विदेशी संगठनों से मुलाकात, समझौतों और विरोध-प्रदर्शनों की फंडिंग पर राहुल गांधी देश को जवाब दें:- मदन राठौड़
राष्ट्रीय हितों से ऊपर राजनीति नहीं, संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर करने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं करेगी भाजपाः- मदन राठौड
सोनिया गांधी और राहुल गांधी की प्रोग्रेसिव इंटरनेशनल के प्रतिनिधिमंडल के साथ हुई मुलाकात के संदर्भ को स्पष्ट करें कांग्रेसः- मदन राठौड़
राहुल गांधी स्पष्ट करें क्या कांग्रेस रेड ग्रीन इको सिस्टम में शामिल है!:— मदन राठौड़
.......................
औरों से हटकर सबसे मिलकर
विदेशी संगठनों से मुलाकात, समझौतों और विरोध-प्रदर्शनों की फंडिंग पर राहुल गांधी देश को जवाब दें:- मदन राठौड़
Affiliate Disclaimer : "नोट: इस पोस्ट में कुछ एफिलिएट लिंक्स शामिल हैं। अगर आप इन पर क्लिक करके कुछ खरीदते हैं, तो मुझे बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के छोटा सा कमीशन मिल सकता है।" - मोहन थानवी (खबरों में बीकानेर) औरों से हटकर सबसे मिलकर
https://bahubhashi.blogspot.com
https://bahubhashi.blogspot.com
विदेशी संगठनों से मुलाकात, समझौतों और विरोध-प्रदर्शनों की फंडिंग पर राहुल गांधी देश को जवाब दें:- मदन राठौड़
.......................
राष्ट्रीय हितों से ऊपर राजनीति नहीं, संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर करने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं करेगी भाजपाः- मदन राठौड
’................................................
सोनिया गांधी और राहुल गांधी की प्रोग्रेसिव इंटरनेशनल के प्रतिनिधिमंडल के साथ हुई मुलाकात के संदर्भ को स्पष्ट करें कांग्रेसः- मदन राठौड़
.........................................
राहुल गांधी स्पष्ट करें क्या कांग्रेस रेड ग्रीन इको सिस्टम में शामिल है!:— मदन राठौड़
.......................
जयपुर, 24 अक्टूबर 2026। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस नेतृत्व पर हमला बोलते हुए कहा कि विदेशी संगठनों से संपर्क, अंतरराष्ट्रीय राजनीतिक समूहों के साथ बैठकों, समझौतों और विरोध-प्रदर्शनों की फंडिंग को लेकर उठ रहे सवालों पर कांग्रेस को चुप्पी तोड़नी चाहिए। देश की जनता जवाब चाहती है और कांग्रेस नेतृत्व को सवालों से बचने के बजाय तथ्यों एवं दस्तावेजों के साथ अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। राठौड़ ने कहा कि कांग्रेस को यह स्पष्ट करना होगा कि विदेशी संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ हुई बैठकों का उद्देश्य क्या था, किन विषयों पर चर्चा हुई और क्या समझौता किया गया। राठौड़ ने कहा कि प्रतिष्ठित न्यूज मैंगजीन ने अपनी रिपोर्ट में जिस प्रोग्रेसिव इंटरनेशनल और इंडियन अलांयस पेरिस का जिक्र फ्रांस सहित दूनिया के विभिन्न देशों में हुए दंगों, आगजनी और ऐतिहासिक स्मारकों को नष्ट करने की घटनाओं में किया है, और उसका लिंक दुनिया के 101 संगठन जो 9 देशों में काम करते है, उन से आया है। इन दोनों ही संगठनों से कांग्रेस का संबंध स्थापित होता है। इसलिए कांग्रेस को ये बताना चाहिए क्या उसका संबंध रेड ग्रीन इको सिस्टम से है, जिसमें वामपंथी और इस्लामिस्ट समूह आते