बीकानेर : महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय, गाढ़वाला में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया ईसीसीई दिवस एवं बाल मेला
थीम “हर बच्चा खास, हर सीख एक विश्वास” रही। मेले का मुख्य उद्देश्य बालवाटिका के बच्चों को खेल-खेल में सीखने के अवसर प्रदान करना, उनकी सृजनात्मक प्रतिभा को प्रोत्साहित करना तथा अभिभावकों की विद्यालयी गतिविधियों में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करना था
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बीकानेर : महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय, गाढ़वाला में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया ईसीसीई दिवस एवं बाल मेला
गाढ़वाला (बीकानेर), 14 अक्टूबर 2026। महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय, गाढ़वाला में बुधवार को ईसीसीई दिवस (बाल मेला) का आयोजन उत्साह, उमंग एवं रचनात्मक गतिविधियों के साथ किया गया। कार्यक्रम की थीम “हर बच्चा खास, हर सीख एक विश्वास” रही। मेले का मुख्य उद्देश्य बालवाटिका के बच्चों को खेल-खेल में सीखने के अवसर प्रदान करना, उनकी सृजनात्मक प्रतिभा को प्रोत्साहित करना तथा अभिभावकों की विद्यालयी गतिविधियों में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करना था।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में श्री रामगोपाल शर्मा, जिला शिक्षा अधिकारी (मु.), माध्यमिक शिक्षा, बीकानेर तथा विशिष्ट अतिथियों के रूप में श्री कृष्ण कुमार बिश्नोई, अतिरिक्त जिला परियोजना समन्वयक, समग्र शिक्षा, बीकानेर एवं श्री श्रवण राम, पंचायत प्रारम्भिक शिक्षा अधिकारी, गाढ़ वाला कि गरिमामयी उपस्थिति रही। विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. चंदन तलरेजा के मार्गदर्शन में कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों के तिलक एवं माल्यार्पण से स्वागत के साथ हुआ। इसके पश्चात दीप प्रज्वलन एवं बालवाटिका की चार बालिकाओं द्वारा सरस्वती वंदना प्रस्तुत की गई। प्रधानाचार्य डॉ. चंदन तलरेजा ने स्वागत उद्बोधन में ईसीसीई दिवस के उद्देश्यों तथा प्रारंभिक बाल्यावस्था में गतिविधि-आधारित शिक्षण के महत्व पर प्रकाश डाला। इसके बाद मुख्य अतिथि द्वारा बाल मेले का विधिवत उद्घाटन किया गया तथा अतिथियों ने विभिन्न गतिविधि केंद्रों का अवलोकन किया।
चार विशेष स्टॉल रहे आकर्षण का केंद्र
1. कठपुतली शो — टिल्लू-मटिल्लू की हांडी: एकता में स्वाद है
बाल मेले में कठपुतली शो विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। प्रधानाचार्य द्वारा रचित कठपुतली नाट्य द्वारा प्रस्तुत इस कार्यक्रम में कठपुतलियों के माध्यम से पारिवारिक एकता, आपसी सहयोग और मिल-बाँटकर रहने का संदेश दिया गया। टिल्लू, मटिल्लू, कल्लू और बल्लू की कहानी के माध्यम से बच्चों को समझाया गया कि मिल-जुलकर काम करने तथा संसाधनों को साझा करने से बेहतर परिणाम प्राप्त होते हैं।
कठपुतली प्रस्तुति की सराहना करते हुए जिला शिक्षा अधिकारी एवं अतिरिक्त जिला परियोजना समन्वयक ने शिक्षकों के उत्साह, रचनात्मकता और नवाचारपूर्ण शिक्षण प्रयासों की प्रशंसा की।
2. ज्ञान स्टॉल
