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15 जनवरी 2026 गुरुवार
खबरों में बीकानेर
✒️@Mohan Thanvi
पूछता है जोकर का दिल - सिंधी हो तो सिंधी क्यों नहीं बोलते...
पुछे थी मसखरे जी दिलु - सिंधी छो न था गाल्हायो...!
पूछता है जोकर का दिल - सिंधी हो तो सिंधी क्यों नहीं बोलते...
पुछे थी मसखरे जी दिलु - सिंधी छो न था गाल्हायो...!
एनसीपीएसएल दिल्ली ऐं नवयुवक कला मंडल बीकानेर जो वडो जलसो
बीकानेर 13 जनवरी 2026 मंगलवार
(मोहन थानवी, अधिस्वीकृत स्वतंत्र पत्रकार)
बीकानेर में सिंधी भाषा /बोली सहित हिंदी राजस्थानी भाषाओं में कला और सांस्कृतिक क्षेत्र में 51 वर्षों से सक्रिय नवयुवक कला मंडल के द्वारा सोमवार 12 जनवरी 2026 की शाम को एनसीपीएसएल नई दिल्ली के सहयोग से सिंधी भाषा की चुनौतियां विषय पर एक बहुविध वृहद समारोह का आयोजन किया गया। विषय की गंभीरता को संवाद, रंग-प्रस्तुति और विभिन्न क्षेत्रों में अपनी दक्षता से परचम फहरा रही समाज की शख्सियतों को सम्मानित कर सहज बना देने में मंडल को सराहनीय सफलता प्राप्त हुई। इसी कड़ी में अतिथि वक्ताओं ने सरल-सहज शब्दमाला में पिरोकर दर्शकों के अंतःकरण तक संप्रेषित करने में सफलता प्राप्त की । वहीं विषय की गंभीरता को कायम रखते हुए नवयुवक कला मंडल के रंग-नायकों ने नाटक मसखरे जी दिलु का प्रभावी मंचन कर सिंधी समाज के लोगों के समक्ष यक्ष प्रश्न खड़ा कर दिया - सिंधी आहियो त सिंधी छो न था गाल्हायो...! निर्देशक सहित मंच और पार्श्व में सक्रिय सभी रंगकर्मियों को हार्दिक बधाइयां एवं शुभकामनाएं । मंडल की स्थापना के स्वर्ण जयंती वर्ष में आयोजित इस समारोह में नो नवयुवक कला मंडल संस्थापक साहित्यकार रंगकर्मी नानक हिंदुस्तानी सहित शिक्षा, साहित्य, संगीत व रंगमच से जुड़ी 80 से भी अधिक शख्सियतों को भी उनके उल्लेखनीय योगदान के लिये सम्मानित किया गया । इस त्रिआयामी बहुविध समारोह की सफलता के लिए आयोजक तो साधुवाद के पात्र हैं हीं, सधे हुए संयोजन के संयोजक को भी बधाई दिए बिना इस समारोह का उल्लेख अधूरा रहेगा।





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