है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा कि 10 जनपथ पर सोनिया गांधी और राहुल गांधी की प्रोग्रेसिव इंटरनेशनल के प्रतिनिधिमंडल के साथ हुई मुलाकात के संदर्भ में कांग्रेस को पारदर्शिता बरतनी चाहिए। जनता जानना चाहती है कि इस बैठक का एजेंडा क्या था, चर्चा किन मुद्दों पर हुई और क्या इस संगठन का कांग्रेस पार्टी, राहुल गांधी के कार्यालय अथवा इंडियन ओवरसीज कांग्रेस के साथ कोई समझौता है! यदि सब कुछ स्पष्ट और नियमों के अनुरूप है, तो कांग्रेस को तथ्य सार्वजनिक करने में संकोच क्यों होना चाहिए? राठौड़ ने कहा कि भारत की राजनीति में विदेशी प्रभाव, आर्थिक सहायता और राजनीतिक गतिविधियों के बीच संभावित संबंधों को लेकर उठने वाले सवालों की अनदेखी नहीं की जा सकती। विरोध-प्रदर्शनों के फंडिंग को लेकर भी कांग्रेस को स्पष्ट जानकारी देनी चाहिए। इन प्रदर्शनों को कितनी विदेशी सहायता मिली है? जो सहायता मिली है, उसका स्रोत, स्वरूप और उद्देश्य क्या है? इन सवालों का जवाब आरोप-प्रत्यारोप से नहीं, बल्कि प्रमाणित तथ्यों से दिया जाना चाहिए।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा कि कांग्रेस नेतृत्व को चीन की कम्युनिस्ट पार्टी के साथ वर्ष 2008 में हुए समझौतें के संबंध में भी देश के सामने स्पष्ट जानकारी रखनी चाहिए। उस समझौते का उद्देश्य क्या था, उसमें किन विषयों को शामिल किया गया था और उसके तहत क्या प्रतिबद्धताएं व्यक्त की गई थीं, इन सवालों पर पारदर्शिता लोकतांत्रिक जवाबदेही का हिस्सा है। राठौड़ ने कहा कि भारत का लोकतंत्र किसी राजनीतिक परिवार की सुविधा से नहीं, बल्कि संविधान, कानून और जनता के जनादेश से चलता है। संसद, सर्वोच्च न्यायालय और अन्य संवैधानिक संस्थाएं देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था के मजबूत स्तंभ हैं। इन संस्थाओं की गरिमा और स्वतंत्रता की रक्षा करना प्रत्येक राजनीतिक दल का दायित्व है। राजनीतिक विरोध के नाम पर हिंसा, आगजनी और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने को किसी भी परिस्थिति में उचित नहीं ठहराया जा सकता। शांतिपूर्ण विरोध लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन कानून तोड़ने की छूट किसी को नहीं है। राठौड़ ने कहा कि राहुल गांधी और कांग्रेस नेतृत्व को यह स्पष्ट करना चाहिए कि वे देश के आंतरिक मामलों से जुड़े मुद्दों पर भारतीय लोकतांत्रिक संस्थाओं और संवैधानिक प्रक्रियाओं को सर्वोपरि मानते हैं या नहीं। भारत की समस्याओं का समाधान भारत की संसद, न्यायपालिका, संवैधानिक व्यवस्था और देश की जनता के जनादेश के माध्यम से ही होना चाहिए। किसी भी विदेशी संगठन को भारत के आंतरिक राजनीतिक मामलों में अनुचित प्रभाव डालने का अवसर नहीं मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत वैश्विक मंच पर अपनी भूमिका और प्रतिष्ठा मजबूत कर रहा है। ऐसे समय में सभी राजनीतिक दलों से अपेक्षा है कि वे राष्ट्रीय हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन देश की संप्रभुता, लोकतांत्रिक संस्थाओं की विश्वसनीयता और राष्ट्रीय हितों के प्रश्न पर किसी भी प्रकार की अस्पष्टता नहीं होनी चाहिए।
प्रभारी, भाजपा प्रदेश मीडिया विभाग



Comments
Post a Comment
खबर आपकी नजर में... कमेंट करके बताएं