माता साहिब हासी देवी की 200वीं जयंती पर स्मारक सिक्का जारी होने पर जताई प्रसन्नता



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माता साहिब हासी देवी की 200वीं जयंती पर स्मारक सिक्का जारी होने पर जताई प्रसन्नता
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माता साहिब हासी देवी की 200वीं जयंती पर स्मारक सिक्का जारी होने पर जताई प्रसन्नता

भारतीय सिंधु सभा महानगर बीकानेर के हासानंद मंघवानी मान सिंह मामनानी हेमंत गोरवानी टीकम पारवानी विजय ऐलानी अनिल डेम्बला किशन सदारंगानी गणेश सदारंगानी पवन खत्री राजेश केशवानी सुरेश केशवानी लक्ष्मण किशनानी कैलाश गुवालानी विजय घिरानी श्याम वाधवानी तेज प्रकाश वलीरमानी घनश्याम सदारंगानी हरीश वलीरमानी मुरली टालानी के साथ मातृ शक्ति सत्संग मंडली की भारती गुवालानी, कान्ता हेमनानी, दादी रूकमणी, दादी कलावती, विद्या गुवालानी वर्षा लखानी पूनम टिकयानी कमला सदारंगानी लाजवंती ढोलवानी मधु सादवानी देवी नवानी निशा नवानी पल्लवी टिकयानी कविता वाधवानी लता सदारंगानी जमना वलीरमानी कविता सदारंगानी व भारतीय सिंधु सभा सेवा परिषद बीकानेर के सदस्यों द्वारा माता साहिब हासी देवी की 200वीं जयंती पर राष्ट्रपति महामहिम श्रीमती द्रोपती मुर्मु द्वारा स्मारक सिक्का जारी होने पर प्रसन्नता जताई।
भारतीय सिंधु सभा के किशन सदारंगानी ने बताया कि भारत सरकार ने सिंधी समाज की लगभग 300 वर्ष पुरानी आध्यात्मिक एवं सेवा परंपरा की प्रतीक शदाणी दरबार की पंचम पीठाधीश पूज्य माता साहिब हासी देवी जी की 200वीं जयंती के उपलक्ष्य में 200 का स्मारक सिक्का किया गया है। यह पहली बार होगा जब किसी भारतीय स्मारक सिक्के पर सिंधी समाज का उल्लेख किया जाएगा। माता साहिब हासी देवी जी ने अपने जीवनकाल में सेवा, त्याग, समाज सुधार, नारी सम्मान और शिक्षा के क्षेत्र में अद्वितीय कार्य किए। उन्होंने सिंध में नारी शक्ति की रक्षा करते हुए समाज को एकता, आध्यात्मिकता और मानव सेवा का संदेश दिया। इस उपलब्धि के पीछे शदाणी दरबार से जुड़े सिका संग्राहक विक्रम तेजवानी के वर्षों के सतत प्रयास, समर्पण और दूरदर्शिता का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। प्रसिद्ध मुद्राशास्त्री सुधीर लूणावत, जिन्होंने इस स्मारक सिक्के की संपूर्ण प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, ने बताया कि रु. 200 मूल्यवर्ग 35 ग्राम वजनी इस सिक्के में 50 प्रतिशत चांदी, 40 प्रतिशत तांबा, 5 प्रतिशत निकल तथा 5 प्रतिशत जस्ता का मिश्रण रहेगा।

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