हृदय रोगों से बचाव ही हृदय का उचित उपचार हैे - डॉ. पिंटू नाहटा, पीबीएम के हृदय रोग विभाग ने चलाया जन जागरण अभियान, विशेषज्ञ चिकित्सकों ने बताए स्वस्थ हृदय के मूल मंत्र
डायटिशियन डॉ. मीनाक्षी जाखड़ ने सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाली आहार संबंधी भ्रामक जानकारियों से सावधान रहने की सलाह दी
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हृदय रोगों से बचाव ही हृदय का उचित उपचार हैे - डॉ. पिंटू नाहटा
पीबीएम के हृदय रोग विभाग ने चलाया जन जागरण अभियान, विशेषज्ञ चिकित्सकों ने बताए स्वस्थ हृदय के मूल मंत्र
दिल की हर धड़कन अनमोल, थोड़ी सी सावधानी बचा सकती है जीवन - इनका संदेश
चिकित्सा अधिकारी एवं प्रभारी डॉ. देवेन्द्र अग्रवाल
विभागाध्यक्ष डॉ. पिंटू नाहटा
डॉ. दिनेश चौधरी
डॉ. सुनील बुडानिया,
डॉ. राम गोपाल कुमावत,
डॉ. रतन लाल रांका
डॉ. राजवीर बेनीवाल,
डॉ. नुमान आरिफ
डायटिशियन डॉ. मीनाक्षी जाखड़
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विश्व हृदय दिवस पर पीबीएम से संदेश : दिल की हर धड़कन अनमोल, थोड़ी सी सावधानी बचा सकती है जीवन
चिकित्सा अधिकारी एवं प्रभारी डॉ. देवेन्द्र अग्रवाल
विभागाध्यक्ष डॉ. पिंटू नाहटा
डॉ. दिनेश चौधरी
डॉ. सुनील बुडानिया,
डॉ. राम गोपाल कुमावत,
डॉ. रतन लाल रांका
डॉ. राजवीर बेनीवाल,
डॉ. नुमान आरिफ
पीबीएम के हृदय रोग विभाग ने चलाया जन जागरण अभियान, विशेषज्ञ चिकित्सकों ने बताए स्वस्थ हृदय के मूल मंत्र
बीकानेर, 29 सितम्बर।
विश्व हृदय दिवस के अवसर पर हल्दीराम हार्ट हॉस्पिटल, पीबीएम अस्पताल के हृदय रोग विभाग की ओर मंगलवार को से जन जागरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस वर्ष विश्व हृदय दिवस की थीम “डोंट मिस ए बीट” के अनुरूप विशेषज्ञ चिकित्सकों ने आमजन को संदेश दिया ।
हृदय रोग विभागाध्यक्ष डॉ. पिंटू नाहटा ने आमजन से स्वस्थ हृदय के लिए बताए 5 मूल बिन्दु
1. संतुलित एवं पोष्टिक आहार जिसमें सब्जी एवं फल की मात्रा प्रचुर हो तथा स्टोर्ड एवं जंक फूड से बचना ।
2. शारीरिक श्रम जिसमें नियमित भ्रमण, सप्ताह में कम से कम 150 मिनट की मध्यम व्यायाम तथा योगा एवं प्रणायाम करना।
3. तम्बाकू और धूम्रपान, मदिरापान से दुर रहना, क्यांेकि ये रक्त वाहिनियों को संकुचित करके हार्ट अटैक को न्यौता देती है।
4. रक्तचाप, मधुमेह, मोटापा तथा ब्लड कॉलेस्ट्रॉल स्तर पर पूर्ण नियंत्रण रखना।
5. मानसिक तनाव को कम करना व सकारात्मक सोच के साथ जीवन निर्वाह करें इसके लिए ध्यान मेडिटेशन की आदत डालना जिससे हार्ट का ऑटोनोमी तंत्रिका तंत्र हार्ट की धड़कन को नियमित रखी जा सकती है।
*लक्षणों को न करें नजरअंदाज, नियमित फॉलोअप भी जरूरी*
