Ticker

6/recent/ticker-posts

Ad Code

घुसपैठ के रूप निराले Encroachment versus intrusion




औरों से हटकर सबसे मिलकर


bahubhashi.blogspot.com
10 जनवरी 2026 शनिवार

खबरों में बीकानेर


✒️@Mohan Thanvi

घुसपैठ के रूप निराले




https://bahubhashi.blogspot.com


 घुसपैठ के रूप निराले
आए थे हरि भजन को ओटन लगे कपास...!
अपनी करनी पार उतरनी 
कहावतों के आइने 
- मोहन थानवी

समस्याओं को हल करने वाला ही सफलता के पायदान चढ़ता रहता है । यह बात हर व्यक्ति पर लागू होती है। खासतौर पर जन सेवा कार्यों में संलग्न जनप्रतिनिधियों को लोगों के दिल जीतने में काम आती है। नेता चाहे सत्ता पक्ष का हो अथवा विपक्ष का। हर नेता को अपने मन से जानिये पराए मन की बात पर खरा उतरना सफलता दिला देता है। इसे राजनीतिक जगत के जानकारों के मुताबिक़ चुनावी जीत का मूल आधार भी माना जा सकता है। आमजन के मन की बात तो यह भी है कि घुसपैठ के रूप निराले हैं। सीमा पार से अवैध तरीके से आकर बसना और देश के संसाधनों को चूहों की तरह कुतरना घुसपैठ का एक बेहद विभत्स स्वरूप है। यूं तो घुसपैठ ही अपने आप में विभत्स है, अवैध है। वह चाहे किसी भी क्षेत्र में हो। अनाधिकृत दखलंदाजी करना आदि घुसपैठ के अन्य रूप भी दिखाई देते हैं जो की हमारी व्यवस्था और संसाधनों को कुतरने का ही काम करते हैं। अस्पताल जैसे संवेदनशील क्षेत्र की व्यवस्थाओं में ऐसी दखलंदाजी यानी घुसपैठ को क्या नाम दिया जाए ! संभवतया ऐसे लोगों के लिए ही कहा गया होगा - आए थे हरि भजन को ओटन लगे कपास...! अपने स्वार्थ सिद्ध करने के लिए अनैतिक रूप से अधिकारियों पर दबाव डालना, अपने पसंदीदा व्यक्ति को स्वार्थ के मुताबिक सीट पर काम दिलवाने के प्रयास भी निंदनीय हैं। बीते सप्ताहांत की शाम को राजस्थान प्रदेश के मंत्री सुमित गोदारा ने अपने गृहजिले की बड़ी अस्पताल PBM के विशेष विभाग SSB में समीक्षा बैठक उपरांत प्रेस कांफ्रेंस आयोजित की। जहां मंत्री जी को SSB की बहुत सी खामियों की जानकारी पहले से थी और समीक्षा बैठक में उन्होंने व्यवस्था दुरुस्त करने के और संसाधनों को बढ़ाने व उनका समुचित उपयोग करने के सख्त निर्देश अधिकारियों को दिए थे वहीं पत्रकारों ने जब SSB भवन में चूहों के साम्राज्य की जानकारी दी व व्यवस्था में घुसपैठ करने वालों के संदर्भ में बात उठाई तो मंत्री जी ने इसे गंभीरता से लिया। उनका कहना था की संवेदनशील कामों में किसी अन्य का दखल कतई नहीं होना चाहिए। इतना ही नहीं मंत्री जी ने चूहों की समस्या के समाधान के लिए प्रेस कांफ्रेंस के दौरान ही अधिकारियों को निर्देश भी दिए, साफ सफाई और प्रसाधन कक्षों संबंधित कार्यों के लिए नगर निगम अधिकारियों से दूरभाष पर हाथों हाथ बात करके कार्रवाई करने को भी कहकर मौजूद लोगों के दिल जीत लिए। नेताओं को तो लोगों के दिल जीतने की कला में पारंगत होना ही चाहिए । अपनी करनी पार उतरनी मिसाल सादृश्य सटीक लगती है। सरकार देश में घुसपैठ करने वालों पर तो नियमित रूप से कार्रवाई करती ही रहती है। हालांकि सरकार की ऐसी कार्रवाई का विरोध करने वाले चेहरे सामने आते रहते हैं। दूसरी तरफ संवेदनशील विभागों अथवा निकायों में भी कुछ प्रभावशाली चेहरे अपने रसूख का इस्तेमाल करते हुए आंतरिक व्यवस्था में अवैध तरीके से दखलंदाजी कर व्यवस्था में घुसपैठ करवाते हैं। ऐसी प्रवृत्तियों पर भी अंकुश जरूरी है।


Post a Comment

0 Comments