क्योंकि बहिन के लिए भाई ने अपने को आहूत कर दिया था !
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क्योंकि बहिन के लिए भाई ने अपने को आहूत कर दिया था !
श्रीमती निर्मला आहूजा ने अपनी बड़ी बेटी रेखा से पूछा कि तुझे राम जैसा भाई चाहिए या रावण जैसा रेखा ने कहा नहीं
मुझे तो रावण जैसा भाई चाहिए जिसने अपनी बहन की आन बान और शान को अक्षुन रखने के लिए ईश्वर के अवतार राम से युद्ध कर लिया और यह जानते भी उसका संघार उस महान योद्धा राम के हाथ लिखा है अपने प्राणों की परवाह नहीं की शायद यही भावना लगातार पीढ़ी दर पीढ़ी तीन पीढ़ियों से बीकानेर के प्रमुख बीकानेर दशहरा कमेटी के सचित्र झांकियां को चरितार्थ करती है पहली पीढ़ी
स्वर्गीय माधव दास 23 वर्षों तक संजीव अभिनय किया दूसरी पीढ़ी पूर्व आयकर अधिकारी शिवाजी आहूजा 25 वर्ष तक सिल्वर जुबली रावण बन रहे और तीसरी पीढ़ी ने तो पूरे शहर में कमाल कर दिया जी हां हम बात कर रहे हैं क्राइम रिपोर्टर के कुमार आहूजा की पूरे रास्ते बगी में बैठे मुक्त और भयंकर हंसी हंसते हुए रावण का विशेष अभिनय करते वरिष्ठ रंग कमी और पत्रकार रावण की रथ पर सवार होकर हाथ में टॉफी बिस्कुट के साथ धनुष् लेकर एकदम राम को ललकारते हैं तो दूसरी और शहर के पर कोटे में जहां रावण की पूजा होती है और रावण को बहुत बड़ा शिव भक्त माना जाता है नन्हे बाल गोपाल बच्चों को आशीर्वाद भी देते हैं आज उनकी बहन रेखा केसवानी बहुत गो रान्वित है कि वह बीकानेर के रावण के कुमार आहूजा की बड़ी बहन मां स्वरूप है सौभाग्य की बात है कि उनकी धर्मपत्नी श्रीमती कांता आहूजा को लोग मंदोदरी भाभी के नाम से पुकारते हैं और उन्हें गर्व भी होता है 68 वर्षीय रावण रूबरू मैं यह कहते हैं मेरा एक सपना है मैं राम के साथ युद्ध करते हैं करते-करते Shri राम के चरणों में ही अपने प्राण त्याग दूं तो मेरा आखिरी सपना होगा जय लंकेश जय श्री राम




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