श्रीमाली समाज महिला मण्डल बीकानेर का महालक्ष्मी को समर्पित शानदार नवरात्रा डांडिया महोत्सव

सजीव झांकियों के साथ हमारे रीति रिवाज बीज रूप में संरक्षित रखने की सफल कवायद

औरों से हटकर सबसे मिलकर



bahubhashi.blogspot.com
गतिविधियां, वक्तव्य, विश्लेषण

खबरों में बीकानेर


✒️@Mohan Thanvi


Affiliate Disclaimer : "नोट: इस पोस्ट में कुछ एफिलिएट लिंक्स शामिल हैं। अगर आप इन पर क्लिक करके कुछ खरीदते हैं, तो मुझे बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के छोटा सा कमीशन मिल सकता है।" - मोहन थानवी (खबरों में बीकानेर) औरों से हटकर सबसे मिलकर

https://bahubhashi.blogspot.com

https://bahubhashi.blogspot.com



सजीव झांकियों के साथ हमारे रीति रिवाज बीज रूप में संरक्षित रखने की सफल कवायद
श्रीमाली समाज महिला मण्डल बीकानेर का महालक्ष्मी को समर्पित शानदार नवरात्रा डांडिया महोत्सव 

श्रीमाली समाज महिला मण्डल की तरफ से शारदीय नवरात्रा के पावन अवसर पर महालक्ष्मी मन्दिर के प्रागण में डांडिया महोत्सव का भव्य आयोजन किया गया। नारी शक्ति को बढ़ावा देते हुए इस कार्यक्रम में न केवल गरबा खेला गया बल्कि सजीव झांकियांे की प्रस्तुति भी दी गई।
कार्यक्रम में श्रीमाली समाज के अग्रणी इतिहासकार जानकीनारायण श्रीमाली ने कहा कि हम आधुनिकता की तरफ अग्रसर हो लेकिन हमारी जड़े सदैव हरी रहनी चाहिए। उन्होंने श्रीमाली समाज में हुए विद्वजनों के बारें में बताते हुए कहा कि हमारा इतिहास बहुत ही गौरवमय रहा है, जिस पर आने वाली पीढि को नाज करना चाहिए। हमें हमारे रीति रिवाज बीज रूप में संरक्षित रखने की आवश्यकता है।
इसी अवसर पर विषिष्ठ अतिथि के रूप में पुष्कर से पधारे अखिल भारतीय श्रीमाली समाज के अध्यक्ष, महेन्द्र बोहरा ने कहा की हम सामाजिक सरोकारों से जुड़कर ही समाज का उत्थान कर सकते है। हमारे छोटे-छोटे प्रयास समाज में बड़े बदलाव लाते है। तथा समाज को एक सुदृढ दिशा देते है।
श्रीमाली समाज महिला मण्डल की अध्यक्ष इन्द्रा दवे ने कहा कि वर्तमान में सभी क्षेत्रों में नारी शक्ति का परचम बढ़ रहा है तो श्रीमाली समाज इससे कैसे अछूता रह सकता है। समाज की नारी शक्ति द्वारा समय-समय इस तरह के आयोजन तथा उसमें समाज की भूमिका सुनिश्चत होना हमारा मनोबल बढ़ाता है।
समाज अध्यक्ष श्याम श्रीमाली ने कहा कि समाज में डांडिया महोत्सव जैसे कार्यक्रमों से धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक परंपरा और सामाजिक एकता जैसा सुंदर संगम हमें देखने को मिला।
श्रीमाली समाज सहसचिव एवं प्रवक्ता डिम्पल श्रीमाली ने कहा कि गरबा के इस आयोजन में बड़ी संख्या में महिलाओं, युवाओं एवं बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। रंग-बिरंगे पारंपरिक परिधानों में सजे प्रतिभागियों ने गरबा एवं डांडिया नृत्य की मनमोहक प्रस्तुतियों से वातावरण को भक्तिमय और उल्लासपूर्ण बना दिया।
प्रवक्ता डिम्पल श्रीमाली ने बताया कि इस अवसर पर सजीव झांकी के रूप में अवनी श्रीमाली ने महालक्ष्मी के वेश में आकषर्ण का केन्द्र रही। अवनी ने अपनी मां दुर्गा की स्तुति प्रस्तुत करके सभी का मन मोह लिया।
      इसके साथ कुछ विषेष पुरस्कार भी दिए गए जिसमें श्रेष्ठ जोड़ी अभिषेक दवे एवं कामिनी दवे, उत्कृष्ट परिधान कंचन श्रीमाली, नटखट सितारा निनी, गरबा रतन निर्मल श्रीमाली, तूफानी टोली निनिशा, वैष्णवी, सिद्धू, अवनी एवं मोनिका दवे विषेष प्रस्तुति, बेस्ट ड्रेस किड्स आरोही व्यास आदि को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में पुरस्कार हेतु चयन की भूमिका शिक्षाविद् श्रेया थानवी एवं दिशा पारीक की रही है।
कार्यक्रम में भारतप्रकाश, बृजमोहन श्रीमाली, नरेश श्रीमाली, नरेन्द्र राज बोहरा, सुषिला श्रीमाली, तेजेष श्रीमाली सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

Comments