बीकानेर के व्यापार जगत को पसंद है यूपीआई, बशर्ते कोई शुल्क न हो

व्यापार एवं उद्योग जगत पहले से आर्थिक दबाव में, ऐसे समय में अतिरिक्त शुल्क स्वीकार्य नहीं : बीकानेर व्यापार उद्योग मंडल

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बीकानेर के व्यापार जगत को पसंद है यूपीआई, बशर्ते कोई शुल्क न हो 
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बीकानेर के व्यापार जगत को पसंद है यूपीआई, बशर्ते कोई शुल्क न हो 
यूपीआई लेनदेन पर एमडीआर शुल्क लगाने के निर्णय का बीकानेर व्यापार उद्योग मंडल ने किया कड़ा विरोध

व्यापार एवं उद्योग जगत पहले से आर्थिक दबाव में, ऐसे समय में अतिरिक्त शुल्क स्वीकार्य नहीं : बीकानेर व्यापार उद्योग मंडल

बीकानेर, 28 सितंबर 2026।

बीकानेर व्यापार उद्योग मंडल ने ₹2,000 से अधिक के निर्धारित यूपीआई व्यापारी लेनदेन पर 0.4 प्रतिशत व्यापारी छूट दर (एमडीआर) लागू किए जाने के निर्णय का कड़ा विरोध करते हुए केंद्र सरकार से इस व्यवस्था को तत्काल वापस लेने की मांग की है।

मंडल ने कहा कि नई व्यवस्था के तहत ₹2,000 से अधिक के निर्धारित व्यापारी भुगतान वाले यूपीआई लेनदेन पर 0.4 प्रतिशत एमडीआर तथा ₹75,000 या उससे अधिक के लेनदेन पर अधिकतम ₹300 प्रति लेनदेन शुल्क निर्धारित किया गया है।

मंडल के अनुसार, इस व्यवस्था से पात्र यूपीआई लेनदेन करने वाले व्यापारियों की भुगतान-प्राप्ति लागत बढ़ेगी और इसका असर उनके लाभ मार्जिन पर पड़ सकता है।

बीकानेर व्यापार उद्योग मंडल के अध्यक्ष जुगल राठी ने कहा कि देश का व्यापार एवं उद्योग जगत पहले से ही कठिन आर्थिक परिस्थितियों से गुजर रहा है। नोटबंदी, जीएसटी के प्रारंभिक दौर की जटिलताओं, कोविड महामारी तथा लगातार बढ़ती महंगाई का व्यापार एवं उद्योग पर व्यापक प्रभाव पड़ा है। वर्तमान में बाजार में मांग पर दबाव है, उपभोक्ताओं की क्रय शक्ति प्रभावित है, व्यापार की वृद्धि दर चुनौतीपूर्ण स्थिति में है तथा व्यापारियों एवं उद्योगों के लाभ मार्जिन पर लगातार दबाव बना हुआ है। उन्होंने कहा कि ऐसे समय में व्यापारियों की लागत कम करने और व्यापार को प्रोत्साहित करने की आवश्यकता है, न कि डिजिटल भुगतान पर अतिरिक्त लागत डालने की।

मंडल के सचिव संजय जैन सांड ने कहा कि यूपीआई देश की डिजिटल अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार बन चुका है। व्यापारियों ने सरकार की डिजिटल इंडिया एवं डिजिटल अर्थव्यवस्था की पहल को स्वीकार करते हुए यूपीआई को व्यापक रूप से अपनाया है। ऐसे में यूपीआई जैसे डिजिटल भुगतान माध्यम पर एमडीआर लागू करना व्यापारियों के लिए अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ाने वाला कदम है। उन्होंने कहा कि व्यापारियों के सामने पहले से ही किराया, बिजली, कर्मचारी, परिवहन, बैंकिंग एवं अन्य परिचालन लागत बढ़ने की चुनौती है। ऐसे में डिजिटल भुगतान पर अतिरिक्त शुल्क लगाने से व्यापारियों के लाभ मार्जिन पर और दबाव पड़ेगा।

मंडल की प्रमुख मांगें

- ₹2,000 से अधिक के निर्धारित यूपीआई व्यापारी लेनदेन पर 0.4 प्रतिशत एमडीआर तत्काल वापस लिया जाए।

- यूपीआई को व्यापारियों के लिए पूर्णतः शुल्क-मुक्त डिजिटल भुगतान माध्यम बनाए रखा जाए।

- भविष्य में यूपीआई अथवा अन्य डिजिटल भुगतान प्रणाली पर शुल्क संबंधी कोई निर्णय लेने से पहले व्यापार एवं उद्योग संगठनों से व्यापक विचार-विमर्श किया जाए।

- वर्तमान आर्थिक परिस्थितियों को देखते हुए व्यापार एवं उद्योग की लागत कम करने के लिए राहतकारी कदम उठाए जाएं।

बीकानेर व्यापार उद्योग मंडल ने स्पष्ट किया कि व्यापार एवं उद्योग जगत इस अतिरिक्त आर्थिक बोझ को कदापि बर्दाश्त नहीं करेगा और इस निर्णय का पुरजोर विरोध करेगा।

मंडल ने केंद्रीय वित्त मंत्री से यूपीआई पर एमडीआर लागू करने के निर्णय पर तत्काल पुनर्विचार कर इसे वापस लेने की मांग की है।



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