डॉ. दिनेश चौधरी ने हृदय रोग से जुड़े लक्षण दिखाई देने पर तत्काल चिकित्सकीय सलाह लेने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पहले से हृदय रोग का उपचार ले रहे मरीज चिकित्सक द्वारा निर्धारित दवाओं और नियमित फॉलोअप में लापरवाही न बरतें।
*सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं और कार्डियक सेंटर की सुविधाओं की दी जानकारी*
हार्ट हॉस्पिटल के चिकित्सा अधिकारी एवं प्रभारी डॉ. देवेन्द्र अग्रवाल ने केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं की जानकारी देते हुए हल्दीराम मूलचन्द कार्डियक सेन्टर में उपलब्ध हृदय रोग उपचार संबंधी सुविधाओं के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने हार्ट हॉस्पिटल मंे नवीन सुविधाएं शीघ्र उपलब्ध होने की जानकारी प्रदान करते हुए कहा कि नया कार्डियक आपातकालीन परिसर 15 बेड से सुसज्जित, एक नई इको मशीन एवं उसके लिए नया परिसर व वेटिंग हॉल, दो नए ओपीडी कक्ष (चुंकि प्रतिदिन ओपीडी में 500-600 मरीज परामर्श के लिए आते है) की विस्तार किया जा रहा है, इसके अतिरिक्त तीसरी नई कैथ लेब एवं उसका कक्ष साथ में कैथ लेब आईसीयू 20 बेडेड सुसज्जित वार्ड की सुविधाएं मरीजों को शीघ्र मिलेगी। विभिन्न प्रकार की सरकारी योजनओं के द्वारा हार्ट हॉस्पिटल में गरीब मरीजों को महंगे इलाज की सुविधाएं निःशुल्क उपलब्ध करवायी जा रही है, जिसमें एंजियोग्राफी, एंजियोप्लास्टी एवं स्टेटींग, पेस मेकर, इलेक्ट्रोफिजियोलॉजी एबलेशन, डीवाइस क्लोजर, आधुनिक तरीके से जटील एंजियोप्लास्टी, बिना चीरफाड़ के वाल प्रत्यारोपण एवं पैरो की नाड़ीयों में फसा हुआ ब्लड क्लॉट निकालने के बारे में बताया। वर्तमान में प्रतिदिन दो कैथ लेब के द्वारा 30-35 प्रोसिजर किये जा रहे है तथा मरीजों को अब न तो ज्यादा दिन प्रतीक्षा करनी पड रही है और न ही बीकानेर से बाहर रेफर किया जा रहा है।
उल्लेखनीय है कि हार्ट अस्पताल के अकादमिक गतिविधियां निरंतर बढ़ने पर एनएमसी दिल्ली ने पूर्व में चार डीएम कार्डियोलॉजी की सीट को बढ़ाकर 5 सीट करने का निणर्य लिया है। इसके अतिरिक्त विभाग में शोधकार्य एवं शोध पत्र चिकित्सकों द्वारा समय समय पर देश-विदेश में प्रस्तुत किये जा रहे है।
कार्यक्रम में डॉ. सुनील बुडानिया, डॉ. राम गोपाल कुमावत, डॉ. रतन लाल रांका तथा डॉ. राजवीर बेनीवाल, डॉ. नुमान आरिफ ने भी हृदय रोगों की रोकथाम, समय पर पहचान और उपचार को लेकर अपने विचार साझा किए।
*सोशल मीडिया की डाइट संबंधी भ्रामक सलाह से रहें सावधान*
कार्यक्रम की समन्वयक एवं डायटिशियन डॉ. मीनाक्षी जाखड़ ने सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाली आहार संबंधी भ्रामक जानकारियों से सावधान रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि हृदय रोगियों सहित आमजन को खान-पान में बड़ा बदलाव करने से पहले योग्य चिकित्सक अथवा आहार विशेषज्ञ की सलाह लेनी चाहिए।




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