियों, सरकारी विभागों, सेना तथा अर्द्धसैनिक बलों, पुलिस तथा जनसामान्य को भी सक्रिय रूप से जोड़ा गया है। जिले में प्रथम चरण में लगभग 69.36 लाख तथा द्वितीय चरण में 116.70 लाख रू. का नकद एवं कार्य संपादन के रूप मंे सहयोग प्राप्त हुआ। इनमें नेयवेली लिग्नाइट काॅर्पोरेशन द्वारा दोनों चरणों में 107.50 लाख रू. के कार्य स्वयं के संसाधनों द्वारा संपादित किए गए। इनके अलावा नरसी कुलरिया ने 21.00 लाख तथा बीकाजी फूड काॅर्पोरेशन ने 6 लाख रुपये का नकद योगदान दिया। 
- मोहन थानवी