मां के चरणों में मिला स्वर्ग
मां के वरदहस्त से हर्ष
मां से पाया धरा ने धैर्य
मां से देवों ने ली किलकारी
मां ही देवी जगत जननी
मां बिन नहीं स्वर्ग में सुख
मां बिन नहीं हर्ष का स्पर्श
मां का आशीष ही गर्व
मां का आंचल ही सुख
मां ही आन बान और शान
मां ही देती ज्ञान
मां गुरु मां ही भगवान
मां ही जीवन की मुस्कान मोहन थानवी 13 मई 2012
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