ज्ञान स्टॉल पर रंगों का मिलान, अक्षर एवं आकृतियों की पहचान तथा पेड़ से क्या मिलता है? जैसी गतिविधियाँ प्रदर्शित की गईं। बच्चों ने फल, फूल, लकड़ी और कागज जैसी वस्तुओं के माध्यम से पेड़ों के महत्व को समझा। इन गतिविधियों ने बच्चों की पहचान क्षमता, अवलोकन कौशल और पर्यावरण के प्रति जागरूकता विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
3. सृजन स्टॉल
सृजन स्टॉल पर पेपर फोल्डिंग, ओरिगामी, क्राफ्ट वर्क तथा पोम-पोम और गोटा सामग्री से विभिन्न कलात्मक गतिविधियाँ प्रदर्शित की गईं। संगीत के साथ डांडिया गतिविधि ने मेले में उत्साहपूर्ण वातावरण बनाया। इन गतिविधियों के माध्यम से बच्चों की रचनात्मकता, शारीरिक समन्वय, कलात्मक अभिव्यक्ति और सामूहिक सहभागिता को प्रोत्साहन मिला।
4. मजा-मस्ती स्टॉल
मजा-मस्ती स्टॉल का प्रमुख उद्देश्य अभिभावक-बालक सहभागिता को बढ़ावा देना रहा। इस स्टॉल पर माता-पिता और बच्चों के लिए नींबू दौड़, बोरा दौड़ तथा स्क्रैम्बल रन जैसी मनोरंजक प्रतियोगिताएँ आयोजित की गईं। प्रतियोगिताओं के माध्यम से बच्चों एवं अभिभावकों को एक साथ भाग लेने, सहयोग करने और आनंदपूर्ण वातावरण में सीखने का अवसर मिला। विजेताओं के लिए मिल्टन वाटर बॉटल एवं डॉम्स पेंसिल किट जैसे पुरस्कार रखे गए।
खेल-खेल में सीखने और सर्वांगीण विकास पर जोर
बाल मेले की विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से बच्चों में आत्मविश्वास, तार्किक सोच, रचनात्मकता, सामाजिक व्यवहार और सीखने के प्रति रुचि विकसित करने पर बल दिया गया। रंगों की पहचान, भाषा एवं प्रारंभिक गणितीय अवधारणाओं, कला, कहानी और खेल आधारित गतिविधियों ने बच्चों को सीखने का आनंददायक अनुभव प्रदान किया।
कार्यक्रम में पुरस्कार वितरण के माध्यम से प्रतिभागी बच्चों का उत्साहवर्धन किया गया। आयोजन को सफल बनाने में विद्यालय के समस्त शाला स्टाफ, स्वागत टीम, सरस्वती वंदना टीम, बैठक व्यवस्था एवं अनुशासन टीम, अल्पाहार टीम तथा चारों स्टॉल के प्रभारी शिक्षकों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
प्रधानाचार्य डॉ. चंदन तलरेजा ने सभी सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रारंभिक बाल्यावस्था में बच्चों को सुरक्षित, आनंदपूर्ण एवं सहभागितापूर्ण वातावरण उपलब्ध कराना उनके सर्वांगीण विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। ऐसे आयोजन बच्चों की प्रतिभा को पहचानने, उन्हें अभिव्यक्ति का अवसर देने तथा विद्यालय और अभिभावकों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने में सहायक होते हैं।
विद्यालय परिवार ने कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश दिया कि प्रत्येक बच्चा विशिष्ट प्रतिभा का धनी है और उचित अवसर, प्रोत्साहन एवं मार्गदर्शन मिलने पर वह अपनी क्षमताओं का बेहतर विकास कर सकता है।
कार्यक्रम का संदेश: “हर बच्चा खास, हर सीख एक विश्वास।”
स्थान: महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय, गाढ़वाला, बीकानेर
दिनांक: 14 अक्टूबर 2026
जारीकर्ता:
डॉ. चंदन तलरेजा
प्रधानाचार्य
महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय, गाढ़वाला, बीकानेर





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