आयोजन-समय आरंभ और विराम

*चिंतन*/

आयोजन कोई भी हो आमंत्रण में आरंभ होने का समय उल्लेखित होता है। आयोजन विराम कब पाएगा; इसका उल्लेख अधिकांश आमंत्रण-पत्रों में नहीं किया जाता। ऐसे में आयोजन की प्रवृति और ऐसे ही अन्यान्य आयोजनों तथा आयोजकों की प्रवृति व स्वानुभव से हम अंदाज लगाकर मान लेते हैं कि आयोजन आरंभ होने के समय के बाद अधिकतम 1/2 या 3 घंटे में विराम को प्राप्त हो सकता है। अब इस अंदाज को और अधिक पैना करने की आवश्यकता  के अनुभव भी हमें हुए हैं। प्राय: बहुत से आयोजन अपने निर्धारित समय के एक/डेढ़ घंटे बाद देरी से आरंभ होने लगे हैं ऐसे में हमारे समय की "हत्या" का दु:ख या आयोजन के आनंदानुभव से वंचित होने का मलाल हमें होता है। आयोजकों को इस ओर गंभीर होना ही पड़ेगा।

Comments

Popular posts from this blog

पशुपतिनाथ : नेपाल के लिए पहली हवाई तीर्थ यात्रा पर 43 वरिष्ठ नागरिकों पहला दल रवाना पशुपतिनाथ दर्शन का सपना सच बीकानेर व चूरू जिले से 28 जूलाई तक कुल 382 यात्री पशुपति नाथ जी के दर्शन कर सकेंगे

दिल्ली में ट्रेने प्रभावित, हिसार, रेवाड़ी की ये कुछ ट्रेनें रद्द रहेंगी

नवनियुक्त थाना अधिकारी विक्रम तिवारी का अभिनंदन स्वागत- अग्रवाल समाज चेतना समिति द्वारा