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Showing posts from June, 2015
ओला गोला  मीठा शोला
वरिष्ठ साहित्यकार श्री राधाकिशन चांदवानी
712 ई मेँ सिँध की नारीशक्ति का सँघर्ष जब ब्राह्मण राजा दाहर युद्ध के मैदान मेँ था तब सिँध के क्या हालात थे…? अलोर सिँध का किला 1300 साल बीतने के बाद भी अपने आप मेँ कई रहस्य समाए है। क्या किले मेँ सुरँग भी है? हिँगलाज माता व नृसिँह जी का मँदिर है। सिँधु सँस्कृति मेँ नारी को महान दर्जा प्राप्त है। नारीशक्ति ने अपने राष्ट्र के लिए दुश्मन का सामना कैसे किया कि आज भी उसे याद कर सलाम किया जाता है। पूजा जाता है। इन सब के साथ 712 ई मेँ सिँध की नारीशक्ति का सँघर्ष राजमाता सुहँदी महारानी लाड़ी माई पदमा का द्वन्द्व शामिल है Sindhi Novel Kooch Ain Shikast मेँ। -  मोहन थानवी